बहिबल गोलीकांड केस में SIT ने लोगों से मांगी जानकारी: घटना से संबंधित बयान दर्ज करने की अपील, पीड़ित परिवार बोले-अब सिर्फ आखिरी उम्मीद – Faridkot News

बहिबल गोलीकांड केस में SIT ने लोगों से मांगी जानकारी:  घटना से संबंधित बयान दर्ज करने की अपील, पीड़ित परिवार बोले-अब सिर्फ आखिरी उम्मीद – Faridkot News




वर्ष 2015 के बहुचर्चित श्री गुरु ग्रंथ साहिब बेअदबी कांड के बाद हुए बहिबल कलां गोलीकांड मामले में इंसाफ की प्रक्रिया तेज हो गई है। मामले की जांच के लिए गठित नई विशेष जांच दल (SIT) ने अब अपनी कार्रवाई को रफ्तार दे दी है। एसआईटी ने एक सार्वजनिक नोटिस जारी कर आम लोगों से जांच में सहयोग करने की अपील की है। इसके साथ ही एक विशेष मोबाइल नंबर भी जारी किया गया है, जिस पर कोई भी व्यक्ति मामले से जुड़ी जानकारी साझा कर सकता है। जानकारी के अनुसार, नई एसआईटी पिछले दो दिनों से बहिबल कलां और उसके आसपास के इलाकों में लगातार कैंप कर रही है। एसआईटी सदस्य और डीआईजी बठिंडा रेंज, हरजीत सिंह ने खुद घटनास्थल का बारीकी से जायजा लिया और प्रत्यक्षदर्शियों व गवाहों से बातचीत की।एसआईटी के एक अन्य वरिष्ठ सदस्य एसपी सिमरजीत सिंह ने पुलिस चौकी बरगाड़ी में पूरा दिन बिताया और वहां पहुंचे लोगों व गवाहों के आधिकारिक बयान दर्ज किए। हेल्पलाइन नंबर जारी, सूचना देने वाले की पहचान रहेगी गुप्त एसआईटी द्वारा जारी सार्वजनिक नोटिस के अनुसार, बहिबल गोलीकांड के संदर्भ में थाना बाजाखाना में दर्ज एफआईआर नंबर 129 (दिनांक 14 अक्टूबर 2015) और एफआईआर नंबर 130 (दिनांक 21 अक्टूबर 2015) के संबंध में यदि किसी भी नागरिक के पास कोई प्रामाणिक जानकारी, सबूत या चश्मदीद गवाही है, तो वह सीधे एसआईटी से संपर्क कर सकता है। इसके लिए एसआईटी के संपर्क नंबर 95013-4384 पर संपर्क करें।जांच टीम ने स्पष्ट किया है कि जानकारी देने वाले व्यक्ति की पहचान को पूरी तरह से गुप्त और सुरक्षित रखा जाएगा। “यह न्याय की आखिरी उम्मीद…” — पीड़ित परिवार दूसरी ओर, बहिबल गोलीकांड के पीड़ित परिवार के सदस्य सुखराज सिंह नियामीवाला ने नई एसआईटी की कार्रवाई पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस नई जांच टीम से उन्हें न्याय की आखिरी उम्मीद बची है। सुखराज सिंह ने भावुक और कड़े लहजे में कहा कि अगर इस बार भी जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई और कोई ठोस नतीजा नहीं निकला, तो पुलिस और सरकार पर से सिख संगत का भरोसा हमेशा के लिए उठ जाएगा। पूर्व में भी कई गवाह अपने बयान दर्ज करा चुके हैं और वे आज भी अपनी बात पर कायम हैं। पिछली एसआईटी की जांच में रही कमियों के कारण मामला कमजोर हुआ था, इसलिए नई एसआईटी को बिना किसी दबाव के, पूरी तरह निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर जांच को अंजाम तक पहुंचाना चाहिए।” क्या है मामला? गौरतलब है कि वर्ष 2015 में फरीदकोट के बरगाड़ी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटना हुई थी। इसके विरोध में बहिबल कलां में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही सिख संगत पर पुलिस द्वारा कथित तौर पर गोलीबारी की गई थी, जिसमें दो सिख युवकों (कृष्ण भगवान सिंह और गुरजीत सिंह) की मौत हो गई थी। इसी मामले की कड़ियों को जोड़ने और दोषियों को सजा दिलाने के लिए इस नई एसआईटी का गठन किया गया है।



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