बरनाला में मनरेगा कर्मचारियों ने फूंकी वादों की गठरी: बोले- 18 साल से कच्ची नौकरी, 8 महीने से वेतन नहीं, घेराव की चेतावनी दी – Barnala News
पंजाब में मनरेगा कर्मचारियों का सरकार के खिलाफ संघर्ष लगातार तेज होता जा रहा है। बरनाला में ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के अधीन कार्यरत मनरेगा कर्मचारी यूनियन पंजाब के सदस्यों ने बरनाला-हंडियाया रोड पर रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और सरकार के कथित ‘झूठे वादों की पंड’ (गठरी) फूंककर अपना विरोध दर्ज कराया। धरने को संबोधित करते हुए राज्य कमेटी सदस्य गुरदीप दास शैहणा, ब्लॉक बरनाला के अध्यक्ष गगनदीप सिंह सिद्धू और ब्लॉक शैहणा के अध्यक्ष हरदेव सिंह सिद्धू ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने चुनाव से पहले कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने 18 वर्षों से विभिन्न पदों पर कार्यरत मनरेगा कर्मचारियों को नियमित करने से इनकार कर दिया है। यूनियन नेताओं ने बताया कि अपनी सेवाओं को विभाग में विलय कर नियमित किए जाने की मांग को लेकर कर्मचारी पिछले 38 दिनों से लगातार धरना दे रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप- पिछले आठ महीनों से वेतन नहीं मिला प्रदेश अध्यक्ष सेवक सिंह झंडूके, सीनियर उप-प्रधान हरिंदरपाल सिंह और प्रेस सचिव अमरीक सिंह मेहराज ने कहा कि 1 जून, 10 जून और 2 जुलाई को पंचायत मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंध और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के साथ हुई बैठकों में उनकी मांगों को उचित माना गया था। इसके बावजूद अभी तक कोई आदेश जारी नहीं किया गया। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें पिछले आठ महीनों से वेतन नहीं मिला है। बकाया वेतन जारी करने की बजाय कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की धमकियां दी जा रही हैं। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं तो 15 जुलाई को पंचायत मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंध के खन्ना स्थित आवास का घेराव किया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री भगवंत मान के आगामी जन कार्यक्रमों में पहुंचकर उनसे सीधे जवाब मांगा जाएगा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में मनरेगा कर्मचारी मौजूद रहे।
Source link

