पठानकोट में 2 ट्रकों में भीषण आग से अफरातफरी: प्रैशर टैंक में ब्लास्ट, आग बुझाने आई दमकल गाड़ी खराब; बाल्टियों से पाया काबू – Pathankot News
पठानकोट के एनएच-44 पर एमएसपी थिएटर के समीप एक मैकेनिक की वर्कशॉप के बाहर उस समय एक बड़ा और भयानक हादसा हो गया, जब वहां खड़े 2 ट्रकों में अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि दोनों ट्रक देखते ही देखते पूरी तरह से जलकर खाक हो गए। जबकि तीसरे ट्रक को भी काफी नुक्सान पहुंचा है। बताया जा रहा है कि यह हादसा एक ट्रक के टैंकर में हुए जोरदार धमाके के बाद हुआ। इस घटना के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया। हालांकि, गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। तीनों ट्रक जम्मू-कश्मीर के कठुआ से रिपेयर के लिए आए थे। आग बुझाने आई गाड़ी बनी लाचार, बाल्टियों से बुझाने लगे आग
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय दुकानदारों सुनील और अमित ने दमकल विभाग की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े करते हुए बताया कि जैसे ही वर्कशॉप के पास खड़े ट्रकों में धमाके के साथ भीषण आग लगी, तुरंत इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी गई। कुछ ही देर में पहली गाड़ी मौके पर पहुंच भी गई, लेकिन इसके बाद जो हुआ उसने प्रशासन के इमरजेंसी रिस्पॉन्स की पोल खोल दी। आग के मुहाने पर खड़ी दमकल की गाड़ी में पानी होने के बावजूद तकनीकी खराबी के चलते प्रेशर ही नहीं बन पाया। प्रेशर न बनने के कारण हाइड्रोलिक पाइप से पानी की एक बौछार तक नहीं छोड़ी जा सकी। जब अत्याधुनिक मशीनरी फेल हो गई, तो फायर ब्रिगेड के कर्मचारी और स्थानीय लोग असहाय होकर बाल्टियों में पानी भर-भरकर आग पर फेंकने को मजबूर हो गए। आधे घंटे की देरी से पहुंची दूसरी गाड़ी; तब तक सब कुछ स्वाहा
सुनील ने बताया कि पहली गाड़ी के फेल होने के बाद जब आनन-फानन में दूसरी गाड़ी के लिए संदेश भेजा गया, तो विभाग की सुस्ती का आलम यह था कि दूसरी गाड़ी पूरे आधे घंटे की देरी से घटनास्थल पर पहुंची। अगर फायर ब्रिगेड की पहली गाड़ी तकनीकी रूप से दुरुस्त होती या दूसरी गाड़ी समय पर आ जाती, तो दोनों ट्रकों को जलने से बचाया जा सकता था। आधे घंटे तक आग सरेआम तांडव मचाती रही। दुकानदारों ने अपनी जान पर खेलकर दुकानों में लगे वाटर कूलरों और पीने के पानी से आग रोकने की कोशिश की।
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