फरीदकोट में किसानों ने ट्रंप का पुतला फूंका: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को कृषि, डेयरी और पोल्ट्री के लिए खतरा बताया – Faridkot News
फरीदकोट में भारतीय किसान यूनियन (एकता सिद्धूपुर) की ओर से भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के विरोध में रोष मार्च निकालने के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पुतला फूंका गया। प्रदर्शन की अगुवाई किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने की। इस दौरान जगजीत सिंह डल्लेवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार देश के 140 करोड़ से अधिक नागरिकों के हितों की रक्षा करने के बजाय अमेरिका के दबाव में आकर देश के आर्थिक और कृषि हितों को नुकसान पहुंचाने वाले समझौते की दिशा में आगे बढ़ रही है। यह समझौता किसानों, डेयरी उत्पादकों और पोल्ट्री क्षेत्र के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकता है। डल्लेवाल ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) भारत की ओर से पहले भी राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर इस समझौते का विरोध किया जा चुका है। देश भर में पुतले फूंकने की चेतावनी इसके अलावा देशभर के जिला मुख्यालयों पर अमेरिकी राष्ट्रपति के पुतले फूंककर केंद्र सरकार को चेतावनी दी गई थी कि किसानों और आम लोगों के हितों से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।उन्होंने बताया कि वर्तमान में अमेरिका का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भारत दौरे पर है और दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते को लेकर बातचीत चल रही है। किसान संगठनों को आशंका है कि इस समझौते से भारतीय कृषि, डेयरी और पोल्ट्री क्षेत्र को भारी नुकसान हो सकता है। इसलिए उनकी मांग है कि इन क्षेत्रों को किसी भी मुक्त व्यापार समझौते से बाहर रखा जाए। किसान नेता ने यह भी मांग की कि विदेशों से आयात होने वाले कृषि और अन्य उत्पादों पर उचित आयात शुल्क लगाया जाए ताकि भारतीय किसानों और उत्पादकों के हित सुरक्षित रह सकें। 23 जून को जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया जाएगा-डल्लेवाल डल्लेवाल ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) भारत की ओर से 23 जून को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी इस मुद्दे को लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा और कृषि, डेयरी और पोल्ट्री क्षेत्रों को समझौते से बाहर रखने और देश के किसानों व आम जनता के हितों की रक्षा की मांग को बुलंद करेंगे।
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