पठानकोट में ED की रेड खत्म: दो क्रशर कारोबारियों, प्रापर्टी डीलर से दस्तावेजों के साथ डिजिटल डाटा जुटाने की चर्चा – Pathankot News
पठानकोट में दो क्रशर कारोबारियों, तारागढ़ के एक प्रॉपर्टी डीलर और एक स्थानीय नेता के ठिकानों पर चल रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई तीन दिनों के बाद शनिवार देर रात समाप्त हो गई। करीब 48 घंटे से अधिक समय तक चली जांच के बाद ईडी की टीमें वापस लौट गई हैं। सूत्रों के अनुसार, ईडी ने जांच के दौरान करीब 6 ठिकानों से संपत्ति, आय और आय के स्रोतों से जुड़े रिकॉर्ड और व्यवसाय से संबंधित कई अन्य दस्तावेजों की गहनता से पड़ताल की। चर्चा यह भी है कि ईडी अधिकारियों ने कारोबारियों के लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से डिजिटल डाटा भी एकत्र किया है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
सूत्रों के मुताबिक, ईडी की जांच का मुख्य केंद्र 92 एकड़ की चर्चित जमीन रही। ईडी की टीमों ने दो दिनों तक इस जमीन की पैमाइश करवाई और यहां हुई अवैध या वैध खनन गतिविधियों को लेकर संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट हासिल की। ईडी अधिकारियों ने दो दिनों तक इस विवादित जमीन की पैमाइश करवाई और खनन गतिविधियों से संबंधित रिपोर्ट जुटाई। फिलहाल ईडी की रेड खत्म हो चुकी है और टीमें वापस जा चुकी हैं। तीन दिनों तक चली इस पूरी कार्रवाई के संबंध में ED की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या आधिकारिक पुष्टि जारी नहीं की गई है। रावी में माइनिंग की गहराई मापने के लिए ड्रोन से की पैमाइश
नरोट जैमल सिंह क्षेत्र के रावी दरिया किनारे ED की टीमों ने अवैध खनन की ‘सटीक गहराई’ का पर्दाफाश करने के लिए हाईटेक ड्रोन कैमरों से पैमाइश कराई गई है। सुरक्षा बलों की कड़ी तैनाती के बीच अधिकारियों की टीमें अलग-अलग ठिकानों पर दस्तावेजों की बारीकी से जांच की है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई बड़े चेहरे बेनकाब हो सकते हैं। इन ठिकानों पर मुख्य रूप से हुई कार्रवाई ईडी की कार्रवाई का मुख्य केंद्र शहर के सियाली रोड और शाह कॉलोनी स्थित दो बड़े क्रशर कारोबारी रहे। इसके अलावा, कारोबारियों के नरोट जैमल सिंह और दतियाल स्थित स्टोन क्रशर यूनिटों पर भी छापेमारी कर रिकॉर्ड खंगाले गए। वहीं, तारागढ़ में एक प्रॉपर्टी डीलर के घर पर भी ईडी ने जांच की। बताया जा रहा है कि वह पहले कांग्रेस से जुड़ा था और आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद ‘आप’ में शामिल हो गया था। कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारूचक्क के गांव भी पहुंची ईडी की टीम तारागढ़ में ‘आप’ के पूर्व सरपंच के यहां रिकॉर्ड खंगालने और पूछताछ के बाद ईडी की टीम शाम को सुरक्षा बलों के साथ पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारूचक्क के गांव कटारूचक्क पहुंची। टीम ने वहां पूर्व सरपंच के एक रिश्तेदार और करीबी से पूछताछ की। ये लोग आम आदमी पार्टी से जुड़े हुए हैं और कैबिनेट मंत्री के करीबी माने जाते हैं। ईडी की इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर पूरी गोपनीयता बरती गई। इस संबंध में जब पठानकोट के एसएसपी दलजिंदर सिंह ढिल्लों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि ईडी एक केंद्रीय जांच एजेंसी है और इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय पुलिस को कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। बड़े अपडेट
1. रावी किनारे ड्रोन से नापी गई माइनिंग की गहराई: गोल और भट्टियां क्षेत्र की करीब 734 कनाल ज़मीन पर ड्रोन से मापन किया गया। ED यह पता लगा रही है कि स्वीकृत सीमा से कितना अधिक मटीरियल निकाला गया और माइनिंग माफिया ने कितना अवैध खनन किया है। 2. इनकम टैक्स की एंट्री, रिकॉर्ड ज़ब्त: ED की जांच के बीच अब आयकर विभाग की टीमों ने भी एंट्री कर ली है। कई चुनिंदा स्टोन क्रशरों के वित्तीय व व्यावसायिक रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। चर्चा है कि एक कारोबारी के ठिकाने से भारी मात्रा में कैश मिला है, जिसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। 3. 92 एकड़ पंचायत ज़मीन घोटाले पर कसता शिकंजा: बहुचर्चित गोल पंचायत की 92 एकड़ जमीन घोटाले में भी ईडी ने जांच तेज कर दी है। इसी विवादित ज़मीन पर माइनिंग की जा रही थी। पूर्व सरपंच, उनके करीबियों और पूर्व एडीसी समेत 8 आरोपियों के ठिकानों पर रेड के बाद अब वित्तीय कड़ियों को जोड़ा जा रहा है। लुधियाना और हिमाचल से जुड़े तार
ईडी की जांच का दायरा अब पठानकोट तक ही सीमित नहीं रहा है। एक क्रशर कारोबारी के लुधियाना के प्रॉपर्टी डीलर और हिमाचल प्रदेश के एक बड़े माइनिंग कारोबारी के साथ संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की पड़ताल की गई है।
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