पठानकोट में 60 डिस्पेंसरियों का काम ठप: कम्युनिटी हेल्थ अफसरों ने शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना; ऑनलाइन-ऑफलाइन स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह बंद – Pathankot News
पंजाब सरकार पर वादाखिलाफी और स्वास्थ्य विभाग पर कथित तानाशाही रवैये का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत कर्मचारियों और डॉक्टरों ने पठानकोट में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। इस प्रदर्शन में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर, कंप्यूटर ऑपरेटर और आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) से जुड़े विभिन्न शाखाओं के कर्मचारी शामिल हैं, जिन्होंने कामकाज पूरी तरह ठप कर दिया है। हड़ताल के कारण जिले की ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं। पठानकोट में 60 कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) हड़ताल पर हैं, जिससे जिले की 60 ग्रामीण डिस्पेंसरियां पूरी तरह बंद रहीं। इसके साथ ही डेटा कलेक्ट करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटरों और अन्य विंग्स के शामिल होने से ऑनलाइन और ऑफलाइन सारा सरकारी काम ठप हो गया है। इस कारण लोगों को इलाज के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ी। नेताओं ने चुनाव के समय इसी दरी पर बैठकर किए थे वादे धरने की अगुवाई कर रहीं कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर एवं यूनियन अध्यक्ष डॉ. विमुक्त ने भावुक और आक्रामक लहजे में सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज एक डॉक्टर होकर हमें मजबूरन दरी पर बैठना पड़ रहा है, क्योंकि हालात अब असहनीय हो चुके हैं। जब यह सरकार सत्ता में नहीं थी, तब इनके प्रतिनिधियों ने इसी दरी पर बैठकर वादा किया था कि सरकार बनते ही हमें सबसे पहले नियमित किया जाएगा। लेकिन आज हमें अनदेखा कर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने न तो उन्हें नियमित किया और न ही समान काम के बदले समान वेतन का अधिकार दिया है। कर्मचारियों की मांगें इस प्रकार है:- 60 डिस्पेंसरियां बंद, आम जनता से मांगी माफी पठानकोट में अकेले 60 कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर हड़ताल पर हैं, जिससे जिले की 60 ग्रामीण डिस्पेंसरियां पूरी तरह बंद रहीं। इसके साथ ही डेटा कलेक्शन से जुड़े कंप्यूटर ऑपरेटरों और अन्य विंग्स के शामिल होने के कारण ऑनलाइन और ऑफलाइन सभी सरकारी कामकाज ठप हो गया है। हड़ताल करना शौक नहीं मजबूरी डॉ. विमुक्त ने कहा कि हड़ताल के कारण जनता को होने वाली परेशानी के लिए वे हाथ जोड़कर पहले ही माफी मांगते हैं, लेकिन यह उनकी अस्तित्व की लड़ाई है। उन्होंने बताया कि करीब 14-15 दिन पहले वे नए विभाग के एमडी से मिले थे, जिन्होंने समय मांगा था, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, यह कामबंद हड़ताल जारी रहेगी। सिविल सर्जन को सौंपेंगे मांग पत्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे आज सिविल सर्जन पठानकोट से मुलाकात कर उनके माध्यम से सरकार को अपना अंतिम मांग पत्र सौंप रहे हैं। कर्मचारियों ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि या तो उनकी जायज मांगें पूरी की जाएं, अन्यथा आने वाले समय में कर्मचारी वर्ग बड़े आंदोलन के लिए पूरी तरह तैयार है।
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