डीएचओ को फूड कमिश्नर का जिम्मा आदेश मौखिक, लिखित का इंतजार – Amritsar News
भास्कर न्यूज | अमृतसर सेहत एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से 30 जून को जारी तबादला आदेशों के तहत जिला स्वास्थ्य अधिकारी (डीएचओ) और असिस्टेंट फूड कमिश्नर दोनों पदों पर बदलाव किया गया था। मानांवाला मानांवाला सीएचसी के एसएमओ डॉ. मंजीत सिंह रटौल को नया डीएचओ नियुक्त किया गया था। इसके साथ ही असिस्टेंट फूड कमिश्नर डॉ. राजिंदरपाल सिंह का तबादला सिविल सर्जन कार्यालय, जालंधर कर दिया गया। तबादला आदेशों के बाद डॉ. मंजीत सिंह रटौल को असिस्टेंट फूड कमिश्नर का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपे जाने की घोषणा की गई थी, लेकिन सूत्रों के अनुसार अभी तक इस संबंध में कोई लिखित आदेश जारी नहीं हुआ है। फिलहाल उन्हें केवल मौखिक रूप से यह जिम्मेदारी संभालने के लिए कहा गया है। विभाग में चर्चा है कि असिस्टेंट फूड कमिश्नर जैसे महत्वपूर्ण पद पर जल्द किसी अन्य डॉक्टर की नियमित तैनाती की जा सकती है। माना जा रहा है कि डॉ. रटौल को दिया गया अतिरिक्त कार्यभार फिलहाल अंतरिम व्यवस्था हो सकता है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। असिस्टेंट फूड कमिश्नर के अधीन कार्यरत फूड सेफ्टी अफसरों की टीम केवल बाजार से खाद्य पदार्थों के सैंपल लेने तक सीमित नहीं रहती। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, केंद्रीय मंत्रियों, विदेशी प्रतिनिधिमंडलों तथा अन्य वीआईपी मूवमेंट के दौरान यही टीम होटल, रसोई, लंगर और कैटरिंग स्थलों का निरीक्षण करती है। वीआईपी को परोसे जाने वाले भोजन और पेयजल के नमूने जांच के लिए हासिल किए जाते हैं तथा भोजन तैयार होने से लेकर परोसने तक पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखी जाती है, ताकि खाद्य सुरक्षा से जुड़ा कोई जोखिम न रहे। यदि इस दौरान कोई वीआईपी या वीवीआईपी मूवमेंट होती है, तो उसकी मानिटरिंग कार्यकारी सिविल सर्जन डॉ. रश्मि विज खुद करेंगी। त्योहारी सीजन और गर्मियों में दूध, पनीर, घी, मावा, मिठाइयों, मसालों, तेल, स्ट्रीट फूड और अन्य खाद्य पदार्थों की विशेष सैंपलिंग तथा मिलावट के खिलाफ अभियान चलाने की जिम्मेदारी भी इसी विंग पर होती है।इसके साथ ही विभाग ने अब आम जनता की सेहत को ध्यान में रखते हुए कमर कस ली है।
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