टांडा बाईपास पर नशे में धुत युवक का वीडियो वायरल: युवक लड़खड़ाता दिखा, पंजाब में नशे की स्थिति पर उठे सवाल – dasuya News
पंजाब के टांडा स्थित व्यस्त जालंधर-जम्मू हाईवे के जाजा बाईपास चौक पर नशे में धुत एक युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। करीब डेढ़ मिनट के इस वीडियो में युवक नशे की हालत में पूरी तरह लड़खड़ाता और खड़े-खड़े ही सोने का प्रयास करता दिखाई दे रहा है। राहगीरों द्वारा बनाए गए इस वीडियो को देखकर अंदेशा लगाया जा रहा है कि युवक ने संभवतः ‘चिट्टे’ या किसी अन्य भारी नशीले पदार्थ का सेवन किया हुआ था। दिन-रात ट्रकों और बसों की आवाजाही वाले इस व्यस्त चौक पर, जहाँ अक्सर पुलिस की गाड़ी भी तैनात रहती है, युवक की ऐसी हालत देखकर स्थानीय लोगों और राहगीरों ने गहरी चिंता और हैरानी जताई है। सरकारी दावों और जमीनी हकीकत पर उठे सवाल यह वीडियो पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन द्वारा राज्य को नशा मुक्त करने के बड़े-बड़े दावों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब टांडा पुलिस हर महीने नशामुक्त अभियान के तहत 20 से 25 मामले दर्ज कर रही है, तो इसके बावजूद नशा तस्करों के नेटवर्क के जरिए युवाओं तक नशीले पदार्थ आसानी से कैसे पहुंच रहे हैं? ओवरडोज़ से हो सकती है मौत: SMO डॉ. करण सैनी इस वायरल वीडियो के संबंध में जब सिविल हॉस्पिटल टांडा के सीनियर मेडिकल ऑफिसर (SMO) डॉ. करण सैनी से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि मेडिकल नशे की ओवरडोज़ और ‘चिट्टे’ का प्रभाव लगभग एक जैसा होता है। इसमें व्यक्ति का शरीर सुन्न हो जाता है और वह अजीब हरकतें करने लगता है। यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे, तो शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है, जो कई बार नशेड़ियों की मौत का कारण भी बनती है। डॉ. सैनी ने लोगों से अपील की कि केवल वीडियो बनाने के बजाय युवक की जान बचाने का प्रयास करें। ऐसे मामलों में तुरंत 108 एम्बुलेंस को फोन करें या मरीज को नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं। जमानत पर छूटकर दोबारा धंधे में उतर रहे तस्कर: थाना प्रभारी थाना टांडा के प्रभारी इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा ने बताया कि सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार नशा विरोधी अभियान मुस्तैदी से चलाया जा रहा है और तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। हालांकि, उन्होंने एक व्यावहारिक चुनौती का जिक्र करते हुए कहा कि कई आरोपी अदालत से जमानत पर रिहा होने के बाद दोबारा नशा बेचने के धंधे में संलिप्त हो जाते हैं। इंस्पेक्टर नागरा के मुताबिक, अकेले पिछले एक वर्ष के दौरान टांडा पुलिस ने लगभग 250 से 300 नशा करने वाले युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाने के लिए नशा मुक्ति केंद्रों में दाखिल करवाया है।
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