जालंधर पुलिस ने पाकिस्तान से जुड़े 3 आरोपी दबोचे: संवेदनशील सरकारी प्रतिष्ठानों की जासूसी कर सोशल मीडिया के जरिए भेज रहे थे खुफिया जानकारी – Jalandhar News

जालंधर पुलिस ने पाकिस्तान से जुड़े 3 आरोपी दबोचे:  संवेदनशील सरकारी प्रतिष्ठानों की जासूसी कर सोशल मीडिया के जरिए भेज रहे थे खुफिया जानकारी – Jalandhar News




जालंधर में पुलिस ने देश विरोधी गतिविधियोंके खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। जालंधर पुलिस ने पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के इशारे पर भारत की महत्वपूर्ण और संवेदनशील सरकारी इमारतों व प्रतिष्ठानों की जासूसी करने वाले तीन स्थानीय निवासियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी आकाओं के संपर्क में आए थे और उन्हें देश की खुफिया जानकारियां भेजने के बदले मोटी रकम मिल रही थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है और इसमें आने वाले दिनों में कई और चौंकाने वाले खुलासे तथा गिरफ्तारियां होने की उम्मीद है। जालंधर पुलिस कमिश्नर ने बताया की डीसीपी इन्वेस्टिगेशन, एडीसीपी इन्वेस्टिगेशन और डीएसपी इन्वेस्टिगेशन की अगुवाई में एक विशेष टीम ने शानदार काम करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए तीनों आरोपी जालंधर के ही रहने वाले हैं। आरोपियों की पहचान और पाकिस्तानी कनेक्शन
पुलिस कमिश्नर ने आगे कहा की पकड़े गए आरोपियों की पहचान प्रदीप सिंह (पुत्र हरदेव सिंह), भगत वर्मा और सचिन खोसला के रूप में हुई है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि ये तीनों आरोपी शहजाद पट्टी और समाज गुर्जर जैसे देश विरोधी तत्वों के कहने पर भारत में एंटी-नेशनल गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। ये हैंडलर्स इस समय पाकिस्तान में बैठकर अपना नेटवर्क चला रहे हैं। संवेदनशील ठिकानों की जासूसी
यह गिरोह मुख्य रूप से भारत के महत्वपूर्ण और संवेदनशील सरकारी प्रतिष्ठानों की रेकी करता था। आरोपियों ने न केवल पंजाब बल्कि देश के अन्य राज्यों का भी दौरा किया था। वहां जाकर उन्होंने महत्वपूर्ण सरकारी और सुरक्षा से जुड़ी इमारतों की खुफिया जानकारी, तस्वीरें और नक्शे जुटाए और उन्हें पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं को भेजा। पैसे का लेन-देन और सोशल मीडिया का जाल
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ये आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में आए थे। जालंधर पुलिस के पास इस बात के पुख्ता सबूत और रिकॉर्ड मौजूद हैं कि आरोपियों को इन देश विरोधी हरकतों के लिए बकायदा विदेशों से फंडिंग (पैसे) भेजी जा रही थी। बैंक खातों और चैट का पूरा रिकॉर्ड पुलिस के हाथ लग चुका है। UAPA के तहत मामला दर्ज, आगे भी होंगी गिरफ्तारियां
राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इस बेहद संवेदनशील मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं और यूएपीए के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि अभी जांच शुरुआती चरण में है और सुरक्षा कारणों से कई महत्वपूर्ण सबूतों का खुलासा नहीं किया जा सकता। इस पूरे नेक्सस में कई और लोग भी शामिल हैं, जिन्हें पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। जल्द ही इस मामले में और भी बड़ी गिरफ्तारियां देखने को मिलेंगी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *