जयपुर:बकाया चालान वाली गाड़ियों के नंबर LED स्क्रीन पर दिखेंगे: AI कैमरे ट्रैफिक सिग्नल पर 12 सेकेंड में पकड़ रहे; मर्सिडीज के 8 चालान पेडिंग मिले – Jaipur News
जयपुर में अब ट्रैफिक नियम बार-बार तोड़ने, बकाया चालान वाली गाड़ियों के नंबर चौराहे पर लगी बड़ी LED स्क्रीन पर दिखेंगे। यह शुरुआत रामबाग चौराहे पर 4 दिन पहले की गई है। इस चौराहे से गुजरने वाली गाड़ियों पर AI कैमरे नजर रखते हैं और चालान बकाया होने पर 12 सेकेंड में उनके नंबर सर्किल पर लगी LED स्क्रीन पर दिखाते हैं। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी उस गाड़ी को रोककर बकाया चालान की जानकारी देता है और गाड़ी के मालिक को चालान जमा कराने के लिए समझाता है। इसके बाद भी चालान जमान नहीं होता है तो अगली बार गाड़ी जब्त कर ली जाती है। इस एआई हाईटैक तकनीक ‘स्मार्ट व्हीकल चालान डिटेक्शन सिस्टम लॉन्च’ से चालान जमा नहीं कराने वाले वाहनों को पकड़ा जा रहा है। 4 दिन पहले प्रयोग के तौर पर शुरू की गई इस पहल में शुरुआती दौर में बड़ी संख्या में वाहनों की पहचान की गई है। ट्रैफिक पुलिसकर्मी गाड़ी के ड्राइवर को समझाकर जुर्माना जमा कराने की नसीहत दे रहे हैं। किसी गाड़ी का चालान बकाया नहीं होने पर उसे धन्यवाद भी दिया जाता है। ट्रैफिक पुलिस ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए अजमेरी गेट स्थित यादगार में कंट्रोल रूम भी तैयार किया है। शहर में ट्रैफिक पुलिस की इस पहल की दैनिक भास्कर ने पड़ताल की तो कई पहलू सामने आए। भास्कर टीम ने करीब 6 घंटे रामबाग चौराहे पर इसका रियलिटी चेक किया। पहले देखें ‘स्मार्ट व्हीकल चालान डिटेक्शन सिस्टम’ प्रोसेस की PHOTOS इन कंपनियों के साथ पुलिस ने सिस्टम किया लॉन्च
गौरतलब है कि राजस्थान पुलिस, Eva Bharat ने Crashfree Media और Cars24 के साथ मिलकर जयपुर में ‘स्मार्ट व्हीकल चालान डिटेक्शन सिस्टम’ लॉन्च किया है। यह सिस्टम स्मार्ट और डिजिटल रूप से जुड़े शहरी बुनियादी ढांचे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। रामबाग चौराहे पर प्रयोग के तौर पर लगाई गई बड़ी LED स्क्रीन पर बकाया चालान वाली गाड़ियों की रियल टाइम पहचान कर नंबर दिखाए जा रहे हैं। ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने बताए चालान तो चौंक गए गाड़ी मालिक
रामबाग सर्किल पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी राजेश गाड़ी मालिक को जुर्माना जमा कराने के लिए समझाते नजर आए। स्क्रीन पर अपनी गाड़ी के नंबर देख गाड़ी मालिक चौंक गए और खुद की गाड़ियों के बकाया चालान के बारे में पूछते रहे। कई गाड़ियों के आधा दर्जन से ज्यादा बकाया चालान का पता चला तो वे हक्के-बक्के रह गए। ये एआई कैमरे रामबाग चौराहे पर भवानी सिंह रोड, हाईकोर्ट सर्किल से आने वाली ट्रैफिक लाइट पर लगाया गया है। यहां जैसे ही गाड़ी रुकती है और किसी गाड़ी का चालान बकाया है या पॉल्यूशन, इंश्योरेंस और फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं है तो उसका नंबर सामने लगी LED स्क्रीन पर डिस्प्ले होता है। इसके बाद ट्रैफिक पुलिसकर्मी डिस्प्ले हुए नंबर की गाड़ी को ढूंढकर सड़क किनारे लगवाता है और ड्राइवर को बकाया चालान या पॉल्यूशन, इंश्योरेंस, फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं होने पर बनवाने की सलाह देते हैं। ट्रैफिक पुलिसकर्मी राजेश ने बताया- जिन गाड़ियों के 2 से ज्यादा चालान बकाया है, उनके मौके पर ही चालान किए जा रहे हैं। रोजाना सुबह से रात तक करीब 100 से ज्यादा वाहनों के बकाया चालान की कार्रवाई की जा रही है। राजेश ने बताया- कोई चोरी की गाड़ी होने पर एप में अलर्ट शो होगा। अब पढ़ें 5 केस: पुलिसकर्मी ने लोगों के चालान बताए तो ऐसे दिए रिएक्शन केस 1- चालान बकाया नहीं मिला, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट नहीं था रामबाग सर्किल पर लालबती पर एक हुंडई एक्सटर कार (RJ19 CN 26**) आकर रुकी तो 12 सेकेंड में चौराहे पर लगी LED बड़ी स्क्रीन पर कार के नंबर फ्लैश हुए। इसके बाद रामबाग चौराहे पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी राजेश ने ड्राइवर को रुकवाया। ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने पोस मशीन में चेक किया तो गाड़ी का चालान पेंडिंग नहीं था। हालांकि स्क्रिन पर नंबर होने के पीछे गाड़ी का पॉल्यूशन सर्टिफिकेट एक्सपायर होना मिला। इसकी जानकारी गाड़ी ड्राइवर को भी नहीं थी। ट्रैफिक पुलिसकर्मी राजेश ने बताया- गाड़ी मालिक ने 22 जनवरी 2022 को गाड़ी ली थी। इसके बाद कभी पॉल्यूशन सर्टिफिकेट नहीं बनवाया। इस पर गाड़ी ड्राइवर को समझाया गया कि जल्दी गाड़ी का पॉल्यूशन सर्टिफिकेट बनवाएं। गाड़ी ड्राइवर महेंद्र सिंह चौहान बोले- मेरी गाड़ी का नंबर डिस्प्ले हुआ था। उस पर मेरा चालान बता रहा था। इसके बाद इन्होंने देखा तो कोई चालान नहीं था। पॉल्यूशन सर्टिफिकेट पेंडिंग है, मैं जल्दी ही बनवा लूंगा। केस 2- मिले 13 चालान पेंडिंग LED स्क्रीन पर गाड़ी नंबर RJ25 CA 49** नंबर डिस्प्ले हुआ। इसके बाद गाड़ी ड्राइवर को पुलिस ने रुकवाया। गाड़ी के 13 चालान बकाया मिले। ये गाड़ी शैली नाम की महिला के नाम पर रजिस्टर्ड थी। इसके बाद गाड़ी चला रहे ड्राइवर ने 1000 रुपए का चालान मौके पर जमा करवाया। बाकी चालान का भी जल्दी भुगतान करने की बात कही। केस 3- मर्सिडीज के 8 चालान थे पेंडिंग LED स्क्रिन पर मर्सिडिज कार (RJ14 CH 80**) का नंबर डिस्पले होने पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने उसे रुकवाया। गाड़ी चला रहे युवक स्वर्ण ने गाड़ी रुकवाने का कारण पूछा तो पुलिसकर्मी ने बताया कि गाड़ी के 8 चालान बाकी हैं। युवक ने पूछा- ये चालान कब-कब के हैं। इस पर पुलिस ने बताया- लेटेस्ट चालान 27 मई रात 11:27 बजे का है। इसके साथ ही अप्रैल सहित अन्य चालानों की डेट की जानकारी दी। ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने पूछा- आपने चालान के रुपए जमान क्यों नहीं किए तो युवक बोला- मुझे इसकी जानकारी नहीं थी। युवक ने जल्दी ही सभी चालान चालान के रुपए जमा करवाने की बात कही। पुलिस ने हिदायत देकर युवक को छोड़ दिया कि यदि उन्होंने बकाया चालान जमा नहीं करवाए तो अगली बार इस ट्रैफिक लाइट पर गाड़ी आने पर जब्त की जाएगी। केस 4- होंडा सिटी गाड़ी के मिले 14 चालान करीब आधे घंटे बाद रेड लाइट पर होंडा सिटी कार (RJ14 CW 40**) का नंबर डिस्प्ले हुआ तो पुलिस ने गाड़ी को सड़क किनारे लगवाया। गाड़ी चला रही महिला को 14 चालान पेंडिंग होने की जानकारी दी। महिला ने कहा कि कार्रवाई उन पर करो न जिन्होंने किया, मैंने तो किया ही नहीं। महिला ने कहा- गाड़ी मेरे ससुर के नाम है। रामबाग के पास गली में हमारा घर है। महिला ने कहा- ये जानकारी मैं घर जाकर बता दूंगी। फिर चालान जमा करवा दिया जाएगा। इस पर ट्रैफिक पुलिस ने कहा- अभी आपका कोई फॉल्ट नहीं है। फिलहाल पुलिस समझा रही है। केस 5- कोई बकाया पेंडिंग चालान नहीं मिला तो जताया आभार ये एआई कैमरा बकाया चालान की गाड़ियों के ही नंबर डिस्प्ले नहीं करता। उन गाड़ियों के नंबर भी शो करता है, जो ट्रैफिक नियमों की पूरी तरह से पालना करते हैं। LED स्क्रीन पर मारुति ऑल्टो का नंबर RJ14 VC 31** डिस्प्ले हुआ। इसके नीचे लिखा था “NO CHALAN”। इस पर ट्रैफिक पुलिस ने जनता को अवेयर करने और गाड़ी ड्राइवर का आभार जताने के लिए रुकवाया। पुलिस ने जब गाड़ी ड्राइवर को रोका तो शुरुआती दौर में वे घबराए। हालांकि बाद में ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने यातायात नियमों की पालना करने पर उनकी तारीफ की और धन्यवाद दिया। गाड़ी चला रहे नरेंद्र सिंह ने बताया- ये अच्छी पहल है। मुझे अच्छे लगा कि पुलिस ने ट्रैफिक नियमों की पालना करने पर पुलिस ने मुझे मोटिवेट किया। ड्राइवर को प्रोत्साहित करने के लिए की पहल
Cars24 के फाउंडर और ग्रुप सीईओ विक्रम चोपड़ा ने बताया- सड़क सुरक्षा सबकी जिम्मेदारी है। CrashFree India के माध्यम से Cars24 अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर ऐसे समाधान विकसित कर रहा है, जो जवाबदेही बढ़ाएं। साथ ही सुरक्षित ड्राइविंग को प्रोत्साहित करें। जयपुर में रियल-टाइम इंटेलिजेंस से बार-बार नियम तोड़ने वालों की पहचान करने और सड़कों पर पालना में मदद कर सकती है।
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