जगराओं में किसानों ने पावरकॉम कार्यालय घेरा: बोले-बिजली नहीं आने से मोटरें बंद, खेत सूखे; सरकार वादे निभाने में नाकाम – Jagraon News
लुधियाना जिले के जगराओं में धान की रोपाई के महत्वपूर्ण समय में बिजली संकट गहरा गया है। सरकार द्वारा खेतों की मोटरों को प्रतिदिन 8 घंटे निर्बाध बिजली देने के दावे मंगलवार को एक बार फिर विफल साबित हुए। पर्याप्त बिजली न मिलने से नाराज किसानों ने सिधवां बेट रोड स्थित पावरकॉम कार्यालय का घेराव कर पंजाब सरकार और पावरकॉम प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। भारतीय किसान यूनियन एकता डकौंदा की अगुवाई में यह प्रदर्शन हुआ। किसानों ने दी जाम लगाने की चेतावनी किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 48 घंटे में बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो वे सड़कों पर उतरकर चक्का जाम करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और पावरकॉम की होगी। शहर के बाद अब ग्रामीण क्षेत्र भी भीषण बिजली संकट की चपेट में हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। किसानों का कहना है कि बिजली के अभाव में खेतों की मोटरें घंटों बंद पड़ी हैं, जिससे धान की रोपाई के लिए समय पर पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इस स्थिति के कारण किसानों के सामने अपनी फसल बचाने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ‘सरकार ने किए थे 8 घंटे बिजली देने के वादे’ किसान नेताओं ने कहा कि एक तरफ आसमान से भीषण गर्मी पड़ रही है और दूसरी तरफ सरकार किसानों को बिजली के लिए तरसा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि धान की रोपाई के समय पानी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, लेकिन बिजली नहीं मिलने से मोटरें बंद हैं। सरकार ने चुनावों और बैठकों में 8 घंटे बिजली देने के बड़े-बड़े वादे किए थे, जो केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं। नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि मौसम विभाग ने पहले ही भीषण गर्मी और कमजोर मानसून की चेतावनी दी थी। इसके बावजूद, सरकार ने बिजली उत्पादन और आपूर्ति बढ़ाने के लिए कोई प्रभावी योजना नहीं बनाई। पावरकॉम में कर्मचारियों की कमी, बिजली प्रबंधन की लापरवाही और सरकार की अनदेखी का सीधा नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है। एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को सौंपा ज्ञापन किसानों ने कहा कि बदलाव का दावा करने वाली मौजूदा सरकार भी पिछली सरकारों की राह पर चल रही है। किसानों की सबसे बुनियादी जरूरतें तक पूरी नहीं हो रही। यदि यही हाल रहा तो पूरे इलाके में बड़ा किसान आंदोलन खड़ा किया जाएगा। प्रदर्शन के बाद किसानों ने एग्जीक्यूटिव इंजीनियर महिंदर सिंह सिद्धू को ज्ञापन सौंपकर स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि एक-दो दिनों के भीतर बिजली आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो सड़कें जाम कर संघर्ष तेज किया जाएगा। ये पदाधिकारी रहे शामिल ज्ञापने देने वालों में ब्लॉक प्रधान तरसेम सिंह, जगजीत सिंह कलेर और गांव गालिब कलां के सरपंच गुरचरण सिंह सहित डल्ला, बसूवाल, भमाल, अमरगढ़ कलेर और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। वहीं प्रदर्शन में किसान नेता जगन्नाथ संगराव, जसविंदर सिंह, हरजिंदर सिंह, कुलविंदर सिंह काला डल्ला, रणजीत सिंह, अजमेर सिंह, कमलजीत सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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