जगराओं पुल की दीवारें दरकीं: एक साल में भी नगर निगम नहीं बना पाया एस्टीमेट – Ludhiana News
महानगर की लाइफलाइन और सबसे व्यस्ततम जगराओं पुल प्रशासनिक लापरवाही के कारण कभी भी बड़ी दुर्घटना का सबब बन सकता है। बीते साल भारी बारिश के कारण पुल की सुरक्षा दीवार का एक बड़ा हिस्सा ढह गया था। इसके बाद मिल्लरगंज की तरफ जाने वाले हिस्से को बेहद खतरनाक मानते हुए अनसेफ (असुरक्षित) तो घोषित कर दिया गया, लेकिन निगम के इंजीनियरों की नींद एक साल बाद भी नहीं टूटी। हैरान करने वाली बात यह है कि एक पूरा बरसाती सीजन बीत जाने और अब दूसरा सीजन शुरू होने के बावजूद नगर निगम इस पुल की मरम्मत या नए निर्माण का एक एस्टीमेट तक तैयार नहीं कर सका है। हालात इतने बदतर हैं कि पुल के ऊपर एक जगह से सड़क धंसनी शुरू हो चुकी है। दिल्ली, जालंधर और अमृतसर जाने के लिए यह सबसे मुख्य और सुविधाजनक रास्ता है। वर्ल्ड क्लास प्रोजेक्ट में पुल बनना संभव नहीं निगम के एसई रणजीत सिंह ने दावा किया था कि इस पुल को चौड़ा करने और ठीक करने का काम वर्ल्ड क्लास सड़कों वाले प्रोजेक्ट के तहत किया जा रहा है। जब भास्कर ने वर्ल्ड क्लास रोड प्रोजेक्ट के मेंबर राहुल वर्मा से इस दावे को क्रॉस-चेक किया तो वर्मा ने स्पष्ट किया, प्रोजेक्ट में जगराओं पुल को चौड़ा करना या रिटेनिंग वॉल बनाने जैसा कोई भी काम कार्यक्षेत्र में शामिल ही नहीं है। वे सिर्फ सड़कों को वर्ल्ड क्लास बनाकर देंगे, पुल को नहीं। चूहे-झाड़ियों ने खोखला किया ढांचा, खतरा बढ़ा जोरदार बरसात से शहर को बड़े हादसे का खतरा…नींव खोखली, पुल पर भी सड़क धंसी पिछली बरसात में ढहा था सुरक्षा दीवार का हिस्सा योजनाओं के जाल में न फंसाए निगम: जगराओं पुल की हालात बेहद नाजुक हैं। दोनों तरफ की दीवारें खोखली हो चुकी हैं। सबसे बड़ा खतरा यह है कि ठीक नीचे से रेलवे लाइनें गुजरती हैं। भारी बरसात में पुल बैठा, तो यह सिर्फ सड़क हादसा नहीं बल्कि एक बड़ी रेल त्रासदी भी बन सकता है। राहुल, सदस्य, पंजाब रोड सेफ्टी काउंसिल। रिपोर्ट तलब की जाएगी : संबंधित बीएंडआर ब्रांच के अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी जा रही है कि आखिर यह फाइल कहां और क्यों अटकी है। चूंकि अभी बरसाती सीजन है, इसलिए यात्रियों की सुरक्षा के लिए मौके पर जो भी तात्कालिक मेंटेनेंस या मरम्मत हो सकती है, उसे तुरंत शुरू करने के निर्देश दे दिए गए हैं। -ओजस्वी अलंकार निगम कमिश्नर पुल के मौजूदा हालात ये हैं चूहों ने पुल की नींव और सुरक्षा दीवारों के आसपास बड़े-बड़े होल (गड्ढे) कर दिए हैं, पुल का ढांचा पूरी तरह खोखला हो चुका है। पुल की दीवारों और जोड़ों के भीतर बड़े पैमाने पर जंगली घास और झाड़ियां उग आई हैं। इनकी जड़ें दीवारों को अंदर से फाड़ रही हैं। जलभराव की गंभीर समस्या है।
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