कुल्हड़ पिज़्ज़ा वाले सहज ने प्रेमानंद जी से किया स्वाल: महाराज जी बोले- तुम पहले इंसान हो,जन्मदिन ऐसे मने, कि मृत्यु सुधर जाए – Ludhiana News
पंजाब के जालंधर के मशहूर ‘कुल्हड़ पिज़्ज़ा’ कपल के सहज अरोड़ा अपने जन्मदिन के विशेष अवसर पर श्रीधाम वृंदावन स्थित ‘श्री हित राधा केलि कुंज’ पहुंचे। यहां उन्होंने परम पूज्य संत श्री प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। लेकिन इस दौरान सहज ने महाराज जी के सामने एक ऐसी बात कह दी, जिसे सुनकर महाराज जी ने कहा कि “तुम पहले आदमी हो जो ऐसा बोल रहे हो। आइए जानते हैं कि सहज ने ऐसा क्या कहा और प्रेमानंद जी महाराज ने जन्मदिन मनाने का क्या असली तरीका बताया। जिंदगी का एक और साल कम हो गया… सहज अरोड़ा ने एक वीडियो अपनी इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया जिसमें देखा जा सकता है कि सहज अरोड़ा संगत के बीच बैठे हैं। वह हाथ जोड़कर प्रेमानंद जी से कहते हैं,महाराज जी, आज मेरा जन्मदिन है जिंदगी का एक और साल कम हो गया। अमूमन लोग अपने जन्मदिन पर ‘एक साल बड़े होने’ की खुशी मनाते हैं, लेकिन सहज के इस वैराग्यपूर्ण और सत्य वचन ने महाराज जी का ध्यान खींचा। महाराज जी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया,तुम पहले आदमी हो जो ऐसा बोल रहे हो, नहीं तो प्राय: लोग खुशी मनाते हैं। आनंद का नहीं, विचार का विषय है जन्मदिन प्रेमानंद जी महाराज ने इस अवसर पर जीवन का बहुत गहरा फलसफा समझाया। उन्होंने कहा कि जन्मदिन पर आनंदित होना ठीक है, लेकिन असल में यह विचार करने का विषय है। महाराज जी ने कहा विचार कीजिए कि आनंद का विषय नहीं है, विचार का विषय है। पता नहीं अब हमें कितने दिन और रहना है इस भूमि में लेकिन एक वर्ष चला गया। जो हम कार्य करने के लिए यहाँ आए हैं, उस पर हमारी दृष्टि गई कि नहीं? महाराज जी ने बताया जन्मदिन मनाने का सच्चा तरीका अक्सर लोग जन्मदिन पर पार्टियां करते हैं और फिजूलखर्ची करते हैं, लेकिन महाराज जी ने इस दिन को सार्थक बनाने के लिए 3 सूत्रीय उपाय बताए। उन्होंने कहा कि 24 घंटे का उत्सव मनाने के बहाने ही सही,
लेकिन ये काम जरूर करने चाहिए: 5 घंटे का नाम कीर्तन: जन्मदिन के दिन कम से कम 5 घंटे भगवान का नाम कीर्तन या गुरुवाणी का पाठ करना चाहिए। संतों-भक्तों को भोजन: इस विशेष दिन कुछ संत-भक्तों और जरूरतमंदों को भोजन करवाना चाहिए। गलतियों का पश्चाताप और संकल्प: यह दृढ़ निश्चय करना चाहिए कि बीते वर्ष में हमसे जो भी गलतियां या पाप हुए हैं, वो आगे जीवन में दोबारा न हों। तब जाकर आपका जन्म सार्थक है। जन्मदिन ऐसे मने, कि मृत्यु सुधर जाए… प्रेमानंद जी महाराज ने अपनी बात का समापन एक बेहद मार्मिक और गहरी पंक्ति से किया। उन्होंने कहा,ऐसा हमारा जन्मदिन मने कि हमारी मृत्यु सुधर जाए। अर्थात, जन्मदिन केवल केक काटने का दिन नहीं है, बल्कि यह आत्म-मंथन करने और अपने परलोक (मृत्यु के बाद की यात्रा) को सुधारने के लिए सत्कर्म करने का दिन है। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। लोग सहज अरोड़ा के इस सवाल और उस पर प्रेमानंद जी महाराज द्वारा दिए गए ज्ञानवर्धक जवाब की खूब सराहना कर रहे हैं। फैंस का मानना है कि आज की युवा पीढ़ी को जन्मदिन मनाने की यह नई और आध्यात्मिक राह जरूर अपनानी चाहिए।
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