पठानकोट में बिजली आपूर्ति बाधित: 13 घंटे लंबे कट से पानी की सप्लाई रही ठप, इन्वर्टर बंद; परेशान होते रहे लोग – Pathankot News
पठानकोट और आसपास के इलाकों में तेज गर्मी के बीच बिजली के अघोषित कटों ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रविवार को शहर में बिजली आपूर्ति इस कदर बुरी तरह प्रभावित हुई कि लोगों का जीना मुहाल हो गया। क्षेत्र में लगातार 13 घंटे तक बिजली गुल रहने के कारण हाहाकार मचा रहा।
बता दें, रविवार दोपहर करीब 1 बजे अचानक गुल हुई बिजली ने लोगों को पूरे दिन और रात भर तड़पाया। यह ब्लैकआउट इतना लंबा था कि देर रात तक भी बिजली बहाल नहीं हो सकी।
आखिरकार, रात के 2:30 बजे जाकर बिजली की आपूर्ति दोबारा शुरू हो पाई। इस भीषण बिजली कटौती के कारण लोगों को उमस और गर्मी में बेहद कठिन समय का सामना करना पड़ा।
इन्वर्टर थमे, पानी को तरसे लोग
बिजली कट इतना लंबा था कि घरों में लगे बैकअप सिस्टम भी पूरी तरह फेल हो गए। लगातार 12-13 घंटे तक बिजली न आने की वजह से लगभग सभी घरों के इन्वर्टर शाम होते-होते पूरी तरह डिस्चार्ज हो गए। इसके बाद घरों में पूरी तरह अंधेरा छा गया और पंखे-कूलर सब बंद हो गए। बिजली न होने का सीधा असर शहर की वाटर सप्लाई पर पड़ा। ट्यूबवेल और मोटर न चलने के कारण लोगों के घरों में पानी नहीं पहुंचा। जिससे गर्मी के मौसम में लोगों को परेशान होना पड़ा।
शिकायत केंद्र से लेकर अधिकारियों तक ने साधी चुप्पी
संकट की इस घड़ी में बिजली उपभोक्ताओं को विभाग का कोई सहयोग नहीं मिला। जब परेशान लोगों ने बिजली कट का कारण और बिजली आने का समय जानने के लिए बिजली बोर्ड के शिकायत केंद्र और संबंधित अधिकारियों को संपर्क करने की कोशिश की, तो अधिकारियों ने अपने फोन उठाना ही मुनासिब नहीं समझा। कई अधिकारियों के फोन लगातार व्यस्त आते रहे या रिंग होने के बावजूद रिसीव नहीं किए गए। विभागीय अधिकारियों के इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये के कारण जनता में भारी रोष देखा गया।
1912 हेल्पलाइन भी महज दिखावा
शहर के प्रताप नगर निवासी कौशल शर्मा ने बताया कि रविवार को दिन भर में 4 बार 1912 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करवाई गई। लेकिन, हर बार एक ही जवाब सुनने को मिला कि पॉवरहाउस से कोई फीडबैक नहीं मिल रही है। आपकी शिकायत दर्ज कर ली गई है, जल्द ही समाधान करवा दिया जाएगा। वहां बार-बार फोन करने के बावजूद को हल नहीं हुआ। स्थानीय जेई दुर्गा दास को कई बार फोन किया पर उन्होंने फोन नहीं उठाया।
रात भर सड़कों और छतों पर टहलते रहे लोग
रात के समय बिजली न होने और इन्वर्टर बंद हो जाने के कारण कमरे भी तपने लगे। उमस भरी गर्मी से बेहाल होकर लोग अपने घरों से बाहर निकलने पर मजबूर हो गए। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं रात भर छतों पर और सड़कों पर टहलते हुए बिजली आने का इंतजार करते दिखे। नींद पूरी न होने के कारण कामकाजी लोगों और बच्चों का पूरा शेड्यूल बिगड़ गया। ऐसे में कई बच्चे सुबह स्कूल नहीं जा पाए।
रोजाना लग रहे अघोषित कटों से जनता में भारी रोष
स्थानीय निवासियों का कहना है कि बिजली विभाग बिना किसी पूर्व सूचना के इतने लंबे कट लगा रहा है। गर्मी के इस मौसम में 13 घंटे तक बिजली-पानी गायब रहना और ऊपर से अधिकारियों द्वारा फोन न उठाना प्रशासनिक नाकामी और संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। लोगों ने मांग की है कि लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं, इस पूरे मामले पर जेई दुर्गा दास के मोबाइल नंबर 9417385631 और एसडीओ के नंबर 9646113105 पर संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने बार-बार नंबर मिलाने पर भी फोन नहीं उठाया।
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