कपूरथला में मेयर के लिए कल घमासान: कड़ी सुरक्षा और वीडियोग्राफी के बीच होगा मतदान, पार्षदों के फोन बंद होने से जोड़तोड़ की चर्चा – Kapurthala News
कपूरथला नगर निगम में मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के प्रतिष्ठित पदों के लिए कल 8 जुलाई को होने वाले चुनाव को लेकर स्थानीय प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल चरम पर पहुंच गई है। नगर निगम प्रशासन ने इस महत्वपूर्ण चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। नगर निगम कमिश्नर अनुपम कलेर ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि यह पूरी चुनाव प्रक्रिया डिविजनल कमिश्नर अजय बुबलानी की सीधी देखरेख में और कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच आयोजित की जाएगी। चुनाव में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी मतदान प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी और पार्षदों द्वारा हाथ उठाकर (हैंड रेज़) मत डाले जाएंगे। गौरतलब है कि 5 जुलाई को ही नवनिर्वाचित पार्षदों का भव्य शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ था, जिसके तुरंत बाद प्रशासन ने 8 जुलाई को दोपहर 3 बजे निगम के मीटिंग हॉल में चुनाव बैठक बुलाने का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया था।
बहुमत के बावजूद कांग्रेस खेमे में सेंधमारी का डर, जोड़-तोड़ की राजनीति तेज कपूरथला नगर निगम के इस चुनाव में कुल 50 पार्षद हिस्सा लेंगे, जिनमें संख्या बल के हिसाब से विपक्षी दल कांग्रेस के पास स्पष्ट बहुमत मौजूद है। इसके बावजूद, शहर का राजनीतिक माहौल बेहद गर्माया हुआ है और पर्दे के पीछे जोड़-तोड़ की चर्चाएं लगातार तेज हो रही हैं। राजनीतिक हलकों में कयासों का बाजार गर्म है कि नोटिफिकेशन जारी होने में प्रशासनिक देरी और सत्ता पक्ष के बड़े नेताओं की अचानक बढ़ी सक्रियता से कांग्रेस के मजबूत किले में सेंधमारी की कोशिशें की जा सकती हैं। अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस पार्षदों का एक विशेष गुट कथित तौर पर अपनी ही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से असंतुष्ट चल रहा है और अपनी राजनीतिक संभावनाओं को देखते हुए वह सत्ता पक्ष के साथ हाथ मिला सकता है, जिससे समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं। पार्षदों के मोबाइल फोन बंद और भूमिगत होने से राजनीतिक गलियारों में अटकलें जैसे ही प्रशासन द्वारा चुनाव की तारीख और नोटिफिकेशन जारी किया गया, वैसे ही शहर की सियासत में एक नया मोड़ आ गया है। चर्चा है कि नोटिफिकेशन आने के बाद से ही दोनों प्रमुख धड़ों के कई पार्षद सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दे रहे हैं और रहस्यमयी ढंग से भूमिगत हो गए हैं। इतना ही नहीं, इनमें से अधिकांश पार्षदों के मोबाइल फोन भी लगातार बंद आ रहे हैं, जिससे ‘बाड़ेबंदी’ और गुप्त बैठकों की अटकलें और अधिक मजबूत हो गई हैं। हालांकि, इन भूमिगत होने की खबरों और गुप्त समझौतों को लेकर अभी तक किसी भी राजनीतिक दल या स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि या बयान सामने नहीं आया है, लेकिन इसने शहर की आम जनता और राजनीतिक पंडितों के बीच सस्पेंस को बढ़ा दिया है। कड़े सुरक्षा घेरे में होगा मतदान, सभी दलों की प्रतिष्ठा दांव पर कपूरथला नगर निगम के इस त्रिकोणीय चुनाव (मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर) को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। सुरक्षा व्यवस्था को इस कदर चाक-चौबंद किया जा रहा है कि निगम मुख्यालय के आसपास किसी भी अनधिकृत व्यक्ति या बाहरी समर्थक को फटकने की इजाजत नहीं होगी। इस चुनाव में जहाँ कांग्रेस के सामने अपने पार्षदों को एकजुट रखकर अपने मेयर को कुर्सी पर बिठाने की बड़ी चुनौती है, वहीं विरोधी खेमा अल्पमत में होने के बावजूद उलटफेर करने की पूरी फिराक में है। 8 जुलाई की दोपहर होने वाली यह बैठक कपूरथला की स्थानीय राजनीति की आगामी दिशा तय करेगी, जिस पर पूरे जिले की निगाहें टिकी हुई हैं।
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