अमृतसर में 3 अवैध कॉलोनियों पर चला बुलडोजर: एडीए ने पंजाब सरकार के निर्देश पर की कार्रवाई; पहले जारी किया जा चुका नोटिस – Amritsar News
अमृतसर विकास प्राधिकरण (एडीए) ने पंजाब सरकार के निर्देशों पर बड़ी कार्रवाई की है। एडीए के मुख्य प्रशासक नितेश कुमार जैन आईएएस और अतिरिक्त मुख्य प्रशासक इनायत (पीसीएस) के आदेशों के तहत, एडीए के रेगुलेटरी विंग ने 7 जुलाई 2026 को थाना कंबो पुलिस की मौजूदगी में 3 नई अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाया। यह कार्रवाई गांव कंबो (रामतीर्थ रोड), गांव खैराबाद (मीरांकोट चौक से रामतीर्थ रोड, वेलकम सिटी के साथ) और गांव दालम (अजनाला रोड) में विकसित की जा रही कॉलोनियों में की गई। इन स्थानों पर किए गए सभी अवैध निर्माण कार्यों को बुलडोजर की सहायता से ध्वस्त कर दिया गया। जिला टाउन प्लानर ने बताया कि योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित करने के लिए कॉलोनी डेवलपर्स को पापरा एक्ट-1995 के तहत पहले ही नोटिस जारी कर निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए गए थे। नोटिसों के बावजूद निर्माण जारी रहने पर 3 जुलाई 2026 को ध्वस्तीकरण के आदेश जारी किए गए, जिसके बाद यह कार्रवाई अमल में लाई गई। गांव कंबो स्थित अवैध कॉलोनी के खिलाफ इससे पहले 10 अक्टूबर 2025 को भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा चुकी थी और पुलिस विभाग को कानूनी कार्रवाई के लिए लिखा गया था। इसी प्रकार, गांव दालम में 12 जून, 2026 को भी अवैध निर्माण हटाया गया था, लेकिन डेवलपर्स ने दोबारा निर्माण शुरू कर दिया था, जिसे अब फिर से ध्वस्त कर दिया गया है। अवैध कॉलोनियां बनाने पर कैद और जुर्माने का प्रावधान जिला टाउन प्लानर के अनुसार, पापरा एक्ट-1995 (संशोधन-2024) के तहत अवैध कॉलोनियां विकसित करने वालों को 5 से 10 वर्ष तक की कैद और 25 लाख रुपये से 5 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। इस संबंध में, राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर जमीन मालिकों और कॉलोनी डेवलपर्स के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस विभाग को भी सूचित किया जा रहा है। एडीए की वेबसाइट पर उपलब्ध अवैध कॉलोनियों की सूची एडीए के रेगुलेटरी विंग ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी कॉलोनी में प्लॉट खरीदने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि उसे पुडा/एडीए से विधिवत मंजूरी प्राप्त है। साथ ही, एडीए की वेबसाइट पर उपलब्ध अवैध कॉलोनियों की सूची अवश्य देखें, ताकि किसी भी प्रकार के आर्थिक नुकसान और कानूनी परेशानियों से बचा जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि जिले में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले पुडा विभाग से आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करना अनिवार्य है।
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