अमरनाथ यात्रा को लेकर पंजाब में अभेद्य सुरक्षा ग्रिड तैयार: सेना, बीएसएफ और पुलिस चौकस, पैरामिलिट्री की 9 कंपनियां तैनात, शंभू से लेकर माधोपुर तक चप्पे-चप्पे पर नजर – Pathankot News

अमरनाथ यात्रा को लेकर पंजाब में अभेद्य सुरक्षा ग्रिड तैयार:  सेना, बीएसएफ और पुलिस चौकस, पैरामिलिट्री की 9 कंपनियां तैनात, शंभू से लेकर माधोपुर तक चप्पे-चप्पे पर नजर – Pathankot News




अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए पंजाब पुलिस, भारतीय सेना, बीएसएफ और सिविल एडमिनिस्ट्रेशन ने मिलकर एक अभेद्य सुरक्षा चक्र तैयार किया है। हालांकि,अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू हो रही है, लेकिन पंजाब और पड़ोसी राज्यों से श्रद्धालुओं का मूवमेंट 1 जुलाई से ही शुरू होने की उम्मीद है।
खूफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के अनुसार इस बार सुरक्षा व्यवस्था में सेना, वायुसेना, बीएसएफ और पंजाब पुलिस की स्थानीय तैनाती के अलावा केंद्र की ओर से पंजाब को पैरामिलिट्री फोर्स की 9 कंपनियां दी गई हैं, जिन्हें संवेदनशील पॉइंट पर तैनात किया जा रहा है। आने वाले दिनों में कुछ और कंपनियां मिलने की उम्मीद है। सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही न हो, इसके लिए देश की टॉप-लेवल टेक्नोलॉजी, आधुनिक उपकरण और अत्याधुनिक वेपनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हाईवे पर कई जगहों पर लंगर लगाए जा रहे हैं।
लंगर कमेटियों के प्रभारियों के साथ एसएसपी और डीआईजी स्तर पर बैठकें हो चुकी हैं, ताकि किसी को कोई परेशानी न हो। यात्रियों के ठहरने का सबसे बड़ा और सुव्यवस्थित इंतजाम जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा ‘कठुआ जिले’ (लखनपुर/माधोपुर पार करने के बाद) में किया गया है।
इसके बावजूद, यदि मौसम या किसी अन्य आपात स्थिति के कारण श्रद्धालुओं को पंजाब में रोकना पड़ता है, तो पठानकोट में भी उनके रहने और खाने का विशेष कंटिनजेंसी प्लान तैयार है। श्रद्धालुओं के लिए 3-टियर सुरक्षा चक्र
यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पंजाब और जम्मू-कश्मीर की सीमा स्थित माधोपुर बॉर्डर पर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।यात्रियों की पल-पल की मदद के लिए आधुनिक कमांड सेंटर पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। यहां सीसीटीवी, शेड, शौचालय और वाटर कूलर की व्यवस्था की गई है। इसे अलावा किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए 7 QRT टीमें तैनात की गई हैं।
वहीं, कमांड सेंटर और संवेदनशील इलाकों में पंजाब पुलिस के जवानों के साथ-साथ पैरा मिलिट्री फोर्स (CRPF और BSF) के जवान तैनात रहेंगे।
शंभू बैरियर से माधोपुर तक कड़ा पहरा
पुलिस सूत्रों के मुताबिक पटियाला के शंभू बैरियर से लेकर माधोपुर नाके तक सुरक्षा एजेंसियों का कड़ा पहरा है। यहां पंजाब पुलिस के साथ-साथ पैरामिलिट्री फोर्स तौनात की जाएगी। इसके अलावा, अमृतसर से लेकर पठानकोट गोल चौक तक पूरे रूट को बस पेट्रोलिंग और नाकों से कवर किया गया है। इसके अलावा बठिंडा, खन्ना, पटियाला और बरनाला से लुधियाना आने वाले सभी लिंक रोड्स पर भी कड़ा पहरा रहेगा। पठानकोट में हुई इंटर एजेंसी को-ऑर्डिनेशन बैठक
अमरनाथ यात्रा को लेकर पठानकोट में बेहद अहम इंटर एजेंसी को-ऑर्डिनेशन बैठक की गई, जिसमें डीजीपी लॉ एंड आर्डर प्रवीण कुमार सिन्हा के नेतृत्व में सुरक्षा और जन-सुविधाओं के रोडमैप को अंतिम रूप दिया गया। इस उच्चस्तरीय बैठक में कोर कमांडर, जीओसी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और जिला प्रशासन के आलाधिकारियों ने शिरकत की। बैठक में सुरक्षा प्लान और यात्रियों को दी जाने वाली सुविधाओं पर बारीकी से चर्चा की गई।
पहलगाम हमले और अमरनाथ यात्रा का कोई मेल नहीं
डीजीपी लॉ एंड आर्डर प्रवीण कुमार सिन्हा ने पहलगाम में हुए पिछले घटनाक्रम का जिक्र करते हुए स्पष्ट किया कि वह एक सरप्राइज इंसिडेंट था, जबकि यह एक पूर्व-घोषित और सुनियोजित यात्रा है, जो लगभग डेढ़ से पौने दो महीने चलेगी। इसके लिए हर संभावित खतरे को भांपते हुए कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन की ओर से अमरनाथ यात्रियों के लिए 3 बेहद जरूरी अपील:
डीजीपी सिन्हा ने यात्रा पर जाने वाले सभी श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील करते हुए तीन मुख्य बातें साझा कीं:
बिना रजिस्ट्रेशन यात्रा की योजना न बनाएं: कोई भी व्यक्ति चाहे वह कितना भी रसूखदार हो या उसकी कितनी भी जान-पहचान हो बिना वैध रजिस्ट्रेशन के अमरनाथ यात्रा के लिए घर से न निकले। बिना रजिस्ट्रेशन के आगे जाने की अनुमति बिल्कुल नहीं होगी।
निर्धारित रूट का ही पालन करें: सरकार और प्रशासन द्वारा तय किए गए रूट का ही इस्तेमाल करें। रास्ते में सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस और सुरक्षाबलों के नाके आपकी सुरक्षा के लिए लगाए गए हैं, परेशान करने के लिए नहीं। यदि नाके पर जवान आपसे विनम्रतापूर्वक कोई सवाल (कहां जा रहे हैं, कब जा रहे हैं) पूछते हैं, तो दृढ़ता और शांति से उसका जवाब देकर सहयोग करें।
फील्ड अधिकारियों के निर्देशों को मानें: यदि ड्यूटी पर तैनात फील्ड अधिकारी या सुरक्षाकर्मी किसी कारणवश आपको कोई विशेष रूट न लेने या रास्ता बदलने का आग्रह करते हैं, तो उनकी बात को सहर्ष स्वीकार करें। यह सब आपकी जान-माल की रक्षा के लिए किया जा रहा है।



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