PSPCL कर्मचारियों की हड़ताल का असर: लुधियाना में उपभोक्ताओं को मिले N-Code बिजली बिल, डेटा-नेटवर्क फेल; अगली रीडिंग में होगी एडजस्टमेंट – Ludhiana News
पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के आउटसोर्स कर्मचारियों की जारी हड़ताल का असर बिजली बिलिंग व्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। मई-जून बिलिंग साइकल के दौरान नियमित मीटर रीडिंग और स्पॉट बिलिंग कार्य प्रभावित होने के कारण लुधियाना समेत पूरे पंजाब में लाखों उपभोक्ताओं को अस्थायी बिजली बिल जारी किए गए हैं। पीएसपीसीएल आंकड़ों के अनुसार राज्यभर में 10.5 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को N-Code बिल जारी किए गए हैं। इनमें 9,59,085 उपभोक्ताओं के बिल वास्तविक खपत के आंकड़े उपलब्ध न होने के कारण अनुमानित आधार पर तैयार किए गए। वहीं 92,643 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को डेटा सिंक्रोनाइजेशन और कनेक्टिविटी समस्याओं के चलते N-Code बिल भेजे गए हैं। लुधियाना में नौ बिजली डिवीजनों के माध्यम से लगभग नौ लाख उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जाती है। 2 पॉइंट्स में समझें क्या होता है N-Code बिल? स्मार्ट मीटर उपभोक्ता भी प्रभावित स्मार्ट मीटर सामान्यतः रीडिंग स्व केंद्रीय सर्वर तक भेजते हैं, लेकिन कई स्थानों पर डेटा सिंक्रोनाइजेशन और नेटवर्क कनेक्टिविटी में दिक्कत आने के कारण स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को भी N-Code बिल जारी करने पड़े। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जैसे ही वास्तविक रीडिंग उपलब्ध होगी, उपभोक्ता खातों का मिलान कर लिया जाएगा। यदि किसी उपभोक्ता ने अनुमानित बिल के तहत अधिक राशि जमा कर दी है तो वह अगली बिलिंग में समायोजित कर दी जाएगी। वहीं वास्तविक खपत अधिक होने पर अंतर की राशि आगामी बिलों में जोड़ दी जाएगी। 1.55 लाख उपभोक्ताओं को 5 हजार रुपए से अधिक के बिल बिलिंग आंकड़ों के मुताबिक पंजाब में 1,55,243 उपभोक्ताओं को 5,000 रुपए से अधिक के अस्थायी बिल जारी किए गए हैं, जबकि 1,12,477 उपभोक्ताओं को 1,000 से 5,000 रुपए के बीच के बिल मिले हैं। स्मार्ट मीटर श्रेणी में 27,617 उपभोक्ताओं को 5,000 रुपए से अधिक और 12,111 उपभोक्ताओं को 1,000 से 5,000 रुपए के बीच के N-Code बिल जारी किए गए हैं। स्पीड पोस्ट और सब-डिवीजनों कर्मचारी द्वारा दिए जा रहे बिल राजस्व संग्रह प्रभावित न हो इसके लिए PSPCL ने फील्ड कार्यालयों को उच्च राशि वाले बिलों की भौतिक डिलीवरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। 5,000 रुपए से अधिक के बिल स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजे जा रहे हैं, जबकि 1,000 से 5,000 रुपए तक के बिल संबंधित सब-डिवीजनों के कर्मचारियों द्वारा सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाए जा रहे हैं। शिकायतों के लिए उपभोक्ता संपर्क करें मुख्य अभियंता (सेंट्रल जोन) जगदेव सिंह हंस ने कहा कि उपभोक्ताओं को N-Code बिल मिलने पर घबराने की आवश्यकता नहीं है। ये केवल अस्थायी बिल हैं, जिन्हें बिलिंग प्रक्रिया को जारी रखने के लिए जारी किया गया है। वास्तविक और अनुमानित खपत में जो भी अंतर होगा, उसका समायोजन आगामी बिलों में स्वतः कर दिया जाएगा। उपभोक्ताओं की सहायता और शिकायतों के समाधान के लिए फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। उपभोक्ता सेवाओं पर भी पड़ रहा असर उधर, आउटसोर्स कर्मचारियों की हड़ताल जारी रहने के कारण शिकायत निवारण, सुविधा केंद्रों और अन्य उपभोक्ता सेवाओं पर भी असर पड़ रहा है। जब तक मीटर रीडिंग और बिलिंग व्यवस्था पूरी तरह सामान्य नहीं होती, तब तक कुछ क्षेत्रों में N-Code बिल जारी रहने की संभावना बनी हुई है।
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