यूपी में बुधवार को एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने पाकिस्तानी आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी देश के संवेदनशील ठिकानों पर सीरियल धमाके और पुलिस टीम पर हमले की साजिश रच रहे थे।
आरोपियों में बाराबंकी निवासी 23 साल का दानियान अशरफ और कुशीनगर का रहने वाला 20 साल का कृष्णा मिश्रा है। दोनों पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी, आबिद जट और हम्माद के संपर्क में थे।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि शहजाद भट्टी ने कहा था, ‘मेरे कहने के अनुसार काम करोगे तो मैं तुम्हें इंडिया में हीरो बना दूंगा।’ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गैंगस्टर शहजाद भट्टी ने पंजाब में हुए धमाके की जिम्मेदारी ली है। पंजाब में मंगलवार की रात 3 घंटे के भीतर 2 जगह ब्लास्ट हुए थे।
जालंधर में धमाके के समय एक युवक मौके पर मौजूद था, जो जान बचाकर भागता दिखा। अमृतसर में ब्लास्ट से टीन शेड टूटता नजर आया। मीडिया से बात करते सीएम भगवंत मान और पंजाब DGP गौरव यादव।
इंस्टाग्राम के जरिए स्लीपर सेल बना रहा आतंकी संगठन एटीएस के प्रवक्ता ने बताया, जानकारी मिली थी कि पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम के जरिए भारतीय युवाओं को फुट सोल्जर और स्लीपर सेल के रूप में भर्ती कर रहे हैं।
पूछताछ में पता चला कि आरोपी दानियाल और कृष्णा पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में थे। उनके फोन में शहजाद भट्टी, आबिद जट और हम्माद के नंबर थे। इनके पास से वीडियो कॉल, वॉइस नोट्स, वॉट्सएप चैट और देश-विरोधी बातचीत के सबूत मिले हैं।
पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी, आबिद जट और हम्माद के निर्देश पर इन युवाओं को अमीर बनने का लालच देकर कट्टरपंथी बनाया जा रहा था। इनका मकसद संवेदनशील संस्थानों, पुलिस थानों, चौकियों और पुलिसकर्मियों पर हमला कर देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता को खतरे में डालना था।

पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी ने आरोपियों से कहा था, मेरे कहने पर काम करो, इंडिया का हीरो बना दूंगा।
दानियाल ने गन की डिमांड की, कृष्णा को मर्डर का टास्क मिला
- दानियाल अशरफ ने एक राज्य के पुलिस स्टेशन का रेकी वीडियो बनाकर हैंडलर्स को भेजा था। उसने हमले के लिए पैसे और हथियार (गन) की मांग भी की थी। हम्माद ने आबिद जट की पाकिस्तानी डॉन लिखी फोटो भेजी थी, जिसकी 50 कॉपी छपवाकर महत्वपूर्ण जगहों पर चिपकाने की बात कही गई थी।
- कृष्णा मिश्रा के फोन में शहजाद भट्टी और आबिद जट के वीडियो मिले, जिनमें किसी वर्दीधारी व्यक्ति को गोली मारकर वीडियो भेजने का टास्क दिया गया था। रेकी का वीडियो भी बरामद हुआ है, जिसमें दोनों हैंडलर्स ने कृष्णा और उसके दो साथियों को यह टास्क सौंपा था।

यूपी एटीएस गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को लखनऊ लेकर आई।
कृष्णा अपने माता-पिता का इकलौता बेटा कृष्णा मिश्रा के पिता का नाम छोटेलाल मिश्रा है। वह कुशीनगर में थाना जटहां के हरपुर गांव का रहने वाला है। वर्तमान में वह कुशीनगर में ही थाना रविंद्रनगर के बेलवामिश्र में रह रहा था। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा है।
पिता छोटेलाल ने शराब की लत के कारण गांव की पैतृक संपत्ति बेच दी और रविंद्रनगर स्थित अपने हिस्से की जमीन पर घर बनवाया। उसकी मां लाली गृहिणी हैं, जबकि बहन सलोनी की शादी हो चुकी है।

आरोपी कृष्णा को यूपी एटीएस ने गोरखपुर से गिरफ्तार किया है।
छोटेलाल ने चार ऑटो भी खरीदे थे, लेकिन किस्तें न चुका पाने के कारण वे जब्त हो गए। छोटेलाल का एक भाई BSF में है, दूसरा भाई अधिवक्ता है। एक अन्य भाई दुकान चलाता है। परिवार में एक चचेरा भाई बॉक्सिंग करता है, जबकि कुछ अन्य रिश्तेदार LLB की पढ़ाई कर रहे हैं।
कृष्णा की पढ़ाई केवल तीसरी या चौथी कक्षा तक ही हुई है। उसे शराब पीने की भी आदत थी। उसके चचेरे भाई के अनुसार, फिलहाल वह दिल्ली में रहकर किसी कंपनी में काम कर रहा था। ATS ने कृष्णा को गोरखपुर से 5 मई को पकड़ा था।

ये तस्वीर बाराबंकी में आरोपी दानियाल के घर की है। पुलिस ने उसके घरवालों से पूछताछ की है।
दानियाल मुंबई में रहता था, सऊदी जाने वाला था यूपी एटीएस ने दूसरे आरोपी दानियाल को बाराबंकी से बुधवार को गिरफ्तार किया है। वह बाराबंकी में बदोसराय थाना क्षेत्र के किंतूर गांव का रहने वाला है। मां सूफिया (55) और पिता महमूद पुत्र मोहम्मद हाशिम (60) हैं, जो खेती करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। परिवार में दानियाल का एक छोटा भाई कुमैल अंसारी है। तीन बहनें हैं, जिनकी शादी हो चुकी है।
कुमैल ने बताया कि वह डेढ़ साल से ओमान में था। करीब एक सप्ताह पहले ही घर आया है। दानियाल मुंबई में काम करता था। वह इन दिनों गांव में था। वह सऊदी जाने की तैयारी कर रहा था। उसका पासपोर्ट भी बन चुका है।
यूपी एटीएस ने बताया कि आरोपियों के पास से एक देशी पिस्तौल (9 एमएम), एक तमंचा .315 बोर, 6 जिंदा कारतूस (9 एमएम) और दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।

आरोपी दानियाल के पिता महमूद ने कहा कि उन्हें बेटे के किसी गलत गतिविधि में शामिल होने की जानकारी नहीं है।
परिवार बोला- सादी वर्दी में आए लोग दानियाल को ले गए दानियाल की मां सूफिया बानो और पिता महमूद ने बताया- बुधवार सुबह करीब 8 बजे चार-पांच लोग सादी वर्दी में घर आए। उन्होंने पूछा कि दानियाल अशरफ कहां है। उन्होंने बताया कि वह घर में लेटा है, जिसके बाद उन्होंने बेटे को बुलाया।
उन लोगों ने दानियाल को अलग तख्त पर बैठाकर कुछ बातचीत की। उन्होंने कहा कि बाराबंकी में हुई किसी मारपीट के मामले में उससे पूछताछ करनी है। फिर वे लोग दानियाल को अपने साथ लेकर चले गए।
उन्होंने बताया कि उनका बेटा मुंबई में कढ़ाई का काम सीख रहा था। वह 28 अप्रैल को ही घर लौटा था। उसे दुबई भेजने की तैयारी चल रही थी, जिसके लिए करीब 1 लाख 20 हजार रुपए एजेंट के पास जमा भी किए जा चुके थे, हालांकि अभी उसे भेजा नहीं गया था।

ये आरोपी दानियाल है। परिवार के मुताबिक, वह मुबंई में रहकर कढ़ाई का काम सीख रहा था।
2 महीने में 12 संदिग्ध पकड़े गए यूपी में बीते दो महीने में एजेंसियों ने 12 संदिग्ध आतंकी पकड़े हैं। 4 अप्रैल को लखनऊ से 4 संदिग्ध पकड़े गए थे। ATS पूछताछ में सामने आया था कि पाकिस्तान से उन्हें ऑफर था कि तुम लोग दहशत फैलाओ, जितनी दहशत, उतना पैसा मिलेगा…। बड़े धमाके की फिराक में चारों संदिग्ध आतंकियों ने पिकअप और बाइक में आग लगाकर रिहर्सल की। इसके वीडियो पाकिस्तानी हैंडलर अबू बकर को भेजे थे। बदले में उन्हें हर आगजनी पर 12 हजार रुपए मिलते थे।

इसके बाद एटीएस ने 24 अप्रैल को 2 और संदिग्ध मेरठ के तुषार और दिल्ली के समीर खान को पकड़ा था। दोनों पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी, आबिद जट के संपर्क में थे। एटीएस के अनुसार, दोनों यूपी के एक्स मुस्लिमों को हैंड ग्रेनेड से मारने की प्लानिंग कर रहे थे। टारगेट किलिंग के लिए उन्हें 3 लाख रुपए की लालच दी गई थी।
ट्रेंड क्या दिख रहा?
- सोशल मीडिया के जरिए रैडिकलाइजेशन बढ़ रहा।
- ISI और पाकिस्तानी गैंगस्टर कनेक्शन बार-बार सामने।
- युवाओं की भर्ती और ऑनलाइन नेटवर्क बड़ा खतरा।
- रेलवे, भीड़भाड़ वाली जगहें टारगेट।
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