हिमाचल प्रदेश के शिमला जिला के कई क्षेत्रों में आज (सोमवार को) दोपहर बाद भारी ओलावृष्टि हुई। इससे सेब, मटर और फूलगोभी की फसल को नुकसान हुआ। कई जगह सेब को ओलावृष्टि से बचाने के लिए लगाए गए एंटी हेल नेट और बांस भी टूट गए। शिमला जिला के नेरवा की केदी पंचायत के शुकराना गांव निवासी सीताराम शर्मा के घर की छत तूफान से उखड़ गई। क्षेत्र में अन्य लोगों के घरों की छत्त को भी तूफान से नुकसान पहुंचा है। नारकंडा, कुफरी, रोहड़ू, चौपाल, टियाली इत्यादि क्षेत्रों में भारी ओलावृष्टि हुई। कुफरी में ओलावृष्टि के बाद सड़क पर बर्फ जैसी सफेद चादर बिछ गई। इसके बाद गाड़ियां फिसलने लगी। वहीं शिमला के ढली-संजौली में भी बारिश के साथ हल्के ओले गिरे। किन्नौर के रिकांगपियों में भी दोपहर बाद बारिश हुई। राज्य में तीन दिन से बारिश-ओलावृष्टि हो रही है। आज भी ददाहू में सबसे ज्यादा 46.0 मिमी, रेणुका जी में 30.0 मिमी, बलद्वाड़ा 27.0, सराहन 25.7, चौपाल 22.0, घागस, 20.4, शिमला 17.2, पांवटा साहिब 15.2, सोलन 15.0 और कसौली में 15.0 मिमी बारिश हुई। लाहौल-सोलन में लौटी ठंड मौसम में बदलाव के बाद लाहौल स्पीति के अधिक ऊंचे क्षेत्रों में इससे ठंड लौट आई है। ताबो का न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री और कुकुमसैरी 4.1 डिग्री तक लुढ़क गया है। सोलन के तापमान में सामान्य की तुलना में सबसे ज्यादा 10.1 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और यहां का पारा 4.8 डिग्री रह गया है। नाहन का पारा भी 7 डिग्री गिरा नाहन का 7.4 डिग्री नीचे गिरने के बाद 15.3 डिग्री, शिमला का 2.0 डिग्री कम होने के बाद 12.0, धर्मशाला का 1.0 डिग्री कम होने के बाद 16.8 डिग्री सेल्सियस रह गया है। राज्य में तीन दिन से बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया है। दिन का तापमान भी गिरा मौसम में बदलाव के बाद अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 5.7 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है। भुंतर का पारा सामान्य से 9.6 डिग्री नीचे गिरने के बाद 20.3 डिग्री रह गया है। ऊना का पारा 6.4 डिग्री कम होने के बाद 31.0, मंडी का तापमान 6.6 डिग्री लुढ़कने के बाद 26.2 डिग्री और सुंदरनगर का 7.6 डिग्री कम होने के बाद 25.6 डिग्री सेल्सियस रह गया है। आज और कल इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने आज कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अन्य जिलों में यलो अलर्ट की चेतावनी दी गई है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। कल (5 मई) मंडी और शिमला में ऑरेंज अलर्ट रहेगा व अन्य जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। 7 मई तक प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। वहीं 8 और 9 मई को कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है। प्रदेश में बारिश के बाद लैंडस्लाइड की घटनाएं बढ़ी लगातार हो रही बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे जान व माल का भी नुकसान हो रहा है। बीती शाम (3 मई) भी सोलन-सैंज सड़क पर माइपुल के पास एक ऑल्टो गाड़ी लैंडस्लाइड की चपेट में आई गई। इससे गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। दो दिन पहले 4 महिला टीचरों की तूफान के कारण पेड़ गिरने से जान चली गई। शिमला में ओलावृष्टि के फोटो..
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