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बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार को सोहराबुद्दीन शेख, उनकी पत्नी कौसर बी और उनके सहयोगी तुलसीराम प्रजापति की फर्जी मुठभेड़ में हुई हत्याओं के मामले में 21 पुलिसकर्मियों सहित सभी 22 आरोपियों की बरी होने को चुनौती देने वाली अपीलों को खारिज कर दिया।
चीफ जस्टिस चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंखड़ की खंडपीठ ने बरी करने के फैसले को बरकरार रखा और शेख के भाइयों रुबाबुद्दीन और नायबुद्दीन द्वारा दायर की गई याचिकाओं को खारिज कर दिया।
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केरल के इडुक्की में पन्नियार नदी के किनारे मेगा डिमॉलिशन शुरू

केरल के इडुक्की में पन्नियार नदी के किनारे 88 इमारतों को गिराने की कार्रवाई शुरू हो गई है। केरल हाईकोर्ट के आदेश के बाद यह मेगा डिमॉलिशन किया जा रहा है।
संथनपारा पुलिस थाना क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है और इलाके में तैनात लगभग 200 पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में विध्वंस अभियान चलाया जा रहा है।
नदी किनारे सरकारी जमीन पर निर्मित इमारतों को हटाने को लेकर दो साल से हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही थी। पिछले महीने कोर्ट के फैसले के बाद अब यह कार्रवाई की जा रही है।
4 साल के सौतेले बेटे की हत्या केस में आरोपी बरी:ठाणे कोर्ट ने कहा- सबूतों की कमी

महाराष्ट्र के ठाणे की एक अदालत ने चार साल के सौतेले बेटे की हत्या के आरोपी व्यक्ति को बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ सबूतों की पूरी कड़ी स्थापित नहीं कर पाया और संदेह से परे अपराध साबित नहीं हुआ।
सेशन जज एस बी अग्रवाल ने मंगलवार को दिए आदेश में अभियोजन पक्ष के गवाहों की गवाही में विरोधाभासों का भी जिक्र किया। अदालत ने कहा कि मामले में पेश किए गए सबूत पर्याप्त नहीं हैं।
अदालत ने आरोपी मोहम्मद दिलशाद मोहम्मद इमरान (25) को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया। वह 30 जुलाई 2024 से जेल में बंद था। अदालत ने कहा कि अगर वह किसी अन्य मामले में वांछित नहीं है तो उसे तुरंत छोड़ा जाए।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, आरोपी ने 28 जुलाई 2024 को ठाणे के मानपाड़ा इलाके में घोड़बंदर रोड स्थित फ्लैट में पत्नी के पहले रिश्ते से हुए बेटे की गला दबाकर हत्या कर दी थी। बताया गया था कि बच्चे की पहचान को लेकर विवाद हुआ था।







