Home Bharat पहलगाम में मारे गए LIC अफसर के बेटे का दर्द: मैं...

पहलगाम में मारे गए LIC अफसर के बेटे का दर्द: मैं घुड़सवारी की जिद नहीं करता तो जिंदा होते; आतंकियों ने सीने में गोली मारी – Indore News

2
0
पहलगाम में मारे गए LIC अफसर के बेटे का दर्द:  मैं घुड़सवारी की जिद नहीं करता तो जिंदा होते; आतंकियों ने सीने में गोली मारी – Indore News


इंदौर4 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

सुशील नथानियल के घर की तस्वीर है। पत्नी और बेटा उस मंजर को याद कर भावुक हो गए।

तारीख 22 अप्रैल 2025… जगह पहलगाम की वादियां। 13 मिनट में तीन आतंकियों ने 26 जिंदगियां छीन लीं। ‘जन्नत’ कही जाने वाली घाटी पलभर में कब्रिस्तान में बदल गई। उन्हीं में इंदौर के सुशील नथानियल भी शामिल थे। वारदात को एक साल गुजर गया, लेकिन उनके घर की खामोशी में आज भी गोलियों की गूंज सुनाई देती है।

सुशील का परिवार आज भी उस मंजर से बाहर नहीं निकल पाया है। पत्नी जेनिफर सुबह से उसी आखिरी तस्वीर को निहार रही हैं, जिसमें पूरा परिवार मुस्कुरा रहा था, इस भरोसे के साथ कि जिंदगी अभी लंबी है।

बेटा ऑस्टिन आज भी आंखों में नमी लिए वही बात दोहराता है- अगर मैंने उस दिन घुड़सवारी की जिद न की होती, तो पापा आज मेरे साथ होते। यह सिर्फ एक बरसी नहीं है, यह मानवता के कत्ल की बरसी है।

सुशील नथानियल का बेटा ऑस्टिन आज भी उस दिन को याद कर भावुक हो जाता है।

सुशील नथानियल का बेटा ऑस्टिन आज भी उस दिन को याद कर भावुक हो जाता है।

दूसरों की मदद के दौरान लगी गोली

सुशील नथानियल का स्वभाव ही उनकी जान का दुश्मन बन गया। चश्मदीदों और परिवार के अनुसार, हमले के वक्त वे भागने के बजाय फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में जुट गए थे। वे मददगार इंसान थे और आखिरी सांस तक वही धर्म निभाया।

ऑस्टिन बताते हैं कि हमला होते ही पापा मुझे फोन लगाने वाले थे, लेकिन पास खड़े एक शख्स ने रोक दिया कि ‘फोन मत लगाओ, घंटी बजी तो आतंकी आवाज सुनकर बच्चों की तरफ दौड़ पड़ेंगे’। सुशील ने सबको वहां से निकाल दिया, लेकिन जब उनकी बारी आई तो आतंकियों की एक गोली ने उनके अरमानों को खत्म कर दिया।

नथानियल की पत्नी आज भी उस सदमें से उभर नहीं पाईं है।

नथानियल की पत्नी आज भी उस सदमें से उभर नहीं पाईं है।

एक साल बाद भी आंखों के सामने आता है वह मंजर

एक साल बाद भी सुशील की पत्नी जेनिफर के आंसू नहीं सूखे हैं। वे गहरे सदमे में हैं। ऑस्टिन के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने करियर से ज्यादा मां को संभालना है।

जेनिफर आज भी उन यादों से लड़ रही हैं, जहां उनके सामने उनकी दुनिया उजाड़ दी गई थी। घर में सन्नाटा है और हर आहट पर गोलियों की गड़गड़ाहट महसूस होती है।

23 अप्रैल 2025 को सुशील का शव इंदौर के वीणा नगर स्थित उनके घर लाया गया था। (फाइल फोटो)

23 अप्रैल 2025 को सुशील का शव इंदौर के वीणा नगर स्थित उनके घर लाया गया था। (फाइल फोटो)

अधूरे रह गए वह वादे

परिजन ने बताया कि सुशील कहते थे कि इंदौर आकर सुकून की जिंदगी जिएंगे और बेटे को बड़े कॉलेज में भेजेंगे। लेकिन जिस सुकून को वे कश्मीर में ढूंढने गए थे, वहां से उनकी लाश लौटी। एक साल बाद भी परिवार न्याय की आस में है।

टीचर हैं सुशील की पत्नी जेनिफर

सुशील की पत्नी जेनिफर खातीपुरा के सरकारी स्कूल में टीचर हैं। बेटी आकांक्षा सूरत में बैंक ऑफ बड़ौदा में फर्स्ट क्लास ऑफिसर है, जबकि ऑस्टिन बैडमिंटन खिलाड़ी है। परिवार मूल रूप से जोबट का रहने वाला है।

आतंकी हमले से पहले सुशील ने परिवार के साथ फोटो खिंचवाया था।

आतंकी हमले से पहले सुशील ने परिवार के साथ फोटो खिंचवाया था।

ऐसे बना कश्मीर जाने का प्लान

ऑस्टिन ने बताया- हमारा कहीं और घूमने का प्लान था। पापा एलआईसी में थे और उनका शेड्यूल मैच नहीं हो रहा था। दूसरे कारण भी थे। हमने सोचा था कि इस बार ईस्टर बाहर मनाएंगे। तय हुआ कि सूरत में बहन आकांक्षा के पास जाएंगे और वहां से घूमेंगे।

ऑस्टिन ने बताया- हम इंदौर से सूरत पहुंचे और दो दिन रुके। पापा, बहन और मम्मी के साथ घूमने का प्लान बनाया। सूरत से निकलने से पहले तय किया कि हम चारों जाएंगे।

प्लान तैयार होने के बाद हम सूरत से प्लेन से चंडीगढ़ गए। वहां शॉपिंग की। इस ट्रिप को लेकर हम सभी एक्साइटेड थे। मैंने घूमने के फोटो-वीडियो बनाए, यहां तक कि बोर्डिंग पास के भी।

पहलगाम हमले में मारे गए लोगों की तस्वीरें देखिए

………………………………………

यह खबरें भी पढ़ें…

1. जेनिफर बोलीं- तीन आतंकी थे,पति के सीने में गोली मारी

उसने मेरी जान बचाने के लिए अपनी जिंदगी दे दी। मैंने बस इतना सुना, वहां जो व्यक्ति थे वो बहुत कम उम्र के थे। उन्होंने मेरे मिस्टर के पास बंदूक लगाकर बोला कि कलमा पढ़ो। मेरे मिस्टर ने कहा कि मैं तो क्रिश्चियन हूं, मुझे कलमा पढ़ना नहीं आता। मेरे पति ने बस इतना बोला ही था कि उनको धक्का दिया और बंदूक से गोली मार दी सीने पर। गोली लगते ही मेरे मिस्टर… मेरे मिस्टर पढ़ें पूरी खबर…

2. इंदौर के सुशील की पार्थिव देह घर पहुंची

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में जान गंवाने वाले सुशील नथानियल का शव बुधवार रात में इंदौर पहुंचा। सीएम डॉ. मोहन यादव ने श्रद्धांजलि अर्पित की और शोकाकुल परिवार के प्रति शोक संवेदना जताई। पढ़ें पूरी खबर…

खबरें और भी हैं…



Source link

    Previous articleबेंगलुरु में बॉयफ्रेंड को कुर्सी से बांधकर जिंदा जलाया: युवती ने सरप्राइज का झांसा देकर आंखों पर पट्टी, हाथ-पैर बांधे; आग लगाकर वीडियो भी बनाया
    Next articleIRS Officer’s Daughter Found Dead In Delhi, Cops Suspect Former Househelp Raped Her Before Murder

    Leave a Reply