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दिल्ली में महिलाओं-बुजुर्गों के खिलाफ सबसे ज्यादा अपराध: साल 2024 में महिलाओं के खिलाफ 13,396 केस दर्ज; तमिलनाडु में 2023 की तुलना में 1.5% कम क्राइम

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दिल्ली में महिलाओं-बुजुर्गों के खिलाफ सबसे ज्यादा अपराध:  साल 2024 में महिलाओं के खिलाफ 13,396 केस दर्ज; तमिलनाडु में 2023 की तुलना में 1.5% कम क्राइम


नई दिल्ली13 मिनट पहले

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नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) ने साल 2024 में देश में हुए क्राइम की रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक राजधानी दिल्ली में महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर फिर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।

रिपोर्ट बताती है कि 2024 में मेट्रो शहरों में दिल्ली महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों के मामले में शीर्ष पर रही है। 2024 में महिलाओं के खिलाफ 13,396 मामले दर्ज किए गए, जो 2023 में 13,366 थे।

तमिलनाडु में महिलाओं के खिलाफ अपराध घटे हैं। 2024 में महिलाओं के खिलाफ 4,41,534 मामले दर्ज हुए, जो 2023 से 1.5% कम थे। सबसे अधिक 27.2% मामले पति के क्रूरता और अपहरण से संबंधित थे।

दिल्ली में बुजुर्गों के खिलाफ अपराध बढ़ा

दिल्ली में बुजुर्गों के खिलाफ 1,267 अपराध दर्ज किए गए। दिल्ली में बुजुर्गों के खिलाफ अपराधों की दर प्रति लाख आबादी पर 110 मामले रही, जो केंद्र शासित प्रदेशों में सबसे ज्यादा दरों में से एक रही। मध्य प्रदेश सबसे ऊपर रहा, जहां 2024 में 5,875 मामले दर्ज किए गए, यह संख्या 2023 के 5,738 मामलों से ज्यादा है।

दूसरी तरफ, देश में बुजुर्गों के खिलाफ अपराधों में चिंताजनक वृद्धि हुई है। 2024 में कुल 32,602 मामले दर्ज किए गए, जो 2023 के मुकाबले 16.9% ज्यादा हैं।

देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध में 1.5% की गिरावट

  • महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भी 1.5% की गिरावट दर्ज की गई। महिलाओं के खिलाफ अपराध का रेट 2023 में 66.2 से घटकर 2024 में 64.6 हो गया। 2024 में ऐसे 4.41 लाख केस दर्ज हुए, जबकि 2023 में यह संख्या 4.48 लाख थी।
  • अनुसूचित जाति (SC) के खिलाफ अपराधों में भी 3.6% की कमी आई। 2024 में 55,698 केस दर्ज हुए, जबकि 2023 में यह संख्या 57,789 थी।
  • अनुसूचित जनजाति (ST) के खिलाफ अपराधों में 23.1% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। 2024 में ऐसे 9,966 मामले सामने आए, जबकि 2023 में 12,960 केस दर्ज हुए थे।
  • ‘हर्ट’ यानी चोट से जुड़े मामलों में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। ये केस 2023 में 6.36 लाख से घटकर 2024 में 4.41 लाख रह गए, यानी 30.58% की कमी आई।

देश भर में कुल अपराध 6% घटे

एनसीआरबी के मुताबिक, देश में कुल अपराध 6% घट गए हैं। 2024 में 58.85 लाख अपराध दर्ज किए गए, जबकि 2023 में 62.41 लाख मामले दर्ज किए गए थे। अपराध दर (प्रति लाख आबादी पर दर्ज मामले) भी एक साल में 448.3 से घटकर 418.9 रह गई। अपराध सुलझाने के केस में पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल सबसे आगे रहे।

साइबर क्राइम: मेट्रो शहरों में बेंगलुरु सबसे आगे

  • 2024 में 1 लाख से ज्यादा साइबर क्राइम दर्ज, 17.9% बढ़ोतरी
  • देश में 2024 के दौरान कुल 1,01,928 साइबर क्राइम मामले दर्ज किए गए। 2023 के 86,420 मामलों के मुकाबले 17.9% ज्यादा हैं।
  • देश में साइबर क्राइम की दर 2023 में 6.2 से बढ़कर 2024 में 7.3 हो गई।
  • दिलचस्प यह है कि दिल्ली से कम आबादी वाले गाजियाबाद में 2024 में 479 साइबर क्राइम मामले दर्ज हुए, जबकि दिल्ली में थोड़ा ज्यादा यानी 404 केस दर्ज किए गए।
  • मेट्रो शहरों में 2024 में साइबर अपराध के मामलों में बेंगलुरु सबसे ऊपर रहा। 17,561 मामले दर्ज किए गए।
  • मेट्रो शहरों में बेंगलुरु के बाद मुंबई दूसरे स्थान पर रहा। मुंबई में 4,939 मामले दर्ज हुए। हैदराबाद में 4,009 मामले दर्ज किए गए।

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NCRB की यह रिपोर्ट भी पढ़ें…

NCRB रिपोर्ट 2023- देश में 7% क्राइम बढ़ा: हत्या में यूपी, दुष्कर्म में राजस्थान आगे; महिलाओं के खिलाफ अपराध ने 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ा

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) ने अक्टूबर 2025 में साल 2023 के दौरान हुए अपराधों की रिपोर्ट सार्वजनिक की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 में देश में कुल 62 लाख 41 हजार 569 अपराध दर्ज हुए। ये 2022 की तुलना में 7.2% ज्यादा हैं।देशभर में महिलाओं पर 4.48 लाख अपराध दर्ज हुए, जो 10 साल में सबसे ज्यादा हैं। पूरी खबर पढ़ें

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