मैसेज 1- ‘मैनेजर रामबीर को मारना है।’
मैसेज 2- ‘आगे पुलिस वाले हैं, पीछे से आओ और आग लगा दो।’
मैसेज 3- “ठेके से बीयर लेकर आना और पेट्रोल भरकर आग लगा देना।’
9 अप्रैल को गुरुग्राम के मानेसर IMT में सैलरी बढ़ाने को लेकर हुए प्रदर्शन के बीच कर्मचारियों और मजदूरों के वॉट्सएप ग्रुप्स में इस तरह के काफी मैसेज किए गए। इन ग्रुप्स में अलग-अलग कंपिनयों में काम करने वाले कर्मचारी और मजदूर एड हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि इन्हीं मैसेज के बाद वहां पथराव हुआ। भीड़ बेकाबू हुई और पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ा।
पुलिस के मुताबिक, इस तरह के मैसेज करने वाले बाहरी लोग हैं। जानबूझकर कर्मचारियों को उकसाया गया। ये कंपनियों को पेट्रोल बम से जलाने की प्लानिंग कर रहे थे। कई जगह पर आगजनी और तोड़फोड़ भी हुई। इस मामले में पुलिस अभी तक 61 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें 15 महिलाएं भी हैं। कुछ को जमानत मिल चुकी है। बाकी भोंडसी जेल में बंद हैं।
जानिए वॉट्सएप ग्रुप्स में किस तरह बनी प्लानिंग…
- मैनेजर को मारने की बात कही: एक ग्रुप में एक मैनेजर, रामबीर को मारने की बात लिखी गई है। एक मैसेज में यह भी लिखा है कि रामबीर को बाहर लेकर आओ, वह जरूर आएगा। इन मैसेज से साफ है कि वे मैनेजर को मारकर दंगा भड़काना चाहते थे।
- रात को हमला करवाना चाहते थे: एक मैसेज में लिखा है कि रात तक इंतजार करो और फिर आग लगा दो। देखते हैं पुलिस क्या करेगी। इस मैसेज को देखकर लगता है कि उपद्रवी मजदूरों को दिन में शांत रहने के लिए कह रहे थे और रात में, जब पुलिस बल कम हो जाए, तब कंपनियों में आग लगाने की बात कर रहे थे।
- पेट्रोल बम से हमले की तैयारी: कई मैसेज पेट्रोल बम से हमले के बारे में भी थे। वॉट्सएप ग्रुप में लिखा था कि ठेके से बीयर की बोतल लेकर आना और पेट्रोल भरकर कंपनी पर फेंक देना और धमका कर देना। इससे साफ है कि उपद्रवी कई कंपनियों को निशाना बनाना चाहते थे।


एडवोकेट बोले- उपद्रवियों की वजह से बेकसूर फंसे


अब जानिए कैसे शुरू हुआ विवाद…
- 6 अप्रैल को होंडा कर्मचारियों का प्रदर्शन: 6 अप्रैल को होंडा कंपनी के कर्मचारियों ने सैलरी बढ़ाने को लेकर हड़ताल की। 7 अप्रैल को कंपनी ने उनकी मांग मान ली और कर्मचारी काम पर लौट गए। इस दिन, दूसरी कंपनियां तोयम, मुंजाल शोवा, रिको, रिचा ग्लोबल आदि के मजदूरों ने भी सैलरी बढ़ाने की मांग करते हुए प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।
- 9 अप्रैल को पथराव और आगजनी: कर्मचारियों के प्रदर्शन को देखते हुए धारा 163 लागू की गई। इस दिन कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया। 9 अप्रैल को पुलिस ने कर्मचारियों को धारा 163 का हवाला देते हुए प्रदर्शन न करने को कहा। इस दौरान एक कंपनी पर पथराव हो गया। पुलिस ने कर्मचारियों पर लाठीचार्ज किया। जिसके बाद पुलिस की एक बाइक को आग लगा दी और कई गाड़ियों को तोड़ दिया।
- पुलिस बोली- बड़ी प्लानिंग थी: IMT मानेसर सेक्टर 7 थाने में 2 मामले दर्ज किए गए। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि वॉट्सएप ग्रुप में जिस तरीके के मैसेज मिले हैं, उनसे पता चलता है कि एक बड़ी साजिश की प्लानिंग की थी, जिसे समय रहते पुलिस ने कंट्रोल कर लिया। इस मामले की गहनता से जांच की जा रही है।

अधिकारियों ने कंपनी मालिकों से मीटिंग की
DCP प्रबीना और लेबर कमिश्नर नवीन कौशिक ने सोमवार को IMT मानेसर में स्थित विभिन्न कंपनियों के मालिकों/प्रतिनिधियों व उनके ठेकेदारों के साथ बैठक की। साथ ही निर्धारित वेतन का भुगतान करने, नोटिस बोर्ड पर वेतन संबंधी जानकारी लिखने, कर्मचारियों के बीच शांति बनाए रखने और मजदूरों के साथ दुर्व्यवहार न करने के सख्त निर्देश दिए। पुलिस ने मजदूरों से अफवाहों से दूर रहने और औद्योगिक क्षेत्र में शांति बनाए रखने की अपील की।
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