पंजाब के खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी को लेकर हलचल तेज हो गई है। पंजाब पुलिस की एक विशेष टीम असम के डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल पहुंच चुकी है, जहां अमृतपाल सिंह फिलहाल National Security Act यानी (एनएसए) के तहत बंद हैं।
खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह की एनएसए हिरासत 22 अप्रैल को समाप्त हो रही है। सूत्रों के अनुसार जैसे ही उनकी नजरबंदी खत्म होगी उन्हें अजनाला थाने पर हमला करने के मामले में गिरफ्तार करके स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा, जहां से रिमांड लिया जाएगा। इसके बाद मुकदमे की कार्रवाई शुरू होने की संभावना है।
अप्रैल 2023 में किया था अमृतपाल को गिरफ्तार
अमृतपाल सिंह को अप्रैल, 2023 में मोगा के रोड़े गांव से गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले फरवरी 2023 में अजनाला पुलिस थाने पर हमले का मामला सामने आया था, जहां वे अपने समर्थकों के साथ मिलकर बैरिकेड्स तोड़कर दाखिल हुए थे और एक साथी को छुड़ाने के लिए पुलिस से झड़प भी हुई थी।
खालिस्तानी समर्थक सांसद अमृतपाल सिंह।
गिरफ्तारी के बाद ट्रायल की प्रक्रिया तेज
इस मामले में अमृतपाल सिंह समेत कुल 41 लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी कर्मचारियों पर हमला, आपराधिक साजिश और दंगा जैसे गंभीर आरोप दर्ज किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, अमृतपाल इस केस के मुख्य आरोपी हैं और उनकी गिरफ्तारी के बाद ट्रायल की प्रक्रिया तेज की जाएगी।
कई जिलों में अमृतपाल के खिलाफ मामले दर्ज
इसके अलावा अमृतपाल सिंह के खिलाफ विभिन्न जिलों में कई अन्य मामले भी दर्ज हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला न केवल कानूनी बल्कि राजनीतिक रूप से भी अहम मोड़ ले सकता है। सरकार चाहती है कि उसे असम में ही हिरासत में रखा जाए और मामले की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जाए। इससे पहले इसी तरह का एक पत्र पंजाब सरकार केंद्रीय गृह मंत्रालय को लिख चुकी है। उसमें सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का हवाला दिया था।





