ICAR-JRF परीक्षा देने पहुंचे स्टूडेंट्स को नहीं मिली एंट्री: लुधियाना के सेंटर में बायोमैट्रिक सिस्टम नहीं चला; पंजाब-राजस्थान से पहुंचे स्टूडेंट मायूस लौटे – Ludhiana News
लुधियाना में ICAR-JRF परीक्षा देने पहुंचे स्टूडेंट्स।
लुधियाना में एसबीएस कॉलेज में ICAR-JRF (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद – जूनियर रिसर्च फेलोशिप) की परीक्षा देने आए स्टूडेंट्स को एंट्री नहीं मिली। स्टूडेंट्स परीक्षा केंद्र के बाहर खड़े हैं और एंट्री का इंतजार कर रहे हैं।परीक्षा सुबह दस बजे से शुरू हो गई
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स्टूडेंट्स का कहना है कि परीक्षा केंद्र में लगा बायोमेट्रिक सिस्टम खराब है जिसकी वजह से उनकी बायोमेट्रिक अटेंडेंस नहीं लगी और प्रबंधकों ने उन्हें एंट्री नहीं दी। स्टूडेंट्स का कहना है कि परीक्षा का समय 10 बजे था और अब साढ़े 11 बज चुके हैं और अभी तक उन्हें एंट्री ही नहीं मिली। उनका आरोप है कि जब प्रबंधकों से बात की तो उनका कहना है कि नया परीक्षा केंद्र सेटअप किया जा रहा है। उसके बाद ही परीक्षा शुरू हो पाएगी।
परीक्षा शुरू न होने से स्टूडेंट्स बेहद परेशान हैं। उनका कहना है कि प्रबंधन की गलती का खामियाजा उन्हें भगतना पड़ेगा। स्टूडेंट्स का कहना है कि वो पंजाब व राजस्थान के अलग-अलग जिलों से यहां पहुंचे हैं।
बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन में भारी लापरवाही
परीक्षा केंद्र पर तैनात कर्मचारियों की सुस्ती के कारण तय समय तक केवल आधे छात्रों की ही बायोमेट्रिक जांच हो सकी। परीक्षा शुरू होने का समय निकल जाने के बाद भी सैकड़ों छात्र केंद्र के बाहर ही खड़े रह गए।परीक्षा का आधिकारिक समय सुबह 10:00 बजे निर्धारित था। लेकिन सुबह 11:30 बजे तक भी प्रशासन छात्रों को अंदर ले जाने में असमर्थ रहा।
अचानक केंद्र बदलने का फरमान
हद तो तब हो गई जब सुबह 10:30 बजे परीक्षा केंद्र के अधिकारियों ने बाहर खड़े छात्रों से कहा कि उनके लिए एक नया परीक्षा केंद्र बनाया जा रहा है और उन्हें परीक्षा देने के लिए वहां जाना होगा। परीक्षा केंद्र प्रशासन ने छात्रों को यह तो कह दिया कि उन्हें नए सेंटर पर जाना है, लेकिन मौके पर मौजूद छात्रों का आरोप है कि उन्हें नए सेंटर का सही पता या लोकेशन तक नहीं बताई गई।
दूर-दराज से आए छात्रों का भविष्य दांव पर
बचो ने आपबीती बताते हुए एक छात्रा ने कहा कि इस राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा के लिए प्रत्येक छात्र ने ₹1,300 की भारी-भरकम फीस भरी है। यहाँ परीक्षा देने के लिए कोई राजस्थान के श्री गंगानगर से आया है, तो कोई फरीदकोट से। लोग इतनी दूर-दूर से पैसा और समय खर्च करके आए हैं। अब इस मौके पर हम अचानक नए सेंटर पर कैसे जाएं? प्रशासन हमें कुछ साफ-साफ नहीं बता रहा है।

