हरियाणा हर गर्भावस्था की डिजिटल निगरानी ‘समृद्धि’ पोर्टल के माध्यम से करेगा
Kamal Singh|Newsdesk7
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चंडीगढ़, 30 अगस्त 2026: हरियाणा सरकार एक डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम पेश करने वाली है जो राज्य की हर गर्भवती महिला को एकीकृत स्वास्थ्य देखभाल ट्रैकिंग सिस्टम के तहत लाएगा, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को घोषणा की।
चंडीगढ़, 30 अगस्त, 2026: हरियाणा सरकार एक डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम पेश करने वाली है, जो राज्य की प्रत्येक गर्भवती महिला को एकीकृत स्वास्थ्य देखभाल ट्रैकिंग सिस्टम के तहत लाएगा, यह बात मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को घोषणा की।
यह पहल, जिसका नाम SAMRIDDHI है, गर्भावस्थाओं की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने, प्रारंभिक चरण में उच्च‑जोखिम मामलों की पहचान करने और समय पर चिकित्सा देखभाल तक पहुँच को बेहतर बनाने के उद्देश्य से की गई है।
**हर गर्भावस्था के लिए एक डिजिटल आईडी** प्रस्तावित प्रणाली के तहत, प्रत्येक गर्भवती महिला का पंजीकरण किया जाएगा और उसे एक विशिष्ट SAMRIDDHI आईडी प्रदान की जाएगी। डिजिटल रिकॉर्ड में गर्भावस्था से संबंधित महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जानकारी सम्मिलित होगी और स्वास्थ्यकर्मियों को महिला की देखभाल यात्रा को गर्भावस्था, प्रसव और प्रसवोत्तर अवधि तक अनुक्रमित करने में सक्षम बनाएगा। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह प्रणाली सरकारी अस्पतालों, निजी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में उपचार प्राप्त करने वाली महिलाओं को भी कवर करेगी। इसका अर्थ है कि यदि गर्भावस्था के दौरान महिला अस्पताल बदलती है, तो उसी डिजिटल आईडी के माध्यम से उसकी चिकित्सा जानकारी को निरंतर अपडेट किया जा सकेगा।
**उच्च‑जोखिम गर्भावस्थाओं को प्राथमिकता** SAMRIDDHI का एक प्रमुख उद्देश्य उच्च‑जोखिम गर्भावस्थाओं की शीघ्र पहचान करना है। ANMs, डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्य अधिकारी निम्नलिखित संबंधी अलर्ट प्राप्त करेंगे:
- आवश्यक चिकित्सीय परीक्षण - प्रसवपूर्व जांचें - अपेक्षित प्रसव तिथियाँ - फॉलो‑अप विज़िट्स - अन्य आवश्यक मातृ‑स्वास्थ्य सेवाएँ
उच्च‑जोखिम गर्भावस्था वाली महिलाओं को अधिक बार फॉलो‑अप मिलेगा, जबकि सामान्य गर्भावस्था वाली महिलाओं से हर तीन महीने में संपर्क किया जाएगा। अपेक्षित प्रसव तिथि के निकट आते ही निगरानी की आवृत्ति बढ़ेगी।
**102 मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कॉल सेंटर** राज्य 102 मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कॉल सेंटर स्थापित करने की योजना बना रहा है। प्रशिक्षित नर्सें स्वास्थ्य मार्गदर्शन प्रदान करेंगी, संभावित जोखिमों का मूल्यांकन करेंगी और गर्भवती महिलाओं को उपयुक्त स्वास्थ्य सुविधा की पहचान करने में मदद करेंगी। यदि कॉल के दौरान उच्च‑जोखिम स्थिति पहचानी जाती है, तो जानकारी राज्य कमांड सेंटर को अग्रेषित की जाएगी और SAMRIDDHI पोर्टल पर दर्ज की जाएगी।
**उपयुक्त अस्पतालों की त्वरित रेफ़रल** यह प्रणाली उन महिलाओं के लिए रेफ़रल प्रक्रिया को सुधारने के लिए भी डिज़ाइन की गई है जिन्हें विशेष उपचार की आवश्यकता है। जिला और राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण समन्वय करेंगे ताकि उच्च‑जोखिम गर्भावस्था वाली महिलाओं को उपयुक्त स्वास्थ्य संस्थानों तक निर्देशित किया जा सके। महिलाओं को उनके स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार प्रसव के लिए उचित अस्पतालों की जानकारी भी दी जाएगी, जबकि उच्च‑स्तरीय सुविधाओं के लिए रेफ़रल को सुव्यवस्थित किया जाएगा।
**छः‑सीट कमांड सेंटर की योजना** राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत दो शिफ्ट में कार्यरत एक छः‑सीट SAMRIDDHI कमांड सेंटर, हरियाणा में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य डेटा, अलर्ट, रेफ़रल और फॉलो‑अप की निगरानी करेगा। जिला‑स्तर की निगरानी में नर्सिंग स्टाफ भी शामिल होगा। पोर्टल को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) मानकों का पालन करने और अन्य स्वास्थ्य‑संबंधित डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के साथ एकीकृत करने का प्रस्ताव है।
**जन्म के बाद भी बच्चे का स्वास्थ्य जुड़ा रहेगा** डिजिटल प्रणाली का काम केवल प्रसव तक सीमित नहीं रहेगा। प्रस्तावित योजना के अनुसार, जन्म पंजीकरण को SAMRIDDHI आईडी से जोड़ा जाएगा, जिससे प्रणाली जन्म के बाद भी बच्चे के स्वास्थ्य को ट्रैक करती रहेगी। व्यापक उद्देश्य गर्भावस्था, प्रसव, प्रसवोत्तर देखभाल और नवजात स्वास्थ्य को सम्मिलित करने वाला निरंतर स्वास्थ्य रिकॉर्ड बनाना है।
**पहल का महत्व** हरियाणा सरकार का मुख्य लक्ष्य मातृ एवं नवजात मृत्यु दर को कम करना है, यह सुनिश्चित करके कि गर्भावस्थाओं का पंजीकरण हो, जटिलताओं की शीघ्र पहचान हो और महिलाओं को समय पर उपचार व रेफ़रल मिलें। यह कदम राष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल मातृ‑स्वास्थ्य रिकॉर्ड की दिशा में एक व्यापक प्रवृत्ति का हिस्सा भी है। केंद्र स्वास्थ्य मंत्रालय ने मई 2026 में JANANI लॉन्च किया था, जो महिलाओं के दीर्घकालिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड को बनाए रखने और मातृ‑शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी के लिए एक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है।
**गर्भवती महिलाओं के लिए क्या बदलेगा?** प्रस्तावित प्रणाली मातृ स्वास्थ्य देखभाल को अधिक जुड़ा हुआ बनाती है:
गर्भावस्था पंजीकरण → SAMRIDDHI आईडी → डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड → जोखिम पहचान → अलर्ट एवं फॉलो‑अप → अस्पताल रेफ़रल → प्रसव → प्रसवोत्तर एवं नवजात निगरानी
सरकार आशा करती है कि इससे गर्भावस्था के महत्वपूर्ण चरणों में महिला के छूटने या स्वास्थ्य सुविधा बदलने के बाद देखभाल की निरंतरता खोने की संभावना कम होगी।
**मुख्य बिंदु** - हरियाणा हर गर्भावस्था को डिजिटल रूप से मॉनिटर करने की योजना बना रहा है। - पंजीकृत गर्भवती महिलाओं को एक विशिष्ट SAMRIDDHI आईडी जारी की जाएगी। - सरकारी और निजी स्वास्थ्य सुविधाओं को कवर किया जाएगा। - उच्च‑जोखिम गर्भावस्थाओं को अधिक सुदृढ़ मॉनिटरिंग मिलेगी। - 102 मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कॉल सेंटर की योजना है। - अलर्ट और रेफ़रल की निगरानी के लिए एक छः‑सीट राज्य‑स्तरीय कमांड सेंटर स्थापित किया जाएगा। - जन्म पंजीकरण को SAMRIDDHI आईडी से जोड़ा जाएगा।