चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में बड़ा बदलाव: अब सभी 42 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में पढ़ाई जाएगी स्किल एजुकेशन, AI और योगा समेत 30 कोर्स – Chandigarh News

चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में बड़ा बदलाव:  अब सभी 42 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में पढ़ाई जाएगी स्किल एजुकेशन, AI और योगा समेत 30 कोर्स – Chandigarh News




सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। नई शिक्षा नीति (NEP-2020) और सीबीएसई के दिशा-निर्देशों के तहत अब चंडीगढ़ के सभी 42 सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में स्किल इलेक्टिव कोर्स शुरू किए जाएंगे। यह नई व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगी। अब तक शहर के केवल 23 सरकारी स्कूलों में ही वोकेशनल और स्किल कोर्स पढ़ाए जा रहे थे, लेकिन शिक्षा विभाग ने इसे सभी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों तक विस्तार देने का फैसला लिया है। इससे विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई के साथ रोजगारपरक और व्यावहारिक कौशल सीखने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों को मिलेंगे 30 स्किल कोर्स के विकल्प नई व्यवस्था के तहत छात्र अपनी रुचि के अनुसार विभिन्न स्किल कोर्स चुन सकेंगे। इनमें आधुनिक तकनीक से लेकर स्वास्थ्य, व्यवसाय और तकनीकी क्षेत्रों से जुड़े विषय शामिल हैं। जो इस प्रकार है- 1. टेक्नोलॉजी और डिजिटल स्किल 2. बिजनेस और फाइनेंस 3. हेल्थ और लाइफस्टाइल 4. होटल और टूरिज्म 5. तकनीकी कोर्स 6. कार्यालय और कंप्यूटर आधारित कौशल 11वीं में दाखिले का बढ़ेगा दायरा शिक्षा विभाग ने 11वीं कक्षा में उपलब्ध 1,755 वोकेशनल सीटों को साइंस, कॉमर्स और ह्यूमैनिटीज स्ट्रीम में पुनर्वितरित करने का निर्णय लिया है। इस बदलाव के बाद सरकारी स्कूलों में 11वीं कक्षा की कुल सीटें 13,875 से बढ़कर 13,920 हो जाएंगी। इससे विद्यार्थियों को अपनी पसंद की स्ट्रीम और विषय चुनने में अधिक सुविधा मिलेगी। 38 नए ट्रेनर रखे जाएंगे योजना को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए शिक्षा विभाग 38 नए पार्ट-टाइम स्किल ट्रेनर नियुक्त करेगा। वर्तमान में कार्यरत 110 स्थायी और संविदा शिक्षकों के साथ ये प्रशिक्षक विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देंगे। इस पूरी योजना पर प्रशासन करीब 1.2 करोड़ रुपये खर्च करेगा। भविष्य के लिए तैयार होंगे विद्यार्थी डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन नितीश सिंगला के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल अकादमिक शिक्षा तक सीमित नहीं रखना, बल्कि उन्हें रोजगारोन्मुखी और व्यावहारिक कौशल से भी लैस करना है। इससे छात्र आत्मनिर्भर बनने के साथ भविष्य की चुनौतियों का बेहतर ढंग से सामना कर सकेंगे। शिक्षा विभाग का मानना है कि स्किल आधारित शिक्षा विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ रोजगार और उद्यमिता के बेहतर अवसर भी उपलब्ध कराएगी।



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