जालंधर में दलित युवक की मौत पर SC कमीशन सख्त: 17 जून तक एसएसपी देहात से मांगी रिपोर्ट; अवैध खनन की भी होगी जांच – Jalandhar News
जालंधर जिले के फिल्लौर हलके के गांव म्योंवाल में एक गरीब दलित युवक की ओवरलोड टिप्पर की चपेट में आने से मौत हो गई। इस हादसे के बाद इलाके में भारी तनाव है और न्याय की मांग को लेकर लगातार धरना-प्रदर्शन जारी है। इस संवेदनशील मामले का संज्ञान लेते हुए पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग (SC) कमीशन ने सख्त कार्रवाई की है। आयोग ने इस पूरी घटना पर स्वतः संज्ञान लेते हुए एसएसपी जालंधर देहात को नोटिस जारी किया है और मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी ने इस संबंध में आधिकारिक जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि एसएसपी जालंधर ग्रामीण को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस मामले की पूरी जांच रिपोर्ट उप-कप्तान पुलिस (DSP) के माध्यम से 17 जून 2026 तक आयोग के समक्ष पेश करें। 3 दिन से नहीं हुआ अंतिम संस्कार चेयरमैन जसवीर गढ़ी ने बताया कि घटना से नाराज और पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए पिछले 3 दिनों से धरना दिया जा रहा है। इसी विरोध प्रदर्शन और न्याय की मांग के चलते पिछले तीन दिनों से मृतक दलित युवक के शव का अंतिम संस्कार भी नहीं किया जा सका है। परिवार की मांग है कि दोषियों पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए। 19 जून को पीड़ित परिवार से मिलेंगे चेयरमैन मामले की गंभीरता को देखते हुए एससी आयोग के चेयरमैन ने खुद फील्ड में उतरने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि वे 19 जून को खुद पीड़ित परिवार से मिलने के लिए गांव म्योंवाल पहुंचेंगे। वहां जाकर वे न सिर्फ परिवार का दुख-दर्द बांटेंगे, बल्कि घटना के असल कारणों की जमीनी हकीकत भी जानेंगे। अवैध माइनिंग पर भी होगी कड़ी जांच इस हादसे के पीछे इलाके में चल रहे अवैध माइनिंग (खनन) को एक बड़ा कारण माना जा रहा है। चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी ने स्पष्ट किया कि वे फिलौर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर चल रहे अवैध खनन की भी गहराई से जांच करेंगे। उनका मुख्य उद्देश्य फिलौर के आम नागरिकों के जीवन को सुरक्षित और सुखद बनाना है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे दोबारा न हों। आम आदमी पार्टी के नेता के बयान पर लिया संज्ञान इस पूरे घटनाक्रम में राजनीतिक गलियारों से भी आवाजें उठने लगी हैं। आयोग के चेयरमैन ने आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता प्रिंसिपल प्रेम कुमार के उस बयान का भी बेहद सख्त नोटिस लिया है, जिसमें उन्होंने इलाके की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। प्रिंसिपल प्रेम कुमार ने अपने बयान में कहा था कि पिछले 15 दिनों से फिलौर विधानसभा क्षेत्र में अवैध खनन की गतिविधियां अचानक बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं। इसी अवैध माइनिंग के कारण दौड़ रहे ओवरलोड वाहनों और टिप्परों की वजह से ही म्योंवाल के इस गरीब दलित युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी है। आयोग इस पहलू को भी अपनी जांच में शामिल रखेगा।
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