पुलिस कर्मी की मौत मामले में 3 पर मामला दर्ज: देर रात तक चला धरना, कल सिंबली गुजरां में मिली थी लाश, पोस्टमार्टम आज – Pathankot News

पुलिस कर्मी की मौत मामले में 3 पर मामला दर्ज:  देर रात तक चला धरना, कल सिंबली गुजरां में मिली थी लाश, पोस्टमार्टम आज – Pathankot News




पठानकोट में पुलिस कर्मी की मौत मामले में थाना 2 में 3 लोगों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है। वहीं, एफआईआर दर्ज होने तक पारिवारिक सदस्य और युवराज के दोस्त सिविल अस्पताल के बाहर रात 12 बजे तक धरने पर डटे रहे। देर रात पुलिस ने मामला दर्ज किया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना समाप्त किया। आरोपियों की पहचान अमन, उसकी बेटी जैसिका और भाई लवली के तौर पर हुई है। फिल्हाल सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। परिवार के सदस्य सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
सिविल अस्पताल में आज होगा कांस्टेबल का पोस्टमार्टम
बता दें, कल दोपहर को युवराज की लाश सिंबली गुजरां चक्की दरिया से बरामद की गई थी। जिसके बाद पुलिस और परिवार लाश की शिनाख्त के बाद शव को सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे तो साढ़े 5 से अधिक का समय हो चुका था। जिसके चलते शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। वहीं, परिवार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए सिविल अस्पताल के बाहर ही धरना दे दिया। जोकि, देर रात तक जारी रहा। ऐसे में आज सिविल अस्पताल में युवराज का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।
देर रात तक चले धरने से लोग हुए परेशान
बता दें, युवराज के परिवार, रिश्तेदार और दोस्तों ने सिविल अस्पताल के बाहर धरना लगाया था। जिससे ओल्ड शाहपुर रोड पर लंबा जाम लग गया। धरना देर रात तक चला। जिसके चलते सिविल अस्पताल और उसके सामने स्थित पैट्रोल पंप पर तेल डलवाने आए लोगों को भारी मुश्किलों को सामना करना पड़ा। हालांकि, लोग वैकल्पिक मार्गों से अपने गंतव्यों की ओर निकले। ये रहा पूरा मामला
पठानकोट में 5 दिन पहले लापता हुए कॉन्स्टेबल का शव सोमवार दोपहर बाद सिंबली गुजरां नहर से बरामद हुआ। शव मिलने के बाद परिवार ने आरोप लगाया कि सरना की रहने वाली मां-बेटी ने युवराज को मरने के लिए मजबूर किया और पुलिस प्रशासन पर समय रहते कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। इसके विरोध में परिजनों ने सिविल अस्पताल के बाहर धरना शुरू कर दिया।
बारिश के बावजूद परिवार और रिश्तेदार सिविल अस्पताल के बाहर धरने पर डटे रहे। परिजनों का आरोप है कि सरना निवासी एक परिवार ने बेटे को मानसिक प्रताड़ना दी है, जिससे परेशान होकर युवराज ने जान दे दी। लेकिन, पुलिस मामले को दबाना चाहती है। वहीं, पूरे मामले पर पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। पुलिस ने पूरे मामले पर चुप्पी साध ली।
मृतक की पहचान 21 वर्षीय युवराज निवासी इंदिरा कॉलोनी के रूप में हुई है। युवराज के पिता भी पंजाब पुलिस में थे, जिनका 4 साल पहले निधन हो गया था। इसके बाद युवराज को साल 2024 में अनुकंपा के आधार पर पंजाब पुलिस में नौकरी मिली थी।
11 जून को ड्यूटी पर निकला, फिर नहीं लौटा
11 जून को घर से ड्यूटी पर गया। लेकिन, फिर वापस नहीं आया। अगले दिन परिवार को सूचना मिली की युवराज की थार यूबीडीसी किनारे खड़ी मिली। जिसके बाद संभावना जताई गई थी कि युवराज ने नहर में छलांग लगाई है। पिछले 5 दिन से एसडीआरएफ और गोताखोरों की ओर से यूबीडीसी में उसकी तलाश की जा रही थी। जिसकी लाश सोमवार को मिली।
कपूरथला में चल रही थी युवराज की ट्रेनिंग
युवराज के भाई नितिन ने बताया कि युवराज कपूरथला में ट्रेनिंग पर था। उन्होंने बताया कि युवराज पिछले 5 दिनों से लापता था तथा उनका मोबाइल फोन भी बंद आ रहा था। नितिन के अनुसार युवराज की थार गाड़ी धीरा पुल के समीप नहर किनारे खड़ी मिली, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर थाने में खड़ा कर दी थी। लेकिन, उसकी तलाश में संजीदगी नहीं दिखाई गई।
परिवार को फोन पर मिली सूचना
नितिन ने बताया कि 11 जून की शाम को निकला युवराज वापस नहीं लौटा। परिवार उसकी तलाश कर रहा था कि उन्हें 12 जून को किसी व्यक्ति का फोन आया था, जिसने बताया कि युवराज की गाड़ी धीरा पुल नहर के पास खड़ी है। जिसके बाद परिवार वहां पहुंचा और पुलिस को शिकायत देकर युवराज को जल्द से जल्द खोजने की मांग की थी।
थार से 15 किमी. दूर मिली लाश
यूबीडीसी के किनारे जहां 11 जून को युवराज की थार खड़ी मिली थी। सोमवार को लाश वहां से लगभग 15 किमी. दूर सिंबली-माजरा की नहर में मिली। परिवार ने आरोप लगाया कि युवराज को मार कर नहर में फेंका गया या फिर उसे मरने के लिए मजबूर किया गया। परिवार ने ये आरोप भी लगाया कि पुलिस ने परिवार के कहे अनुसार धीरा नहर के आसपास तलाश नहीं की। अगर समय रहते तलाश शुरू की जाती तो लाश की ये हालत ना होती।
मां बोली- बेटे को मरने के लिए किया गया मजबूर
मृतक युवराज की मां पूजा ने बिलखते हुए बताया कि उसका बेटा उसे बताता था कि उसे परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरना के कुछ लोग युवराज को मानसिक तौर पर प्रताड़ित कर रहे थे। पुलिस को बयान दर्ज करवाए गए थे। लेकिन, कोई सुनवाई नहीं हुई। आज लाश मिली है। पुलिस युवराज के मौत के जिम्मेदार लोगों को बचाने में लगी है।



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