लुधियाना में रिश्वतखोरी का VIDEO: पुराना फंड क्लियर कराने के बदले ₹10 हजार लिए; कर्मचारी नेताओं ने रिकॉर्डिंग कर कमिश्नर को दिया – Ludhiana News

लुधियाना में रिश्वतखोरी का VIDEO:  पुराना फंड क्लियर कराने के बदले ₹10 हजार लिए; कर्मचारी नेताओं ने रिकॉर्डिंग कर कमिश्नर को दिया – Ludhiana News


रिश्वत लेने के बाद पैसे गिनता हुआ आरोपी कर्मचारी।

लुधियाना नगर निगम के DCFA दफ्तर में तैनात एक सफाई कर्मी का रिश्वत लेते हुए का वीडियो सामने आया है। आरोप है कि सफाई कर्मी ने डीसी रेट से पक्के हुए कर्मचारी से पुराना फंड रिलीज करवाने के नाम पर 10 हजार रुपए रिश्वत ली।

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कर्मचारी नेताओं ने ट्रैप लगाकर पैसे लेते हुए उसका वीडियो बना लिया। वीडियो निगम कमिश्नर और विजिलेंस ब्यूरो को भेजकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। इसके बाद कमिश्नर डॉ नीरू कत्याल गुप्ता ने जांच के आदेश दे दिए हैं। कमिश्नर ने साफ कर दिया कि अगर वीडियो सही पाया गया तो कर्मचारी के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।

नगर निगम संघर्ष कमेटी के नेता विक्की सहोता ने कहा कि कर्मचारी ने पहले भी डीसी रेट से पक्के हुए कर्मचारियों का पुराना फंड रिलीज करने के नाम पर रिश्वत ली है।

रिश्वत के पैसे हाथ में लेकर बात करता हुआ कर्मचारी।

रिश्वत लेने की शिकायत मिलने पर कैसे ट्रैप लगाया, जानिए..

  • फंड क्लीयर करने बदले मांगे पैसे: विक्की सहोता ने बताया कि नगर निगम ने डीसी रेट पर काम करने वाले सफाई सेवकों व सीवरमैन को पक्का किया है। डीसी रेट पर काम करते हुए कर्मचारियों का जो फंड नगर निगम में जमा था, वो कर्मचारियों को रिलीज किया जा रहा है। डीसीएफए दफ्तर का सफाई सेवक उसी फंड को क्लीयर करवाने के बदले कर्मचारियों से पैसे ले रहा है।
  • कर्मचारी ने दी रिश्वत मांगने की सूचना: विक्की सहोता ने बताया कि उनसे एक कर्मचारी ने संपर्क किया और कहा कि डीसीएफए दफ्तर का कर्मचारी उनसे फंड क्लियर करने के नाम पर 10 हजार रुपए मांग रहा है। कर्मचारी ने उन्हें बताया कि वो कई दिन से दफ्तर के चक्कर लगवा रहा है।
  • रिश्वतखोर को पकड़ने के लिए लगाया ट्रैप: सहोता ने बताया कि कर्मचारी की बात सुनने के बाद हमने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का फैसला किया। उसके बाद कर्मचारी को कहा कि तुम डीसीएफए दफ्तर के कर्मचारी को बुलाओ और उसे पैसे दो। दूसरे साथी को उसका वीडियो बनाने को कहा। इस तरह उसे पकड़ने के लिए ट्रैप लगाया।
  • कैमरे में कैद हुआ रिश्वत का लाइव खेल: सहोता ने बताया कि तय रणनीति के तहत जैसे ही पीड़ित कर्मचारी पैसे देने पहुंचा, तो दूसरे एक साथी ने मोबाइल कैमरा ऑन कर दिया। उसके बाद कर्मचारी पैसे लेते हुए कैमरे में कैद हो गया।
  • वॉट्सएप के जरिए कमिश्नर तक पहुंचाया सबूत: सहोता ने बताया कि स्टिंग ऑपरेशन सफल होते ही रिश्वत लेने का लाइव वीडियो को तुरंत नगर निगम की कमिश्नर नीरू कत्याल गुप्ता के पर्सनल वॉट्सएप नंबर पर भेज दिया। हमने मांग की कि ऐसे भ्रष्ट मुलाजिमों के कारण पूरे विभाग की बदनामी होती है, इसलिए इस पर तुरंत एक्शन लिया जाए।
  • विजिलेंस ब्यूरो को सौंपी लिखित शिकायत: सहोता ने बताया कि निगम कमिश्नर को सूचित करने के साथ ही आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी और आपराधिक मामला दर्ज करवाने के लिए कदम उठाए। उन्होंने बताया कि स्टिंग ऑपरेशन की वीडियो फुटेज और अन्य पुख्ता सबूतों के साथ विजिलेंस ब्यूरो को भी एक औपचारिक लिखित शिकायत सौंप दी है, ताकि रिश्वत लेने वाले कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।

वीडियो में ये बातचीत हुई

कर्मचारी: जब 106 लोगों का मामला है, तो उनमें कुछ को 5 और कुछ को 4 के हिसाब से दिया गया है।

DCFA कर्मचारी: आए ही नहीं, सिर्फ 4-5 लोग आए थे। ज्यादा लोग नहीं पहुंचे। जिन लोगों को जानकारी थी, वही आए। कई लोगों को तो इसके बारे में पता ही नहीं था। आपको जानकारी थी, इसलिए आपको पता चल गया। आपके साथ के कई ऐसे कर्मचारी होंगे, जिन्हें इसकी भनक तक नहीं लगी होगी।

कमिश्नर ने दिए जांच के आदेश

नगर निगम संघर्ष कमेटी लुधियाना पंजाब की एक विशेष बैठक जोन-ए माता रानी चौक स्थित मीटिंग हॉल में हुई। इस उच्च स्तरीय बैठक में निगम कमिश्नर नीरू कत्याल गुप्ता, ज्वाइंट कमिश्नर विनीत और जोनल कमिश्नर मनप्रीत सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे।

बैठक के दौरान संघर्ष कमेटी के नेताओं ने पुराना फंड रिलीज करने के नाम पर चल रहे इस 10 हजार रुपए की रिश्वतखोरी के मामले को पुरजोर तरीके से उठाया और आरोपी कर्मी के खिलाफ तुरंत सख्त प्रशासनिक व कानूनी कार्रवाई की मांग की।

विक्की सहोता की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए कमिश्नर ने आश्वासन दिया कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की लोकल मांगों से जुड़ी प्रोसीडिंग जल्द जारी होगी और अगली कार्रवाई व समीक्षा बैठक 24 जून को रखी गई है।



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