- Hindi News
- National
- Nashik TCS Sexual Abuse Conversion Scam | Organized Network Targeting New Staff
- कॉपी लिंक
नासिक धर्मांतरण, यौन शोषण केस में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
महाराष्ट्र के नासिक स्थित TCS कंपनी ऑफिस में धर्म परिवर्तन, यौन शोषण केस की पुलिस जांच में सामने आया है कि एक संगठित नेटवर्क नए कर्मचारियों को निशाना बनाता था। इस केस में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी नई जॉइन करने वाली कर्मचारियों की निजी जानकारी के आधार पर ‘टारगेट’ चुनते थे। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर और पारिवारिक समस्याओं से जूझ रहे कर्मचारियों को निशाना बनाया जाता था।
अब तक की जांच के अनुसार गिरफ्तार HR मैनेजर अश्विनी चेनानी ने तौसीफ अत्तार से 38 बार, दानिश शेख से 1 बार, रजा मेमन से 22 बार और आपत्तिजनक चैट की थी।

हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने 10 अप्रैल को कंपनी कैंपस में घुसकर हंगामा किया।
वित्तीय लेन-देन की जांच में सहयोग नहीं कर रही
पीड़ित लड़कियों ने जब आरोपियों के खिलाफ शिकायत की तो अश्विनी ने शिकायत को जानबूझकर नजरअंदाज किया। उलटा उसने पीड़ित को ही फटकार लगाई। सोमवार को तीन दिन की हिरासत समाप्त होने के बाद उसे अदालत में पेश किया गया। वह वित्तीय लेन-देन की जांच में पुलिस का बिल्कुल भी सहयोग नहीं कर रही है। इसलिए उसकी पांच दिन की हिरासत मांगी गई थी। हालांकि, अदालत ने उसे दो दिनों के लिए हिरासत में भेज दिया।
जांच में यह भी सामने आया है कि प्रशिक्षण के दौरान हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की जाती थी। जब पीड़ित परेशान होते थे, तब HR मैनेजर उनसे संपर्क कर भरोसा जीतती थी और धीरे-धीरे उनके रहन-सहन में बदलाव के लिए दबाव बनाया जाता था।
2022 से 2026 के बीच महिला कर्मचारियों को टारगेट बनाया
FIR के अनुसार, 18 से 25 साल की महिला कर्मचारियों को टारगेट किया गया। आरोप है कि-
- नमाज पढ़ने के लिए दबाव बनाया गया
- नॉन-वेज खाने के लिए मजबूर किया गया
- धर्म परिवर्तन के लिए मानसिक दबाव डाला गया
कुछ मामलों में शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने और बाद में ब्लैकमेल करने के आरोप भी लगे हैं।
ऑफिस में ही छेड़छाड़ और उत्पीड़न के आरोप
शिकायतों में यह भी कहा गया है कि:
- ऑफिस के अंदर और बाहर छेड़छाड़ की गई
- आपत्तिजनक टिप्पणियां और इशारे किए गए
- एक मामले में ऑफिस में ही महिला को जबरन पकड़ने की कोशिश की गई
कुछ पीड़ितों ने आरोप लगाया कि वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।
वॉट्सएप ग्रुप भी बनाया
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने एक वॉट्सएप ग्रुप भी बनाया हुआ था, जहां वे ‘टारगेट’ पर चर्चा करते थे और धार्मिक व कंपनी से जुड़े मुद्दों पर बात करते थे। पुलिस इस डिजिटल सबूत की भी जांच कर रही है।
अब तक गिरफ्तार आरोपियों में आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, तौसीफ अत्तर और अन्य शामिल हैं। ऑपरेशन मैनेजर अश्विन चेनानी को भी गिरफ्तार किया गया है। SIT इस पूरे मामले की जांच कर रही है और 12 से ज्यादा संभावित पीड़ितों की पहचान की गई है।
फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क के अन्य कनेक्शन और बाहरी लिंक की भी जांच कर रही है। मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
VHP ने कहा- राष्ट्रीय स्तर पर धर्मांतरण विरोधी कानून बने
VHP के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने बुधवार को एक बयान में कहा- नाशिक की घटना एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है, जो ऐसा लगता है कि कई क्षेत्रों में सक्रिय है। मैं केंद्र सरकार और राज्य सरकारों से अपील करता हूं कि वेराष्ट्रीय सुरक्षा, नागरिकों की सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द को ध्यान में रखते हुए निर्णायक कार्रवाई करें। सभी राज्यों के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी धर्मांतरण विरोधी कड़े कानूनों की ज़रूरत है।
——————————
ये खबर भी पढ़ें:
टाटा सन्स चेयरमैन बोले- नासिक की घटना परेशान करने वाली:सीनियर अफसर से जांच करा रहे, TCS कैंपस में यौन उत्पीड़न, जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप हैं

टाटा सन्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने TCS नासिक में लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों को गंभीर और परेशान करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच सीनियर अफसर से कराई जा रही है और दोषियों पर सख्त एक्शन लेंगे। रविवार को अपनी पहली प्रतिक्रिया में कंपनी ने कहा था कि कंपनी में किसी भी तरह के उत्पीड़न के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति है। जैसे ही उसे मामले की जानकारी मिली, उसने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…









