JEE एडवांस में यजत ट्राईसिटी का टॉपर: 21वीं रैंक हासिल की, डॉक्टर दंपती का बेटा भी टॉप 50 में शामिल, चंडीगढ़ कोचिंग ली – Chandigarh News
जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम यानी JEE-एडवांस का रिजल्ट रविवार देर रात जारी हुआ। इसमें चंडीगढ़ के सेक्टर 35 के रहने वाले यजत ने ऑल इंडिया में 21वीं रैंक (AIR) हासिल की। इसके साथ ही वह ट्राईसिटी (चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला) के टॉपर बने हैं। इससे पहले यजत ने जेईई मेन 2026 में भी AIR-100 हासिल की थी। यजत की बचपन से मैथ में रुचि रही है। वह आईएनएमओ, आईएमओटीसी कैंप और आईएनसीएचओ जैसी परीक्षाओं में भी हिस्सा ले चुके हैं। उनके पिता सुलभ प्राइवेट कंपनी में HR हैं। इसके साथ एक अन्य छात्र अर्नव गांधी ने ऑल इंडिया में 36वीं रैंक हासिल की है। अर्नव ने इससे पहले जेईई मेन 2026 में 22वीं रैंक हासिल की थी। वहीं चंडीगढ़ के सेक्टर 37 के रहने वाले आरुष सिंघल ने 45वीं रैंक हासिल की। इससे पहले वह जेईई मेन 2026 में AIR-8 के साथ भी चंडीगढ़ टॉपर रहे थे। तीनों चंडीगढ़ में कोचिंग लेते थे। अर्नव गांधी के माता-पिता डॉक्टर
अर्नव गांधी के पिता और माता दोनों डॉक्टर हैं। वह चंडीगढ़ में सेक्टर 22 के हॉस्टल में रहता था। उसके माता-पिता हरियाणा के हिसार में रहते हैं। दोनों डेंटिस्ट हैं। वहीं पर काम करते हैं। अर्नव ने कहा कि परिवार ने हमेशा उनके शैक्षणिक लक्ष्यों को पूरा करने में सहयोग किया और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि सीनियर छात्रों की सफलता देखकर उन्हें विश्वास हुआ कि सही रणनीति और मेहनत से बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है। अर्नव को संगीत सुनना, कॉमेडी शो देखना और क्रिकेट पसंद है। उनका मानना है कि दूसरों से तुलना करने के बजाय खुद को हर दिन बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए। वहीं आरुष ने बताया कि वह लगातार कई घंटों तक पढ़ाई करने के बजाय छोटे-छोटे सत्रों में पढ़ाई करते थे। हालांकि पढ़ाई के दौरान पूरा फोकस बनाए रखते थे। वह रोजाना कक्षाओं और चर्चाओं के अलावा 6 से 8 घंटे खुद पढ़ाई करते थे। IIT बॉम्बे में कंप्यूटर साइंस करने का लक्ष्य
आरुष का लक्ष्य आईआईटी बॉम्बे में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में दाखिला लेना है। उनके पिता नकुल सिंघल सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, जबकि माता मालती सिंघल गृहिणी हैं। आरुष को बास्केटबॉल खेलना, किताबें पढ़ना, वीडियो गेम खेलना और फिल्में देखना पसंद है। उनका कहना है कि सफलता पाने के लिए सिर्फ मेहनत करना ही काफी नहीं होता, बल्कि सही योजना बनाकर लगातार अनुशासन के साथ काम करना भी जरूरी होता है। लुधियाना के तविश गोयल ने 504वीं रैंक हासिल की
लुधियाना के तविश गोयल ने ऑल इंडिया 504वीं रैंक हासिल की। वहीं उनकी क्लासमेट बरनाज कौर ने 1017वीं रैंक प्राप्त की है। तविश गोयल ने कहा मैं और मेरे माता-पिता बेहद खुश हैं। पिछले दो साल की कड़ी मेहनत का फल आज मिल गया है। एग्जाम बेशक मुश्किल है, लेकिन नामुमकिन नहीं। अगर कोई छात्र रोजाना 7 से 8 घंटे पूरी एकाग्रता के साथ पढ़ाई करता है, तो वह इस परीक्षा को आसानी से पास कर सकता है। यदि जेईई में सफलता हासिल करनी है, तो दो साल के लिए दोस्तों और सोशल मीडिया से दूरी बनानी होगी और पूरा फोकस सिर्फ पढ़ाई पर रखना होगा। टीचर्स और सीनियर्स की मदद लें
उन्होंने कहा कि कंपटीशन की तैयारी और पढ़ाई में एआई (AI), गूगल, चैट जीपीटी या अन्य डिजिटल टूल्स का सहारा बिल्कुल न लें। इनके बजाय अपने सीनियर्स और टीचर्स की मदद लें। टीचर्स जो समझाते हैं, उसे याद रखना और समझना ज्यादा आसान होता है। तविश के पिता पेशे से डॉक्टर हैं और उनकी माता अस्पताल का मैनेजमेंट संभालती हैं।
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