चंडीगढ़ में प्रॉपर्टी टैक्स पर छूट खत्म: 25% पेनल्टी, 12% ब्याज देना होगा; 65 हजार प्रॉपर्टी टारगेट पर, अटैच होंगी, पानी कनेक्शन कटेगा – Chandigarh News
चंडीगढ़ में प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भरने वाले 65 हजार संपत्ति मालिक अब नगर निगम की कार्रवाई के दायरे में आ गए हैं। 31 मई तक चल रही टैक्स छूट योजना खत्म होने के बाद आज (1 जून) से डिफॉल्टरों पर 25% पेनल्टी और 12% सालाना ब्याज लागू हो गया है। नगर निगम ने साफ संकेत दिए हैं कि लगातार टैक्स नहीं भरने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर पानी के कनेक्शन काटने और संपत्तियां अटैच करने जैसी कार्रवाई भी हो सकती है। अब रिहायशी संपत्तियों पर मिलने वाली 20% और कमर्शियल प्रॉपर्टी पर 10% की छूट भी खत्म हो चुकी है। इसके बावजूद शहर में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जिन्होंने अभी तक टैक्स जमा नहीं कराया। आधिकारिक वेबसाइट पर करें भुगतान लोगों को प्रॉपर्टी टैक्स भरने में दिक्कत न आए इसके लिए निगम की तरफ से पूरे इंतजाम किए गए हैं। दो तरीकों से भुगतान किया जा सकता है। पहला नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट https://mcchandigarh.gov.in/ है। होम पेज पर जाते ही प्रॉपर्टी टैक्स वाले कॉलम में जाकर जानकारी भरनी होगी। इसके बाद पेमेंट का ऑप्शन रहेगा। दूसरा संपर्क सेंटर जाकर नकद, चेक या डिमांड ड्राफ्ट (DD) के जरिए जमा किया जा सकता हैं। यह सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक खुलते हैं। टैक्स भरने में दिक्कत तो यहां संपर्क करे
टैक्स भरने को लेकर कोई दिक्कत आती है तो लोग एमसीसी कार्यालय में ग्राउंड फ्लोर, सेक्टर-17, चंडीगढ़ पर व्यक्तिगत रूप से जा सकते हैं। इसके अलावा हेल्पलाइन नंबर 0172-5021618 पर संपर्क किया जा सकता है। आखिरी वक्त तक रही छूट के लिए भीड़
छूट योजना के आखिरी दिन रविवार होने के बावजूद नगर निगम कार्यालय और संपर्क केंद्रों पर लोगों की भीड़ लगी रही। कई लोग पेनल्टी और ब्याज से बचने के लिए अंतिम समय में टैक्स जमा कराने पहुंचे। नगर निगम के मुताबिक 1 अप्रैल से 31 मई तक करीब 65 हजार करदाताओं ने प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराया। इससे निगम को लगभग 50 करोड़ रुपए की इनकम हुई है। 90 करोड़ के टारगेट से अभी दूर निगम
नगर निगम ने इस वित्त वर्ष में प्रॉपर्टी टैक्स से 90 करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य रखा है। पिछले वित्त वर्ष में निगम ने 87.91 करोड़ रुपए की वसूली की थी। इसमें पीजीआई, पंजाब यूनिवर्सिटी और रेलवे जैसी संस्थाओं से पुराने बकाये की रकम भी शामिल थी। अधिकारियों का कहना है कि इस बार पुराने बकाये कम मिलने की संभावना है, इसलिए लक्ष्य हासिल करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। 1.20 लाख प्रॉपर्टी मालिकों को भेजे गए नोटिस
टैक्स वसूली बढ़ाने के लिए नगर निगम पहले ही करीब 1.20 लाख संपत्ति मालिकों को नोटिस जारी कर चुका है। शहर में कुल 1.42 लाख टैक्सदाता हैं। इनमें करीब 1.12 लाख रिहायशी और 30 हजार कमर्शियल प्रॉपर्टी मालिक शामिल हैं। अब बड़े डिफॉल्टरों पर होगी सीधी कार्रवाई
नगर निगम ने कार्रवाई का पूरा प्लान तैयार कर लिया है। सबसे पहले 50 हजार रुपए से अधिक टैक्स बकाया रखने वालों को नोटिस भेजे जाएंगे। इसके बाद 30 हजार और फिर 20 हजार रुपए से ज्यादा बकाया वालों पर कार्रवाई होगी। पिछले साल भी नगर निगम ने कई डिफॉल्टरों के पानी के कनेक्शन काटे थे और संपत्तियां अटैच की थीं। इस बार भी टैक्स वसूली के लिए ऐसे कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्रॉपर्टी टैक्स नगर निगम की आय का सबसे बड़ा स्रोत है और बकायेदारों के खिलाफ नियमों के तहत सख्ती की जाएगी। निगम कमिश्नर बोले- टैक्स न चुकाने पर डिफॉल्टरों को नोटिस भेजा जाता निगम कमिश्नर अमित कुमार के मुताबिक, नगर निगम द्वारा बकाया टैक्स न चुकाने पर डिफॉल्टरों को नोटिस भेजा जाता है। अगर फिर भी टैक्स नहीं भरा जाता, तो पंजाब नगर निगम अधिनियम, 1976 (जो चंडीगढ़ में लागू है) के तहत संपत्ति को सील करने या कुर्क करने की कानूनी कार्रवाई शुरू की जा सकती है।
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