पंजाब निकाय चुनाव नतीजे, एक परिवार से 3 उम्मीदवार जीते: कहीं सास-बहू तो कहीं माता-पिता और बेटा बने पार्षद, ऐसी ही 9 रोचक जीत जानिए – Chandigarh News
पंजाब निकाय चुनाव के नतीजों में कई रोचक चीजें सामने आ रही हैं। इनमें कई परिवार ऐसे हैं, जहां एक ही घर से 2 या 3 लोग चुनाव जीतकर पार्षद बन गए। इनमें दंपती, सास-बहू से लेकर पिता-पुत्र की जोड़ी भी शामिल है। हालांकि ये सभी अलग-अलग पार्टियों से हैं लेकिन परिवार की सियासी विरासत को बचाने में कामयाब रहे। इस खबर में पढ़िए ऐसे ही जोड़ियों के रोचक किस्से… 1. सास-बहू बनीं पार्षद
फरीदकोट नगर परिषद चुनाव में सास-बहू पार्षद का चुनाव जीत गईं। शिरोमणि अकाली दल (SAD) की उम्मीदवार मुस्कान ग्रोवर ने वार्ड नंबर 19 से चुनाव जीता और उनकी चाची सास उमा ग्रोवर ने वार्ड नंबर 21 से जीत दर्ज की। दोनों ने चुनाव प्रचार भी आपसी तालमेल से किया था।
2. खुद, भाभी और बेटा बने पार्षद
फरीदकोट नगर परिषद में एक ही परिवार के तीन सदस्य चुनाव जीते हैं। इनमें स्वतंत्र जोशी ने आम आदमी पार्टी के मुख्य चेहरे के रूप में वार्ड नंबर 10 से चुनाव लड़कर शानदार जीत दर्ज की। वे इस पारिवारिक राजनीतिक त्रिकोण के मुख्य सूत्रधार माने जाते हैं। विजयप्रीत जोशी वार्ड नंबर 11 से चुनाव जीती हैं। वे स्वतंत्र जोशी की भाभी हैं। इसी तरह एरन जोशी ने वार्ड नंबर 16 से जीत हासिल की है। वह स्वतंत्र जोशी के बेटे हैं। 3. BJP की टिकट पर जीता दंपती
मोहाली के नयागांव नगर कौंसिल चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रत्याशी सुरेंद्र कौशिश बब्बल और उनकी पत्नी ममता कौशिश ने एक साथ जीत दर्ज की। सुरेंद्र कौशिश बब्बल ने वार्ड नंबर 6 से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और कड़े मुकाबले में 10 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। सुरेंद्र बब्बल इससे पहले भी 2 बार पार्षद रह चुके हैं। जबकि ममता कौशिश ने वार्ड नंबर 10 से भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और अपने प्रतिद्वंद्वी को 95 वोटों के अंतर से हराकर शानदार जीत दर्ज की। 4. मां-बेटे की जोड़ी ने कायम रखी राजनीतिक विरासत
मोहाली नगर निगम चुनाव में पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर स्व. ऋषव जैन के परिवार ने अपनी राजनीतिक विरासत को कायम रखते हुए शानदार जीत दर्ज की है। कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहीं उनकी पत्नी राज रानी जैन और बेटे गौरव जैन दोनों अपने-अपने वार्डों से जीत हासिल कर पार्षद बने। गौरव जैन ने पहली बार सक्रिय राजनीति में कदम रखा और वार्ड नंबर 20 से जीत दर्ज की। वहीं उनकी मां राज रानी जैन ने वार्ड नंबर 21 से चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक पकड़ को फिर साबित किया। राज रानी जैन भी पहले पार्षद रह चुकी हैं। 5. मोहाली में AAP की टिकट पर पति-पत्नी जीते मोहाली नगर निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) की उम्मीदवार गुरमीत कौर ने वार्ड नंबर 3 से और उनके पति हरविंदर सिंह ने वार्ड नंबर 4 से शानदार जीत हासिल की है। गुरमीत कौर पहले भी पार्षद के रूप में सेवाएं दे चुकी हैं और इस दंपति को आम आदमी पार्टी के मोहाली विधायक कुलवंत सिंह का करीबी माना जाता है। 6. डेराबस्सी में उपनेजा कपल की जीत
डेराबस्सी नगर परिषद चुनाव में उपनेजा कपल ने अपने-अपने वार्डों से एक साथ चुनाव जीता है। नरेश उपनेजा ने वार्ड नंबर 14 से चुनाव लड़कर शानदार जीत दर्ज की, जबकि उनकी पत्नी और डेराबस्सी नगर परिषद की पूर्व अध्यक्ष आशु उपनेजा ने वार्ड नंबर 15 से बड़ी जीत हासिल की। 7. धनौला में पति-पत्नी और मां-बेटे की जीत
संगरूर के धनौला नगर कौंसिल चुनाव में वार्ड नंबर 8 से पूर्व नगर काउंसिल अध्यक्ष सुरजीत सिंह और उनकी पत्नी जसबीर कौर वार्ड नंबर 7 से जीती हैं। इसी तरह आम आदमी पार्टी की टिकट पर वार्ड नंबर 1 से रणजीत कौर और उनके बेटे साहिबजीत सिंह वार्ड नंबर 4 से चुनाव जीते हैं। 8. दोराहा में एक परिवार के तीन सदस्य बने पार्षद
लुधियाना जिले के दोराहा नगर कौंसिल चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) के एक परिवार के 3 मेंबर चुनाव जीत गए। प्रिया शर्मा ने वार्ड नंबर 5 से 47 वोटों के अंतर से जीत हासिल की, जबकि उनके पति सुदर्शन कुमार शर्मा ने वार्ड नंबर 8 से 211 वोटों की बढ़त के साथ विजय प्राप्त की। उनके बेटे अनमोल शर्मा ने वार्ड नंबर 6 से कांग्रेस उम्मीदवार को 113 वोटों से हराकर परिवार की जीत की हैट्रिक पूरी की। तीनों की जीत से नगर कौंसिल में AAP को बहुमत मिला। यहां 8 सीटें AAP, 5 कांग्रेस और 2 निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीतीं। पिता-पुत्र की ये जोड़ी बनी किंगमेकर
कपूरथला के वरिष्ठ कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत सिंह व उनके बेटे निर्दलीय विधायक राणा इंद्र प्रताप सिंह किंगमेकर की भूमिका में नजर आए। राणा गुरजीत सिंह ने कपूरथला नगर निगम में अपने दम पर कांग्रेस को जीत दिलाई। यहां के 50 वार्डों में से 30 सीटों पर कांग्रेस जीती। इसी तरह सुल्तानपुर लोधी नगर काउंसिल में राणा इंद्र प्रताप सिंह ने 13 में से 7 सीटों पर जीत हासिल कर पूर्ण बहुमत प्राप्त किया। AAP को 5 सीटें मिलीं और शिरोमणि अकाली दल (SAD) को केवल 1 सीट मिली। कांग्रेस और बीजेपी यहां अपना खाता भी नहीं खोल सकीं। ********************
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