लुधियाना में मलेशिया से डिपोर्ट होकर लौटे युवक ने तनाव में की खुदकुशी – Ludhiana News

लुधियाना में मलेशिया से डिपोर्ट होकर लौटे युवक ने तनाव में की खुदकुशी – Ludhiana News



लुधियाना में विदेश से डिपोर्ट होकर लौटे एक युवक ने मानसिक तनाव के चलते फंदा लगाकर जान दे दी। घटना थाना सलेम टाबरी अधीन मनजीत सिंह नगर गली नंबर-2 में वीरवार देर रात करीब 1 बजे की है। मृतक की पहचान सुनील कुमार (33) पुत्र गुरमेल राम के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ समय से तनाव में था। एएसआई प्रेम चंद ने बताया कि पुलिस को रात करीब 3 बजे घटना की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकरपोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल की मॉर्चरी में रखवा दिया। जांच में सामने आया है कि सुनील करीब 4 महीने पहले मलेशिया से डिपोर्ट होकर भारत लौटा था। विदेश से लौटने के बाद वह काफी गुमसुम रहने लगा था और किसी से ज्यादा बातचीत भी नहीं करता था। कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करता था सुनील : सुनील कुमार कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करता था। मृतक के भाई अश्वनी कुमार ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वीरवार रात सुनील रोजाना की तरह कमरे में सोने चला गया था और अंदर से कुंडी लगा ली थी। शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे जब परिवार ने उसके कमरे का दरवाजा खटखटाया तो उसने कोई जवाब नहीं दिया। काफी आवाजें लगाने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद परिजनों ने दरवाजा तोड़ा तो देखा सुनील छत से रस्सी का फंदा लगाकर लटका था। परिजनों ने सूचना पुलिस को दी। फिलहाल पुलिस ने धारा 194 के तहत कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। वर्षा बिसारिया, इंटरनेशनल ट्रेनर अपने देश में ही करियर बनाकर मजबूत नींव रखें वर्क परमिट के वैश्विक संकट से बच्चों को बचाने के लिए जरूरी है कि उन्हें ऐसे नैतिक और जीवन मूल्यों की शिक्षा दी जाए. जिससे वे समझ सकें कि कोई भी विदेशी वीजा या वर्क परमिट उनके माता-पिता के संघर्ष और उनकी अपनी जिंदगी से बढ़कर नहीं है। बच्चों के भीतर अपने परिवार और जीवन के प्रति ऐसा मजबूत भावनात्मक जुड़ाव होना चाहिए कि विपरीत परिस्थितियों में वे गलत रास्ता चुनने के बजाय अपने देश लौटने का साहस दिखा सकें और यहां रहकर भी खुद को एक सफल इंसान बना सकें। बच्चों को विदेश भेजने के मोह में अपनी पुश्तैनी जमीन, मकान या जीवनभर की जमा-पूंजी दांव पर नहीं लगानी चाहिए। यदि बच्चा देश में रहकर पढ़ाई या करियर बनाता है, तो यही संपत्तियां उसके रोजगार, स्टार्टअप या नए व्यवसाय की मजबूत नींव बन सकती हैं।



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