2011 से अलग रह रहे उमर अब्दुल्ला-पायल का तलाक: 32 साल पहले हुई थी शादी; सुप्रीम कोर्ट ने आपसी सहमति से डिवोर्स को मंजूरी दी

2011 से अलग रह रहे उमर अब्दुल्ला-पायल का तलाक:  32 साल पहले हुई थी शादी; सुप्रीम कोर्ट ने आपसी सहमति से डिवोर्स को मंजूरी दी


नई दिल्ली10 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

उमर अब्दुल्ला और पायल की शादी 1994 में हुई थी। (फाइल फोटो)

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उनकी पत्नी पायल को तलाक की मंजूरी दे दी है। उनकी शादी 32 साल पहले हुई थी। दोनों 2011 से अलग रह रहे थे।

दोनों ने कोर्ट को बताया कि आपसी सहमति से अपनी शादी खत्म करने और सभी विवादों को सुलझाने का फैसला किया है।

उमर ने सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी शादी को खत्म करने से इनकार कर दिया था।

उमर अब्दुल्ला और पत्नी पायल।

उमर अब्दुल्ला और पत्नी पायल।

ओबेरॉय होटल में हुई थी मुलाकात

उमर और पायल की मुलाकात दिल्ली के ओबेरॉय होटल में हुई थी। यहां दोनों जॉब करते थे। इन दोनों के दो बेटे हैं, जिनके नाम जहीर और जमीर हैं।

सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच को बताया कि दोनों ने इस महीने की शुरुआत में संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत शादी को खत्म करने के लिए आवेदन दिया था।

300 करोड़ की एलिमनी मांगने का आरोप

सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में दोनों पक्षों को आपसी सहमति से मामला सुलझाने के लिए कहा था। कोर्ट ने कहा था कि हम उम्मीद करते हैं कि दोनों पक्ष गंभीरता दिखाएंगे और मामला सुलझ जाएगा।

सुनवाई के दौरान उमर अब्दुल्ला के वकील कपिल सिब्बल ने आरोप लगाया था कि पायल तलाक नहीं देना चाहतीं और 300 करोड़ की एलिमनी की मांग कर रही हैं।

उमर ने क्रूरता के आधार पर तलाक की मांग की थी

हालांकि, 2016 में एक फैमिली कोर्ट ने उनकी याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि वह यह साबित नहीं कर सके कि शादी खत्म हो चुकी है। अदालत ने क्रूरता के आरोपों को भी अस्पष्ट और निराधार पाया था।

इसके बाद उन्होंने फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। दिसंबर 2023 में कोर्ट ने उनकी अपील को खारिज करते हुए लोअर कोर्ट के फैसले को सही पाया था।

हाईकोर्ट ने उमर अब्दुल्ला को पायल को गुजारा भत्ते के रूप में ₹1.5 लाख प्रति माह और अपने एक बेटे की पढ़ाई के खर्च के लिए ₹60,000 प्रति महीना देने के लिए कहा था। इसके बाद उमर ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की।

सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2025 में दोनों को एक साथ बैठकर अपने विवादों को सुलझाने का निर्देश दिया था।

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *