पठानकोट वार्ड 22 में भारी बिजली संकट: उमस और गर्मी में रात भर सड़कों पर बैठने को मजबूर हुए लोग, सरकार व पॉवरकॉम के खिलाफ फूटा गुस्सा – Pathankot News

पठानकोट वार्ड 22 में भारी बिजली संकट:  उमस और गर्मी में रात भर सड़कों पर बैठने को मजबूर हुए लोग, सरकार व पॉवरकॉम के खिलाफ फूटा गुस्सा – Pathankot News




मानसून की उमस और भीषण गर्मी के बीच पठानकोट शहर के वार्ड नंबर 22 में गहराए बिजली संकट ने स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल कर दिया है। लगातार घंटों लग रहे लंबे-लंबे पावर कटों के कारण पूरे क्षेत्र में हाहाकार मचा हुआ है। सोमवार की पूरी रात बिजली आपूर्ति ठप्प रहने से त्रस्त लोग भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए छोटे-छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के साथ रातभर घरों से बाहर सड़कों और गलियों में बैठने को मजबूर रहे। बिजली विभाग (PSPCL) और पंजाब सरकार की ढुलमुल कार्यशैली से नाराज वार्ड वासियों के सब्र का बांध टूट गया। सरकार और पावरकॉम के खिलाफ नारेबाजी करते स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का स्थायी हल तुरंत नहीं निकाला गया, तो वे उग्र आंदोलन और चक्का जाम करने को मजबूर होंगे। न पंखे चले, न कूलर; पूरी रात जागे मासूम बच्चे और बुजुर्ग स्थानीय निवासियों ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि सोमवार रात अचानक बंद हुई बिजली सुबह तक नहीं आई। भीषण उमस के कारण घरों के अंदर रुकना नामुमकिन हो गया था। घंटों बत्ती गुल: लगातार बिजली कट रहने के कारण इनवर्टर भी जवाब दे गए, जिससे पंखे, कूलर और अन्य आवश्यक उपकरण पूरी तरह ठप्प हो गए। रातों की नींद हराम: घरों में दम घुटने जैसी स्थिति बनने के कारण बिलखते मासूम बच्चों और बीमारियों से जूझ रहे बुजुर्गों को लेकर परिजन आधी रात को सड़कों पर निकल आए। दिनचर्या प्रभावित: रातभर नींद पूरी न होने और पानी की आपूर्ति ठप्प पड़ने से लोगों का सुबह का कामकाज और बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हुई। पॉवरकॉम और पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी क्षेत्रवासियों ने पंजाब सरकार और पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के खिलाफ कड़ा रोष जाहिर करते हुए कहा कि हर साल गर्मी के मौसम में इस वार्ड के लोगों को इसी तरह बिजली संकट से जूझना पड़ता है, लेकिन विभाग कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है। हम हर महीने समय पर बिजली बिलों का भुगतान करते हैं, लेकिन जब हमें सबसे ज्यादा बिजली की जरूरत होती है, तो हमें अंधेरे में धकेल दिया जाता है। विभाग के अधिकारी शिकायतों के बावजूद केवल झूठे आश्वासन देते हैं। जर्जर ढांचा और ओवरलोडिंग बनी मुख्य वजह स्थानीय लोगों का आरोप है कि वार्ड में लगे ट्रांसफॉर्मर और बिजली की तारें काफी पुरानी व जर्जर हो चुकी हैं। क्षेत्र में बढ़ते लोड को संभालने में यह पुराना ढांचा पूरी तरह असमर्थ है। हल्की सी गर्मी या हवा चलते ही ट्रांसफॉर्मर फुंक जाते हैं या लाइन में फॉल्ट आ जाता है। विभाग द्वारा न तो नए हैवी ट्रांसफॉर्मर लगाए जा रहे हैं और न ही तारों की मरम्मत की जा रही है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। निवासियों की मांग और बड़े आंदोलन की चेतावनी वार्ड नंबर 22 के निवासियों ने पंजाब सरकार, बिजली मंत्री और पॉवरकॉम के उच्च अधिकारियों से पुरजोर मांग की है कि क्षेत्र में बिजली की निर्बाध सप्लाई तुरंत बहाल की जाए। जर्जर तारों को बदलकर नए और उच्च क्षमता के ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएं ताकि ओवरलोडिंग की समस्या खत्म हो सके और आपातकालीन स्थिति में फॉल्ट को तुरंत ठीक करने के लिए कंट्रोल रूम की टीमों को मुस्तैद किया जाए। क्षेत्रवासियों ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए कोई ठोस और स्थायी कदम नहीं उठाए गए, तो वे पॉवरकॉम दफ्तर का घेराव करेंगे और सड़कों पर उतरकर धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन और बिजली विभाग की होगी।



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