डेराबस्सी ब्लाइंड मर्डर सुलझा, दो गिरफ्तार: चोरी के कार के विवाद में हत्या, हादसा दिखाने को हाथ-पैर बांधकर ट्रैक पर छोड़ा, लेकिन मोबाइल ने खोला राज – Mohali News
मोहाली में डेराबस्सी में करीब चार महीने पहले जनेतपुर अंडरपास के पास अंबाला-कालका रेलवे ट्रैक पर एक व्यक्ति का शव हाथ-पैर बंधी हालत में मिला था। रेलवे पुलिस ने अब इस ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है। शुरुआती जांच में इसे हादसा माना जा रहा था, लेकिन बाद में यह हत्या का मामला निकला। पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड मांगा है। अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के दौरान चोरी की कार के नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और हत्या की साजिश में किसी और की भूमिका की भी जांच की जाएगी। रेलवे पुलिस इस चार महीने पुराने ब्लाइंड मर्डर केस के खुलासे को एक बड़ी सफलता मान रही है। जानिए पूरा मामला, कैसे आरोपियों तक पहुंची पुलिस रेलवे पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान महिमूदपुर निवासी 54 वर्षीय करम सिंह के रूप में हुई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि करम सिंह चोरी की एक कार के सौदे में शामिल था। आरोपी इस कार को आगे बेचना चाहते थे, लेकिन करम सिंह उनके लिए बाधा बन रहा था। इसी कारण दोनों ने मिलकर उसकी हत्या की योजना बनाई। आरोपियों ने पहले करम सिंह को अपने कब्जे में लिया, उसके हाथ-पैर बांधे और फिर जनेतपुर अंडरपास के पास रेलवे ट्रैक पर छोड़ दिया। कुछ देर बाद ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। पुलिस का मानना है कि आरोपियों ने इसे एक दुर्घटना दिखाने का प्रयास किया था, लेकिन घटनास्थल की परिस्थितियों ने हत्या की आशंका को पुख्ता कर दिया। सीडीआर से आरोपियों तक पहुंची पुलिस मामले की जांच के दौरान, रेलवे पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के मोबाइल डेटा डंप, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। इसी तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस मुकंदपुर निवासी गुरजीत सिंह और सरबजीत सिंह तक पहुंची। इनमें से एक आरोपी डप्पर टोल प्लाजा के पास टायर पंचर की दुकान चलाता है।
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