फरीदकोट में कूड़े के ढेरों पर फूटा लोगों का गुस्सा: प्रशासन को 3 दिन का दिया अल्टीमेटम; नहीं मानी मांगें तो शहर बंद की चेतावनी – Faridkot News
फरीदकोट में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। राज्यभर में 8 जुलाई से जारी हड़ताल का असर फरीदकोट में भी साफ दिखाई दे रहा है। शहर के विभिन्न इलाकों में कूड़े के ढेर लगने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पहले से वेतन संबंधी मुद्दों को लेकर स्थानीय स्तर पर चल रहे आंदोलन के कारण स्थिति और गंभीर हो गई है। इस समस्या को लेकर रविवार शाम शहर की समाजसेवी, धार्मिक और राजनीतिक संस्थाओं के प्रतिनिधि एक साझा मंच पर एकत्र हुए। बैठक में सर्वसम्मति से प्रशासन को तीन दिन का समय देने का फैसला किया गया। प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि इस अवधि के भीतर सफाई कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं हुआ और हड़ताल समाप्त कर सफाई व्यवस्था बहाल नहीं की गई, तो 23 जुलाई को शहर बंद किया जाएगा। बैठक में लिया गया निर्णय बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विरोध स्वरूप पूरे शहर से कूड़ा एकत्र कर विधायक आवास तथा डिप्टी कमिश्नर के कार्यालय और निवास के बाहर डाला जाएगा। नगर काउंसिल अध्यक्ष बब्बू आहूजा ने शहरवासियों से व्यवस्था सुधारने के लिए दो दिन की मोहलत मांगी थी, लेकिन लोगों ने उन्हें तीन दिन का समय दिया है। वक्ताओं ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की अधिकांश मांगें उचित हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन इस मुद्दे के समाधान को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को समय पर वेतन देना नगर काउंसिल की जिम्मेदारी है, लेकिन लंबे समय से उन्हें इसके लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। जल जीवन बचाओ मोर्चा के कन्वीनर शंकर शर्मी ने कहा कि 23 जुलाई को शहरवासी सफाई कर्मचारियों के समर्थन में धरने पर बैठेंगे। उन्होंने प्रशासन से जल्द समाधान निकालकर शहरवासियों को राहत देने की मांग की।
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