पठानकोट में सड़कों पर उतरा वाल्मीकि समाज: आश्रम निर्माण की मांग, DC को ज्ञापन सौंपा; आंदोलन तेज करने की चेतावनी – Pathankot News
पठानकोट में भगवान वाल्मीकि आश्रम के निर्माण की लंबे समय से चली आ रही मांग को लेकर राष्ट्रीय वाल्मीकि धर्म समाज (रजि.) ने आज प्रदर्शन किया। संगठन की अगुवाई में समाज के सैकड़ों लोगों ने डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के बाहर एकत्र होकर सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। प्रदर्शन के बाद संगठन के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने डीसी पठानकोट के माध्यम से पंजाब के CM भगवंत मान को मांग पत्र सौंपा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने शासन-प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जाहिर करते हुए नारेबाजी की और मांगें सरकार तक पहुंचाईं। 4 बार सौंपे जा चुके हैं मांग पत्र, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पंजाब प्रदेश अध्यक्ष अमित रंधावा और संगठन के राष्ट्रीय मुख्य संचालक ने संबोधित करते हुए प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल उठाए। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि संगठन जायज और संवैधानिक मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में स्थानीय प्रशासन को अब तक चार बार मांग पत्र सौंपे जा चुके हैं, लेकिन सरकार और जिला प्रशासन लगातार उनकी मांगों को नजरअंदाज कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब धैर्य की सीमा समाप्त हो रही है। शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से लड़ रहे लड़ाई अमित रंधावा ने कहा कि समाज अपने अधिकारों की लड़ाई शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से लड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वाल्मीकि समाज बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और भगवान वाल्मीकि जी के दिखाए मार्ग व आदर्शों पर चलते हुए अपने संवैधानिक अधिकारों की प्राप्ति के लिए संघर्ष जारी रखेगा। राज्यव्यापी आंदोलन का बिगुल फूंकने की तैयारी ज्ञापन सौंपने के बाद संगठन के राष्ट्रीय मुख्य संचालक ने मीडिया से बातचीत करते हुए चेतावनी दी कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को ज्ञापन भेजकर वाल्मीकि समाज की आस्था से जुड़े इस मुद्दे पर तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की गई है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार बिना किसी और देरी के आश्रम निर्माण को लेकर सकारात्मक कदम उठाए। सरकार ने जल्द ही कोई ठोस निर्णय नहीं लिया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को केवल पठानकोट तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे पूरे पंजाब में व्यापक स्तर पर तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन के उग्र रूप लेने की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी पंजाब सरकार और स्थानीय प्रशासन की होगी। नारों से गूंजा प्रशासनिक परिसर प्रदर्शन के दौरान डीसी कार्यालय के बाहर माहौल पूरी तरह आंदोलनमय नजर आया। बड़ी संख्या में मौजूद पुरुषों और महिलाओं ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर अपनी एकजुटता दिखाई। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “जय वाल्मीकि”, “हर-हर वाल्मीकि” और “जय भीम, जय भारत” के नारे लगाए, जिससे पूरा प्रशासनिक परिसर गूंज उठा। समाज के नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक आश्रम निर्माण का काम धरातल पर शुरू नहीं होता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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