फरीदकोट मेडिकल कॉलेज में भर्ती लावारिश मरीज का शव फेंका: CCTV से खुली पोल, डॉक्टर-छात्र सहित 3 पर केस, रेफर होकर आया था – Faridkot News

फरीदकोट मेडिकल कॉलेज में भर्ती लावारिश मरीज का शव फेंका:  CCTV से खुली पोल, डॉक्टर-छात्र सहित 3 पर केस, रेफर होकर आया था – Faridkot News




फरीदकोट के गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ने वाले एक लावारिस मरीज के शव को मोर्चरी में रखने के बजाय, व्हीलचेयर पर ले जाकर श्मशान घाट के बाहर फुटपाथ पर लावारिस छोड़ दिया गया। इस अमानवीय कृत्य का खुलासा होने के बाद थाना सिटी-2 पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मेडिकल अस्पताल के एक डॉक्टर, एक हेल्पर और एक छात्र समेत तीन लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।इस घटना के बाद से मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है, और अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोपियों में सर्जरी विभाग के डॉक्टर और फार्मेसी का छात्र भी पुलिस ने इस मामले में मेडिकल कॉलेज के सर्जरी-1 विभाग में तैनात फाजिल्का निवासी डॉ. गौरव सचदेवा के अलावा हेल्पर गुरबख्श सिंह निवासी फरीदकोट और डी फॉर्मेसी छात्र हरमनप्रीत सिंह निवासी जगरांव के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अ​धिकारियों के अनुसार जांच में मिली भू्मिका के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। क्या है पूरा मामला? करीब 35 वर्षीय एक अज्ञात लावारिस व्यक्ति को इसी महीने 9 जुलाई को 108 एंबुलेंस के जरिए सिविल अस्पताल फिरोजपुर से रेफर कर गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सर्जरी-1 विभाग में भर्ती कराया गया था। 13-14 जुलाई की मध्यरात्रि को उपचार के दौरान इस मरीज की मौत हो गई। आरोप है कि मौत के बाद ड्यूटी पर तैनात डॉ. गौरव सचदेवा ने वरिष्ठ डॉक्टरों को सूचित करने या तय कानूनी प्रक्रिया का पालन करने के बजाय, हेल्पर गुरबख्श सिंह और डी-फार्मेसी छात्र हरमनप्रीत सिंह की मदद ली। तीनों ने शव को एक व्हीलचेयर पर रखा, उसे अस्पताल परिसर से बाहर ले गए और श्मशान घाट के बाहर फुटपाथ पर लावारिस हालत में छोड़कर फरार हो गए। सीसीटीवी (CCTV) फुटेज से खुला राज श्मशान घाट के बाहर शव पड़े होने की सूचना मिलने पर पुलिस ने तुरंत शव को कब्जे में लिया और दोबारा मेडिकल अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। जब पुलिस ने ड्यूटी डॉक्टर गौरव सचदेवा से पूछताछ की, तो उनकी ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद जब पुलिस ने अस्पताल परिसर के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तो चौंकाने वाला सच सामने आया। फुटेज में डॉ. गौरव सचदेवा, हेल्पर गुरबख्श सिंह और छात्र हरमनप्रीत सिंह साफ तौर पर शव को व्हीलचेयर पर लादकर अस्पताल से बाहर ले जाते हुए दिखाई दिए। सहारा सोसायटी की मदद से हुआ अंतिम संस्कार मामले की जानकारी देते हुए थाना सिटी-2 के एएसआई (ASI) सुखविंदर सिंह ने बताया कि इस गंभीर लापरवाही और अमानवीय कृत्य के लिए तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। मृतक मरीज की पहचान अभी तक नहीं हो पाई थी, इसलिए रविवार को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ‘सहारा सोसायटी’ के सहयोग से पूरे सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार करवा दिया गया है।”



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