जगराओं बस अड्डे पर पर्ची फीस वृद्धि को लेकर विवाद: मिनी बस ऑपरेटर व ठेकेदार में हाथापाई, इन्फ्लुएंसर-SHO में नोकझोक, पुरानी दर पर सहमति – Jagraon News
लुधियाना के जगराओं बस अड्डे पर शनिवार सुबह उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब बस अड्डे की पर्ची फीस 30 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये करने को लेकर मिनी बस ऑपरेटरों और ठेकेदार के नुमाइंदे आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई शुरू हो गई। विवाद के चलते बस अड्डे पर बसों के पहिये थम गए, जिससे यात्रियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। मिनी बस चालकों ने ठेकेदार पर कार्रवाई को लेकर अड़ गए। बाद में पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप से मामला शांत कराया। दोनों पक्षों में पुरानी दर पर सहमति बनी है। पुलिस अधिकारी का कहना है कि बुधवार तक पुरानी दर पर पर्ची कटेगी। समर्थन में पहुंचे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की SHO से तीखी नोकझोक इस हंगामे के दौरान उस समय नया मोड़ आ गया, जब मिनी बस ऑपरेटरों के पक्ष में पहुंचे एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की थाना सिटी प्रभारी इंस्पेक्टर परमिंदर सिंह के साथ तीखी बहस हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों के बीच तीखी नोकझोक हुई और विवाद इतना बढ़ गया कि इन्फ्लुएंसर ने एसएचओ (SHO) को देख लेने तक की धमकी दे डाली। पुलिस ने इस मामले को भी गंभीरता से लिया है। सालाना 72 हजार रुपये सिर्फ पर्ची फीस का बोझ: ऑपरेटर यूनियन मिनी बस ऑपरेटर यूनियन के प्रधान भीम सिंह व अन्य पदाधिकारियों ने फीस वृद्धि का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि पिछले कई सालों से पर्ची फीस 30 रुपये चल रही थी, जिसे अचानक बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया गया है। उन्होंने तर्क दिया कि सरकार पहले ही मिनी बसों से सालाना करीब 22,000 रुपये टैक्स वसूलती है। नई दरें लागू होने से ऑपरेटरों पर सिर्फ पर्ची शुल्क का सालाना करीब 72,000 रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। ऑपरेटरों का आरोप है कि इस मामले को लेकर वे लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर (DC) से मिले थे, जिन्होंने आगामी बुधवार को फैसला करने का आश्वासन दिया था। लेकिन डीसी के निर्णय से पहले ही ठेकेदार ने अपने आदमियों के साथ जबरन 50 रुपये की पर्ची काटनी शुरू कर दी, जिससे टकराव पैदा हुआ। ठेकेदार पक्ष का दावा: नियमों के मुताबिक ही बढ़ाई गई है फीस दूसरी ओर, ठेकेदार पक्ष से जुड़े गोपाल सिंह पाली डल्ला ने ऑपरेटरों के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि यह फीस वृद्धि मनमाने ढंग से नहीं की गई है, बल्कि रोडवेज के जनरल मैनेजर (GM) की सिफारिश पर डिप्टी कमिश्नर द्वारा नियमानुसार ही बढ़ाई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मिनी बस ऑपरेटर बढ़ी हुई सरकारी फीस देने से आनाकानी कर रहे हैं, जिसके कारण यह सारा विवाद खड़ा हुआ है। DSP बोले- बुधवार तक 30 रुपये की पुरानी दर पर ही कटेगी पर्ची दोनों पक्षों को देर शाम डीएसपी कार्यालय और रोडवेज के जीएम कार्यालय में बुलाया गया। लंबी बैठक के बाद डीएसपी परमिंदर सिंह ढींडसा ने बताया कि फिलहाल टकराव को टाल दिया गया है। दोनों पक्षों में सहमति बनी है कि जब तक आगामी बुधवार को डिप्टी कमिश्नर (DC) इस मामले पर अपना अंतिम फैसला नहीं दे देते, तब तक बस अड्डे पर पुरानी दर यानी 30 रुपये के हिसाब से ही पर्ची काटी जाएगी। हालांकि, विवाद का स्थायी समाधान बुधवार की मीटिंग के बाद ही साफ होगा।
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