लुधियाना में धर्मशाला में चल रहा सरकारी स्कूल: 10 महीने बाद भी नई बिल्डिंग का निर्माण शुरू नहीं, बिजली संकट से जूझ रहे विद्यार्थी – Machhiwara News
पंजाब सरकार जहां सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने और ‘शिक्षा क्रांति’ का दावा कर रही है, वहीं माछीवाड़ा के गांव उरना का सरकारी प्राइमरी स्मार्ट स्कूल इन दावों की जमीनी हकीकत बयां कर रहा है। स्कूल की जर्जर इमारत को करीब 10 महीने पहले गिरा दिया गया था, लेकिन अब तक नई इमारत का निर्माण शुरू नहीं हो सका। इसके चलते पहली से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थी गांव की धर्मशाला में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। एक कमरे में लग रही पांच कक्षाएं वर्तमान में स्कूल के सभी विद्यार्थियों को धर्मशाला के एक ही कमरे में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। एकमात्र ईटीटी अध्यापक सभी कक्षाओं के बच्चों को एक साथ पढ़ा रहे हैं। एक ही कमरे में अलग-अलग कक्षाओं की पढ़ाई होने से बच्चों को उचित शैक्षणिक माहौल नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। पीने के पानी की भी समस्या स्कूल में लगा वाटर कूलर भी लंबे समय से खराब पड़ा है। इसके कारण विद्यार्थियों और स्टाफ को पीने के पानी की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अभिभावकों का कहना है कि सरकार स्मार्ट स्कूलों की बात करती है, लेकिन यहां बच्चों को मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। स्कूल भवन गिराए 10 महीने बीते स्कूल के अध्यापक परमिंदर सिंह ने बताया कि पुरानी इमारत असुरक्षित घोषित होने के बाद अगस्त-सितंबर 2025 में उसे गिरा दिया गया था। उन्होंने कहा कि इस संबंध में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित रूप से सूचित किया जा चुका है और विभाग द्वारा मांगी गई सभी रिपोर्टें भी भेज दी गई हैं। विभाग ने जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने का भरोसा दिया है। स्कूल में कुल 47 छात्र रह गए है। सरपंच ने विधायक से उठाया मामला गांव के सरपंच स्वर्ण सिंह ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र के विधायक जगतार सिंह दयालपुरा से मुलाकात की है। विधायक दयालपुरा ने नई स्कूल बिल्डिंग के लिए ग्रांट जारी कर जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया है। सरपंच ने मांग की कि बच्चों के भविष्य को देखते हुए निर्माण कार्य में और देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि जहां फिलहाल बच्चे पढ़ रहे हैं, वहां पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। स्कूल के पुराने परिसर के आसपास कांटेदार झाड़ियां और पेड़ हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। बीईओ बोले- फंड मंजूर, जल्द शुरू होगा निर्माण ब्लॉक प्राइमरी एजुकेशन ऑफिसर राम कुमार ने बताया कि विभाग को इस मामले की पूरी जानकारी है। नई स्कूल बिल्डिंग के लिए फंड मंजूर हो चुके हैं और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। स्मार्ट मीटर बने नई परेशानी इस बीच माछीवाड़ा ब्लॉक के कई सरकारी स्कूलों में लगाए गए स्मार्ट बिजली मीटर भी शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। प्रीपेड स्मार्ट मीटर में बैलेंस खत्म होते ही बिजली आपूर्ति स्वतः बंद हो जाती है। इसका ताजा उदाहरण सरकारी प्राइमरी स्कूल नंबर-3, माछीवाड़ा साहिब में देखने को मिला, जहां स्मार्ट मीटर में बैलेंस समाप्त होने के कारण स्कूल की बिजली कट गई। भीषण गर्मी में विद्यार्थियों को बिना बिजली के पढ़ाई करनी पड़ी। हालांकि बीईओ राम कुमार ने बताया कि बिजली बिल का भुगतान कर दिया गया था, लेकिन तकनीकी कारणों से स्कूल की बिजली तुरंत बहाल नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि समस्या का समाधान कराया जा रहा है। अभिभावकों की मांग गांव के अभिभावकों ने पंजाब सरकार और शिक्षा विभाग से मांग की है कि उरना स्कूल की नई इमारत का निर्माण जल्द शुरू कराया जाए और बच्चों को सुरक्षित तथा सुविधायुक्त वातावरण में शिक्षा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही स्कूलों में लगाए गए स्मार्ट मीटरों से उत्पन्न हो रही तकनीकी समस्याओं का भी स्थायी समाधान किया जाए।
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