CBSE के ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम से स्टूडेंट्स निराश-सुप्रीम कोर्ट: कहा- इसमें समस्याएं, बोर्ड से पूछा सुधार के लिए अब तक क्या किया

CBSE के ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम से स्टूडेंट्स निराश-सुप्रीम कोर्ट:  कहा- इसमें समस्याएं, बोर्ड से पूछा सुधार के लिए अब तक क्या किया


नई दिल्ली9 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि CBSE के डिजिटल ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम से स्टूडेंट्स में काफी निराशा है। CJI जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस मामले में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से सहयोग मांगा।

बेंच में जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना भी शामिल थे। सुनवाई के दौरान CJI ने कहा, “देखिए, छोटे-छोटे बच्चों में कितनी निराशा है।” वहीं, जस्टिस बागची ने सॉलिसिटर जनरल से कहा कि सरकार से किसी टकराव की मंशा नहीं है, लेकिन व्यवस्था में कुछ समस्याएं हैं। कोर्ट ने CBSE की ओर से उठाए जा रहे कदमों की जानकारी मांगी है।

OSM सिस्टम और सरकार का पक्ष

CBSE का OSM यानी ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम ऐसी व्यवस्था है, जिसमें ऑन्सर शीट की स्कैन कॉपी कंप्यूटर पर जांची जाती है। शिक्षक कागज की कॉपी देखने के बजाय डिजिटल स्क्रीन पर मूल्यांकन करते हैं।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि याचिका में जिन स्टूडेंट्स की व्यक्तिगत मार्कशीट से जुड़ी गड़बड़ियों का जिक्र था, उनमें से अधिकांश मामलों का समाधान कर दिया गया है। सरकार इस व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से ले रही है।

उन्होंने कोर्ट को बताया कि एस राधा चौहान की अध्यक्षता में एक सदस्यीय आयोग बनाया गया है। यह आयोग मूल्यांकन प्रणाली की समीक्षा करेगा और जरूरी सुधारों की सिफारिश करेगा। सॉलिसिटर जनरल ने कहा, “हम इस मामले को विरोध के तौर पर नहीं देख रहे हैं। समिति पहले से शिकायतों की जांच कर रही है।”

बारीकी से अध्ययन और तुलना कर टेंडर में गड़बड़ी का खुलासा किया।

रिजल्ट से री-इवैल्यूएशन तक, अब तक क्या-क्या हुआ…

13 मई- CBSE ने 12वीं बोर्ड परीक्षा के नतीजे घोषित किए।

19 मई- पोस्ट रिजल्ट शिकायतों के समाधान के लिए री-इवैल्यूएशन पोर्टल खोला, लेकिन पहले ही दिन क्रैश हो गया।

20 से 23 मई- तीन बार एक-एक दिन के लिए आंसरशीट की फोटोकॉपी लेने की तारीख बढ़ाई गई। छात्रों ने आंसर शीट ब्लर, ज्यादा फीस, साइट क्रैश होने की शिकायत की।

25 मई- पोर्टल दुरुस्त करने के लिए देश के दो आईआईटी से मदद मांगी गई। उन्होंने साइबर अटैक रोकने पर भी काम किया। बोर्ड ने कहा- री-इवैल्यूएशन पोर्टल एक जून को खुलेगा।

1 जून- OSM का रीवैल से जुड़ा पोर्टल दिन भर नहीं खुल सका।

2 जून- बोर्ड ने बताया कि पोर्टल लाइव हो गया है। यह 6 जून तक ओपन रहेगा।

याचिका में स्पष्ट नियमावली की मांग

यह जनहित याचिका राकेश बिंजोला ने वकील लक्ष्मीकांत मटादन शुक्ला के माध्यम से दायर की है।

याचिका में केंद्र सरकार और CBSE को निर्देश देने की मांग की गई है कि बोर्ड परीक्षाओं के लिए OSM मूल्यांकन प्रणाली से जुड़ी स्पष्ट नियमावली बनाई जाए।

इस व्यवस्था की निगरानी और सुधार लागू करने के लिए एक हाई पावर कमेटी गठित की जाए।

जिन स्टूडेंट्स को पहले ही प्रोविजनल एडमिशन मिल चुका है या जिन्होंने प्रवेश परीक्षाएं पास कर ली हैं, उन्हें न्यूनतम अर्हता अंकों में राहत दी जाए।

विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए निर्धारित 75 प्रतिशत या अन्य न्यूनतम कक्षा 12 अंक की शर्त से भी छूट देने का निर्देश दिया जाए

———————————————

ये खबर भी पढ़ें:

सरकार ने CBSE के चेयरमैन और सचिव को हटाया:विवादित ऑन स्क्रीन मार्किंग के टेंडर की जांच के आदेश; आज री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर साइबर अटैक

नई दिल्ली

केंद्र सरकार ने मंगलवार को ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) विवाद के बीच CBSE के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का ट्रांसफर कर दिया। इसके अलावा OSM सर्विस के टेंडर और खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए एक सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। पढ़ें पूरी खबर…

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *