लॉरेंस-गोल्डी बराड़ पर अमेरिकी आरोपों पर भारत की प्रतिक्रिया: विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बोले- अपराध के खिलाफ अमेरिका के साथ सहयोग रहेगा जारी – Jalandhar News
अमेरिका द्वारा हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके सहयोगी गोल्डी बराड़ पर आरोप लगाए जाने के बाद भारत सरकार की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया है कि भारत हमेशा से ही अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध, आतंकवाद और नशीली दवाओं की तस्करी जैसी वैश्विक चुनौतियों के खिलाफ रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे आपराधिक नेटवर्क समाज के लिए एक बेहद गंभीर खतरा हैं और इनसे निपटने के लिए भारत और अमेरिका की सुरक्षा एजेंसियां सालों से आपसी तालमेल के साथ बेहद मजबूत सहयोग कर रही हैं। लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ पर अमेरिकी कार्रवाई हाल ही में अमेरिकी न्याय विभाग ने अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ बड़ी घोषणाएं की हैं। इन घोषणाओं के तहत भारत के कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और कनाडा में छिपे उसके साथी गोल्डी बराड़ पर खालिस्तानी समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अमेरिका में कानून लागू करने वाली एजेंसियों के इस बड़े कदम के बाद पूरी दुनिया का ध्यान इस हाई-प्रोफाइल मामले की ओर खिंचा है। विदेश मंत्रालय ने रखा भारत का पक्ष इस संवेदनशील मुद्दे पर भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि भारत ने अमेरिकी न्याय विभाग की उन हालिया घोषणाओं को देखा है, जिनमें कई देशों में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय संगठित आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और आरोपों की बात कही गई है। उन्होंने आगे कहा की भारत का हमेशा से यह मानना रहा है कि अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध, आतंकवाद, नशीली दवाओं की तस्करी, मानव तस्करी और अवैध हथियारों की तस्करी जैसे गंभीर खतरे किसी एक देश के लिए नहीं, बल्कि पूरे वैश्विक समाज के लिए बड़ी चुनौती हैं भारत और अमेरिका के बीच मजबूत होता सहयोग रणधीर जायसवाल ने अपने बयान में आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ भारत-अमेरिका की साझा जंग को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इन दोनों ही मोर्चों पर भारत और अमेरिका के बीच बेहद मजबूत और प्रभावी सहयोग लगातार बढ़ रहा है। दोनों देशों की सुरक्षा और कानून प्रवर्तन एजेंसियां इस दिशा में काफी लंबे समय से एक-दूसरे के साथ मिलकर काम कर रही हैं। सालों पुराना और गहरा है सुरक्षा एजेंसियों का तालमेल विदेश मंत्रालय के अनुसार, वैश्विक सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए दोनों देशों की खुफिया और जांच एजेंसियों के बीच का यह नेटवर्क सिर्फ तात्कालिक नहीं है, बल्कि सालों पुराना है। यह सहयोग समय के साथ और अधिक मजबूत, पारदर्शी तथा गहरा होता जा रहा है। भारत का रुख साफ है कि वह अपराधियों और आतंकवादियों के खिलाफ किसी भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर सहयोग करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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