बिट्टू ने उजागर किया पंजाब के काले दौर का सच: KCF आतंकी शमशेर शेरा ने 17 साल की लड़की के माता-पिता की हत्या कर किया था बार-बार रेप; सोशल मीडिया पर शेयर की अखबार की – Ludhiana News

बिट्टू ने उजागर किया पंजाब के काले दौर का सच:  KCF आतंकी शमशेर शेरा ने 17 साल की लड़की के माता-पिता की हत्या कर किया था बार-बार रेप; सोशल मीडिया पर शेयर की अखबार की – Ludhiana News




पंजाब में आतंकवाद के काले दौर के असली और दर्दनाक सच को सामने लाने के लिए केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा किया है। लुधियाना के बहुचर्चित ‘कांता प्रिंसिपल बम ब्लास्ट’ के खुलासे के ठीक एक दिन बाद, बिट्टू ने 1991 की एक पुरानी अखबार की कटिंग और आतंकी की तस्वीर शेयर कर खालिस्तानी आतंकियों की क्रूरता का पर्दाफाश किया है। इस बार उन्होंने एक 17 वर्षीय मासूम लड़की के साथ हुई हैवानियत की रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी उजागर की है। माता-पिता की हत्या कर 17 साल की सरबजीत को किया था अगवा अखबार की रिपोर्ट और बिट्टू द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, यह घटना गुरदासपुर जिले के बहादुरपुर गांव की है। 10 फरवरी 1991 को ‘खालिस्तान कमांडो फोर्स’ (KCF) के तथाकथित लेफ्टिनेंट जनरल और आतंकी शमशेर सिंह शेरा ने अपने साथियों के साथ इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया था। इन आतंकियों ने पहले 17 साल की नाबालिग लड़की सरबजीत कौर के माता-पिता की बेरहमी से हत्या कर दी और फिर लड़की को जबरन बंदूक की नोक पर अगवा कर ले गए। कई दिनों तक बंधक बनाकर किया बार-बार रेप, पुलिस रेड में हुआ था खुलासा रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगवा करने के बाद आतंकियों ने सरबजीत को कई दिनों तक अलग-अलग खेतों और अज्ञात ठिकानों पर बंधक बनाकर रखा। इस दौरान उसके साथ बार-बार बलात्कार और घोर अमानवीय अत्याचार किया गया। इस खौफनाक और घिनौनी सच्चाई का खुलासा तब हुआ जब पंजाब पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की और आतंकी शमशेर शेरा को रंगे हाथों धर दबोचा, जिसके बाद पीड़ित लड़की को वहां से छुड़ाया गया। बिट्टू का तीखा सवाल – “क्या ये हैं खालिस्तान के शहीद? इस पुरानी खबर और हाथ में AK-47 थामे आतंकी शेरा की तस्वीर को साझा करते हुए रवनीत बिट्टू ने उन अलगाववादी ताकतों और संगठनों पर तीखा हमला बोला है, जो इन अपराधियों का महिमामंडन करते हैं। बिट्टू ने लिखा, “हजारों दर्दनाक किस्सों में से एक किस्सा…ये हैं खालिस्तान के शहीद।” बिट्टू ने साफ किया कि आज की युवा पीढ़ी को यह जानना बेहद जरूरी है कि धर्म और कथित आज़ादी के नाम पर इन आतंकियों ने पंजाब की मासूम बेटियों और आम जनता पर कितने भयानक जुल्म ढाए थे। एक दिन पहले ही ‘कांता प्रिंसिपल बम ब्लास्ट’ का किया था भंडाफोड़ गौरतलब है कि रवनीत सिंह बिट्टू पिछले कुछ दिनों से पंजाब के आतंकवाद के दौर से जुड़े कई ऐतिहासिक दस्तावेजों और सबूतों को सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट कर रहे हैं। इससे ठीक एक दिन पहले ही उन्होंने लुधियाना के मशहूर ‘कांता प्रिंसिपल बम ब्लास्ट’ की दर्दनाक वीडियो और रिपोर्ट साझा की थी, जिसमें आतंकियों ने एक कॉलेज प्रिंसिपल और कई बेकसूर लोगों को बम धमाके में उड़ा दिया था। बिट्टू का कहना है कि जो लोग आज इन हत्यारों और बलात्कारियों को ‘नायक’ या ‘शहीद’ बनाकर पेश करने की नापाक कोशिश कर रहे हैं, वे असल में पंजाब के उन गहरे जख्मों पर नमक छिड़क रहे हैं जिन्हें पंजाब की जनता कभी भूल नहीं सकती।



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