पंजाबी स्टूडेंट्स के ग्रुजेएट वीजा का टाइम घटाया: पढ़ रहे कपल के बच्चों को मिलेगा लीगल स्टेटस, 3 अगस्त 2026 से लागू होगा नया नियम – Jalandhar News
ब्रिटेन के होम ऑफिस ने ग्रेजुएट वीजा पर काम कर रहे लगभग 1 लाख भारतीय कपल के बच्चों के लिए राहत दी है। नए नियम के तहत अगर ग्रेजुएट यानी पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा धारक महिला की ब्रिटेन में डिलीवरी होती है, तो पेरेंट बच्चा की तरफ से डिपेंडेंट के तौर पर आवेद
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जानें नए नियम का क्या असर
- 18 महीने में स्किल्ड नौकरी ढूंढना होगा मुश्किल-भारतीय छात्र ब्रिटेन में बड़ी संख्या में ग्रेजुएट वीजा पर हैं। 2025 में भारतीयों को लगभग 90,153 ग्रेजुएट वीजा मिले। इनमें पंजाब, हरियाणा संख्या अधिक है। इस बदलाव से पंजाब के हजारों युवाओं को प्रभावित होना पड़ेगा। 18 महीने में स्किल्ड जॉब ढूंढना और स्पॉन्सरशिप हासिल करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
- दिसंबर 2026 तक अप्लाई करने वालों को 2 साल की राहत- जो छात्र 2026 के अंत तक आवेदन कर लेंगे उन्हें 2 साल की राहत मिलेगी और PhD करने वाले छात्रों को कोई नुकसान नहीं होगा। ब्रिटेन इमिग्रेशन का कहना है कि कुल मिलाकर यह बदलाव पंजाबी परिवारों के लिए चुनौती और जल्द प्लानिंग का संदेश दोनों है।
- 3 अगस्त 2026 से नया प्रावधान लागू होगा- 9 जुलाई 2026 को संसद में पेश सेटलमेंट आफ चेंजेस HC 259 के तहत 3 अगस्त 2026 से नया प्रावधान लागू हो गया है। अब ग्रेजुएट वीजा पर रहते हुए यूके में जन्मे बच्चे डिपेंडेंट के रूप में आवेदन कर सकते हैं। बच्चे को पैरेंट के वीजा की समाप्ति तक की परमिशन मिलेगी।
- पहले नहीं था बच्चे के लिए कोई नियम-3 अगस्त 2026 से पहले ग्रेजुएट वीजा पर स्विच करने के बाद यूके में जन्मे बच्चे के लिए कोई स्पष्ट नियम नहीं था। नियम केवल स्टूडेंट वीजा के दौरान पहले से डिपेंडेंट बच्चों या स्टूडेंट वीजा के समय जन्मे बच्चों को ही कवर करते थे। ग्रेजुएट वीजा के दौरान जन्मे बच्चे को लेकर पेरेंट दुविधा में रहते थे। उनके इमिग्रेशन स्टेटस का साफ रास्ता नहीं था, जिससे परिवारों को काफी परेशानी होती थी।

