जगराओं में 5 हजार एकड़ जमीन को मिलेगा नहरी पानी: 44.40 करोड़ की सिंचाई परियोजनाएं शुरू; मंत्री बरिंदर गोयल ने किया उद्घाटन – Jagraon News
जगराओं में सिंचाई परियोजनाओं का उद्घाटन करते मंत्री बरिंदर सिंह गाेयल।
पंजाब के खनन एवं भू-विज्ञान, मृदा एवं जल संरक्षण तथा जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने गुरुवार को जगराओं विधानसभा क्षेत्र में 44.40 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं में मानूके रजबहा सिस्टम की कंक्रीट लाइनिंग और 12 अ
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मंत्री गोयल ने बताया कि मानूके रजबहा सिस्टम की 37.80 किलोमीटर लंबी कंक्रीट लाइनिंग का कार्य 26.77 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया गया है। इसके अतिरिक्त, जगराओं विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में 12 कार्यों के तहत 17.63 करोड़ रुपये खर्च कर 76.25 किलोमीटर नहर चैनलों को मजबूत किया गया है। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य सिंचाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी और सुदृढ़ बनाना है।
मानूके डिस्ट्रीब्यूटरी का डिस्चार्ज 98.93 क्यूसेक है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद नहर से सिंचित क्षेत्र 8,521.40 एकड़ से बढ़कर 13,521.14 एकड़ हो जाएगा। इससे लगभग 5,000 एकड़ अतिरिक्त भूमि को नहरी पानी उपलब्ध होगा, जिससे किसानों की ट्यूबवेल पर निर्भरता कम होगी।
मंत्री के अनुसार, इस डिस्ट्रीब्यूटरी सिस्टम से जगराओं, दाखा और निहाल सिंह वाला विधानसभा क्षेत्रों के 22 गांवों के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। इन गांवों में हेरान, छज्जावाल, कमालपुरा, रूमी, रणधीरगढ़, भमीपुरा, चीमा, लम्मा, बसुवाल, देहरका, मानूके, लाखा, चकर, रामा, मल्ला, रसूलपुर, कुस्सा, मिनियां, बोडे, नांगल और लोपोन प्रमुख हैं।
माणूके रजबहा सिस्टम में कुल 41 मोघे
गोयल ने बताया कि माणूके रजबहा सिस्टम में कुल 41 मोघे हैं। नहरों की कंक्रीट लाइनिंग से पानी की बर्बादी और रिसाव रुकेगा, जिससे अंतिम छोर तक पानी आसानी से पहुंचेगा और जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। जल संसाधन विभाग और जल संसाधन प्रबंधन एवं विकास निगम ने अखाड़ा, रसूलपुर, गालिब कलां, लम्मा, भमीपुरा, गगरा, अगवार गुजरां और पोना सहित विभिन्न गांवों में 12 परियोजनाओं के तहत 76.25 किलोमीटर नहरों का निर्माण कार्य पूरा किया है।
पंजाब सरकार जल संरक्षण को देगी बढ़ावा: माणूके
विधायक सरबजीत कौर माणूके ने कहा कि सीएम भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार किसानों को आधुनिक और भरोसेमंद सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि नहरों की लाइनिंग, ढांचागत सुधार और जल संरक्षण से खेती को मजबूती मिलेगी तथा किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

