प्रिंस ने 24 साल की उम्र में नौकरी छोड़ी: गांव में पापा से 1 लाख उधार लेकर शुरू किया स्टार्टअप, आज कंपनी का टर्नओवर ढाई करोड़
- Hindi News
- Career
- Bihar | Prince Raj Shuklas Agrate Startup Success | Makhana Boy Achieves 2.5 Crore Turnover
5 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
बिहार में पूर्णिया जिले के एक गांव में प्रिंस राज शुक्ला का जन्म हुआ। ग्रेजुएशन के बाद वे बेंगलुरु में नौकरी करने लगे। वे विदेश जाकर मास्टर्स की डिग्री लेना चाहते थे। लेकिन कोरोना में लॉकडाउन के चलते उन्हें वापिस गांव आना पड़ा। प्रिंस ने बेंगलुरु की नौकरी छोड़ी। गांव आकर अपने पिता से 1 लाख रुपए उधार लिए और एग्रीकल्चर स्टार्ट अप एग्रेट ( AGRATE India Private Limited) की शुरुआत की। हालांकि शुरुआत में उन्हें लोगों के तानों का सामना करना पड़ा।
कई लोगों का कहना था कि गांव में रहकर वे अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। उन्हें गंवार कहा गया। लेकिन लोगों की बातों का उन पर कोई असर नहीं हुआ। अपने काम के शुरुआत में प्रिंस का काम किसानों को अच्छी क्वालिटी के बीज, जैविक खाद और आधुनिक टूल्स सप्लाई करना था। हालांकि, प्रिंस जानते थे कि केवल सप्लाई से समस्या हल नहीं होगी। इसलिए, उन्होंने छोटे किसानों को आधुनिक खेती की ट्रेनिंग देना शुरू किया।

आज कंपनी सालाना 2.5 करोड़ का कारोबार कर रही है। वह अपने प्रयासों से कई किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए हैं। उन्हें ‘मखाना बॉय’ के नाम से भी जाना जाता है।
उन्होंने गांव-गांव घूमकर 10 हजार से अधिक किसानों को जोड़ा और टेक्नोलॉजी (वीडियो कॉल, वर्कशॉप, ऐप) का इस्तेमाल करके उन्हें बीज बोने के सही तरीके, पानी बचाने की तकनीक और जैविक खेती सिखाई।
हालांकि प्रिंस की इस पहल का शुरू में मजाक उड़ाया गया। रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों ने उन्हें ‘गंवार’ तक कहा क्योंकि उन्होंने बेंगलुरु की अच्छी नौकरी छोड़कर खेती को चुना था। लेकिन, प्रिंस ने इन बातों पर ध्यान नहीं दिया और अपना काम जारी रखा।
प्रिंस के सिखाए तरीकों से किसानों की फसल दोगुनी हो गई है और घाटा कम हुआ। धीरे-धीरे एग्रेट ने न केवल सप्लाई चेन को मजबूत किया, बल्कि किसानों को उनकी उपज के लिए बेहतर मार्केट लिंक भी प्रदान किए।

अब प्रिंस की सफलता को देखते हुए कई बड़ी कंपनियों ने भी उनके साथ पार्टनरशिप की है। AGRATE और इसके संस्थापक प्रिंस राज शुक्ला को बिहार में उद्यमिता और कृषि नवाचार के लिए बेस्ट लीडिंग बिहार इंटरप्रेन्योर अवार्ड सहित विभिन्न मंचों पर सम्मानित किया जा चुका है।
ये खबर भी पढ़ें
14 की उम्र में AI कंपनी के मालिक बने जैनम:बुर्ज खलीफा की 141वीं मंजिल पर ऑफिस, 6 की उम्र में शुरू किया यूट्यूब चैनल

स्कूल की पढ़ाई के साथ टेक्नोलॉजी की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाकर जैनम जैन पूरी दुनिया में छाए हुए हैं। वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वाले एक स्टार्टअप के फाउंडर हैं। उनके स्टार्टअप का नाम ‘मेंगो इंजन’ (Mengo Engine) है। जैनम का ऑफिस दुबई के बुर्ज खलीफा की 141वीं मंजिल पर है। पूरी खबर यहां पढ़ें


